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अपने कार्यकाल में मोदी ने कई बड़े काम किये पर असल चुनौतियां 2019 में होंगी

अपने कार्यकाल में मोदी ने कई बड़े काम किये पर असल चुनौतियां 2019 में होंगी

नया वर्ष हर व्यक्ति के लिए बीते हुए वर्ष की सफलताओं और उपलब्धियों के साथ-साथ कमियों और गलतियों का मूल्यांकन करने का समय है। यह हमें अपने आप को भावी वर्ष के लिए योजना बनाने, कार्य करने तथा आगामी वर्ष के लिए नये लक्ष्य तय करने का अवसर प्रदान करता है। नए साल की शुरुआत में हर व्यक्ति को भावी वर्ष के लिए नए लक्ष्य बनाने चाहिए और उन्हें पूरा करने की रणनीति बनानी चाहिए। जिससे कि अवसरों को सफलता में बदला जा सके। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने बीते वर्ष में अनेक उपलव्धियाँ हासिल की हैं, साथ-साथ अनेक सफलताएं भी पायी हैं। इन सफलताओं और उपलब्धियों में मोदी सरकार को अपनी गलतियों और कमियों पर पर्दा नहीं डालना चाहिए। बल्कि अपनी गलतियों और कमियों का मूल्यांकन करके भावी वर्ष के लिए रणनीति बनानी चाहिए। जिससे कि गलतियों और कमियों को सुधारकर अवसरों में बदला जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते वर्ष में जिस प्रकार से अनेक चुनौतियों का सामना किया, उसी प्रकार भावी वर्ष में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। कहा जाए तो साल 2019 में नरेंद्र मोदी को अनेक अग्नि परीक्षाओं से गुजरना पड़ेगा। 5 राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम) में हार के बाद सबसे पहली अग्नि परीक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 2019 का लोकसभा चुनाव होगा। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा नरेंद्र मोदी और अपने मुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में अपनी सत्ता गंवा चुकी है और तीनों ही राज्यों में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की सरकार बन चुकी है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की बात की जाए तो यहाँ भाजपा की पिछले पंद्रह साल से शिवराज सिंह चैहान और डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में सरकारें थीं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शिवराज सिंह चैहान और डॉ. रमन सिंह ने काफी विकास के काम किये इसके बावजूद भी दोनों राज्यों में भाजपा को सत्ता विरोधी लहर में हार का सामना करना पड़ा।

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