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उत्तराखंड में करोड़ों का नया खाद्यान्न घोटाला आया सामने

उत्तराखंड में करोड़ों का नया खाद्यान्न घोटाला आया सामने

उधमसिंह नगर में 600 करोड का खाद्यान्न घोटाला उजागर होने के बाद अब नया खाद्यान्न घोटाले का खुलासा हुआ। जांच रिपोर्ट में पिथौरागढ़ और बागेश्वर जनपद में करोड़ों का घोटाला हुआ।

सरकारी खाद्यान्न का वितरण यानी सरकारी गोदामों में जमकर लूट खसोट। गरीब और निर्धन लोगों के लिए दिए जाने वाले सस्ते खाद्यान्न को बांटने में नया घोटाला सामने आया है। पहले ही अरबों रुपये के खाद्यान्न घोटाले में घिरे खाद्यान्न महकमे की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।

उधमसिंह नगर जिले के बाद कुमाऊं मंडल में एक और खाद्यान्न घोटाले का खुलासा ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के विभिन्न सरकारी गोदामों में खाद्यान्न बांटने में जमकर धांधली बरती गई। तय राशनकार्डों की संख्या से ज्यादा अपात्रों को करोड़ों की राशि का खाद्यान्न बांट दिया गया।

मध्याह्न भोजन योजना में पिथौरागढ़ जिले में स्कूलों को निर्धारित से 11.65 लाख मूल्य का खाद्यान्न भेजना दर्शाया गया तो बागेश्वर जिले में मध्याह्न भोजन योजना में 61.13 कुंतल खाद्यान्न कम भेज दिया। रिपोर्ट में उक्त दोनों जिलों में विभिन्न अनियमितताओं में करीब 11 करोड़ के सरकारी धन के दुरुपयोग की तस्दीक की गई है।

उधमसिंह नगर जिले में सरकारी गोदामों में खाद्यान्न के भंडारण, वितरण और परिवहन में विभिन्न स्तरों पर धांधली डीएम की अध्यक्षता में हुई जांच समिति की रिपोर्ट में पकड़ में आ चुकी है। 600 करोड़ से ज्यादा के माने जा रहे इस घोटाले से सरकार और महकमे की नींद हराम हो गई।

अब सरकार की ओर से कराए गए ऑडिट में नया घोटाला सामने आया है। वर्ष 2015-16 में पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के सरकारी गोदामों में नियमों को ताक पर रखकर खाद्यान्न बांटा गया है।

निर्धारित से अधिक राशनकार्डों में खाद्यान्न घपला हुआ है। यह खेल दोनों ही जिलों में विभिन्न गोदामों ने अन्य गोदामों के दायरे में आने वाले उपभोक्ताओं को दर्शाकर गलत तरीके से खाद्यान्न आवंटित किया है।

बागेश्वर में करोड़ों की राशि का दुरुपयोग

बागेश्वर जिले के आंतरिक गोदामों में भी सरकारी अनाज को मनमाने तरीके से बांटा गया। बागेश्वर व गरुड़ के गोदामों ने तय राशन कार्डों की संख्या का ध्यान रखे बगैर खाद्यान्न और चीनी का तदर्थ आवंटन किया और बगैर प्रमाणित किए तय मात्रा से 1.26 करोड़ मूल्य के खाद्यान्न को बांट दिया गया। वर्ष 2013-14 से वर्ष 2015-16 तक राशनकार्डों की बिक्री से प्राप्त 2.96 लाख से ज्यादा धनराशि बैंक खाते में भी जमा नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस राशि के दुरुपयोग का अंदेशा है।

जिले में अप्रैल, 2015 से सितंबर, 2015 के बीच राशन विक्रेताओं को अंत्योदय अन्न योजना में 18 रुपये प्रति कुंतल की दर से बगैर प्रावधान के ही अनियमित तरीके से 1.53 लाख का लाभांश भुगतान किया गया। खाद्य आयुक्त के निर्देशों को ताक पर रखकर विक्रेताओं को 89441 रुपये का अनियमित भुगतान हुआ।

सेवा पुस्तिकाओं और सेवा संबंधी अभिलेखों के अनुरक्षण में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। गरुड़ स्थित सरकारी गोदाम में तय राशनकार्डों से अधिक खाद्यान्न गलत तरीके से आवंटित कर 48.72 लाख से ज्यादा के सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। गोदाम से राशन विक्रेताओं को 57294 रुपये लाभांश का अनियमित भुगतान हुआ है।

पिथौरागढ़ में अपात्रों पर बरसा खाद्यान्न

पिथौरागढ़ जिले के आंतरिक गोदामों ने भी अपने क्षेत्रों में निर्धारित से अधिक संख्या राशन कार्डों पर खाद्यान्न और चीनी वितरित की। इस खेल में 5.76 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के खाद्यान्न का अनियमित वितरण कर सरकार को चूना लगाया गया।

जिले में अपात्रों को 5,49,974 लीटर केरोसीन तेल देकर 2.04 करोड़ से अधिक सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। राज्यपोषित योजना के तहत कुल राशनकार्डों से 4732 अधिक राशनकार्ड दर्शाकर सरकारी खाद्यान्न को चूना लगाया गया है।

मध्याह्न भोजना योजना में 12.79 लाख से ज्यादा राशि का अनियमित भुगतान किया गया, जबकि खाद्यान्न परिवहन में ही प्राप्त निधि में 27.50 लाख की धनराशि का समायोजन नहीं हो पाया। आंतरिक गोदामों में 2015-16 में मध्याहन भोजन योजना में मांग की तुलना में संबंधित विद्यालयों को 11.65 लाख से ज्यादा राशि का खाद्यान्न अधिक जारी कर अनियमितता का खुलासा हुआ है।

राशन विक्रेताओं पर महकमे की मेहरबानी का अंदाजा इससे लग सकता है कि उन्हें 42 हजार से ज्यादा राशि के भुगतान में विभागीय निर्देशों का पालन नहीं हुआ। विभिन्न गोदामों में ऐसा किया गया है।

source :jagran

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