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उत्तराखण्ड विधानसभा का बजट सत्र 8 जून 2017 से प्रारम्भ

उत्तराखण्ड विधानसभा का बजट सत्र 8 जून 2017 से प्रारम्भ

देहरादून, 07 जून, 2017

उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष श्री प्रेम चन्द अग्रवाल जी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे0पी0नड्डा जी से दिल्ली स्थित निर्माण भवन उनके कार्यालय में भेंट कर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश में मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान आकर्षित कराते हुए श्री अग्रवाल ने आठ सूत्री माॅंग पत्र प्रस्तुत किया।

उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष श्री प्रेम चन्द अग्रवाल ने केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे0पी0नड्डा को दिये गये माॅंग पत्र में कहा है कि एम्स, ऋषिकेश में आकस्मिक सेवाओं के निदान हेतु ट्रामा सेन्टर, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 50 आॅपरेशन थियेटरों का निर्माण होना था, जबकि अभी तक मात्र 04 आॅपरेशन थियेटरों का ही निर्माण हो पाया है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री नड्डा से उत्तराखण्ड विधान सभा अध्यक्ष श्री प्रेम चन्द अग्रवाल ने कहा है कि एम्स, ऋषिकेश में नये पदो के सृजन में 70 प्रतिशत पद स्थानीय नागरिकों के लिए आरक्षित हों। इसके साथ ही तीमारदारों के लिए प्रतीक्षा कक्ष, स्वच्छ पेयजल एवं शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था की भी माॅंग की है।

श्री अग्रवाल ने कहा है कि एम्स ऋषिकेश में गहन चिकित्सा कक्ष (आई0सी0यू0) की सुविधा उपलब्ध कराना को कहा है एवं उन्होंने कहा कि  कैंसर रोगियों के लिए रेडिएशन थैरेपी की अभी तक उचित व्यवस्था नहीं है, जिसकी समुचित व्यवस्था नितान्त आवश्यक है।

इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा है कि एम्स, ऋषिकेश में उपचार हेतु पर्वतीय क्षेत्रों एवं दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग आते हैं। उन्होंने कहा कि एम्स की महत्ता एवं मरीजों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाए साथ ही श्री अग्रवाल ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे0पी0 नड्डा को उत्तराखण्ड आने का न्यौता भी दिया।

######मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जनपद अल्मोड़ा के विकासखण्ड भैसियाछाना के अन्तर्गत गैनार चूड़ा बैण्ड के पास हुई वाहन दुर्घटना में मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं दुःख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने के साथ ही घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना की है।

मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को 1 लाख रूपए, गम्भीर रूप से घायलों को 50 हजार रूपए व सामान्य घायलों को 25 हजार रूपए की सहायता राशि देने के निर्देश दिए हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्राप्त जानकारी अनुसार बुधवार प्रातः 9ः30 बजे एक बोलेरो सं0 यू0के0टी0ए0 9363 हल्द्वानी से बेरीनाग जाते समय स्थान विकासखण्ड भैसियाछाना के अन्तर्गत गैनार चूड़ा बैण्ड के पास अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। वाहन में कुल 11 व्यक्ति सवार थे। जिनमें 03 मृतक और 08 लोग घायल है।

पर्यटन मंत्री और पलायन समाधान समिति के अध्यक्ष श्री सतपाल महाराज ने बुधवार को सचिवालय में पलायन के समाधान के बारे में विभागीय सचिवों के साथ बैठक की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारियों से भी पलायन रोकने के सम्बंध में उनके सुझाव लिये।
गौरतलब है कि पहाड़ों से मैदानी क्षेत्रों में हो रहे पलायन को रोकने के लिए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में पलायन समाधान समिति का गठन किया गया है। इस समिति में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धन सिंह रावत, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य सदस्य हैं।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि चार धाम के कपाट बंद होने के बाद भी पड़ाव स्थलों पर पूजा होती रहती है। यमुनोत्री की पूजा खरसाली में, गंगोत्री की पूजा मुखबा में, केदारनाथ की पूजा ऊखीमठ में और बद्रीनाथ की पूजा पांडुकेश्वार में की जाती है। राज्य सरकार वर्षपर्यंत यात्रा को बढ़ावा देगी। इसके साथ ही विंटर डेस्टीनेशन भी विकसित किये जा रहे हैं। साल भर पर्यटकों और तीथयात्रियों के आवागमन से स्थानीय लोगों के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होने कहा कि पर्यटक पुलिस की भर्ती भी की जायेगी। पर्यटकों को पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी देने की जिम्मेदारी पर्यटक पुलिस की होगी। इसके साथ ही विभागीय बजट में रोजगार सृजन का भी जिक्र होना चाहिए। उन्होने कहा कि पलायन को रोकने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आदि बुनियादी सुविधाओं की भी व्यवस्था पर्वतीय क्षेत्रों में होनी चाहिए। पलायन रोकने के लिए विभागीय सचिवों और जिलाधिकारियों से सुझाव लिए गये हैं ।

आपदा की दृष्टि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। जल भराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी के लिए सुनियोजित योजना बनाई जाए। सभी बाढ़ चैकियों पर कर्मचारियों की ड्यूटी एवं आवश्यक उपकरणों की समुचित व्यवस्था की जाए। यह निर्देश जिलाधिकारी दीपक रावत ने कलक्ट्रेट रोशनाबाद में आपदा प्रबन्धन की बैठक लेते हुए दिये। जिलाधिकारी ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिये की सभी नालों की सफाई की जाए।  उन्होंने कहा कि राजाजी क्षेत्र में पड़ने वाले चैक डेम की सफाई करने वन विभाग स्वयं करे। यदि नगर निगम को चैक डेम की सफाई करने है तो उन्हें अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी 12 बाढ़ चैकियों पर आपदा से सम्बन्धित आवश्यक उपकरण उपलब्ध हों यदि किसी उपकरण की आवश्यकता है तो शीघ्र डिमाण्ड भेजी जाए। सिंचाई विभाग को कमजोर तटबन्धों की मरम्मत एवं कलमठों की सफाई करने तथा घाटों पर चैन आदि की व्यवस्था के निर्देश दिये। जल निगम एवं जल संस्थान को पानी की उचित निकासी के लिए सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा से राहत एवं बचाव के उपकरणों का उचित रख-रखाव एवं टेस्टिंग की जाए। तहसील स्तर पर भी वायरलेस सैट उपलब्ध कराये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं वाटर लौगिंग वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जायी। जिलाधिकारी ने किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए सभी विभाग अपनी तैयारियां पूर्ण रखें।

अस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन डाॅ अभिषेक त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डाॅ ललित नारायण मिश्र, एस.पी.सिटी ममता वोहरा,  संयुक्त मजिस्ट्रेट रूड़की मयूर दीक्षित, डी.एफ.ओ. एच.के.सिंह, सी.एम.ओ. प्रकाश थपलियाल, नगर मजिस्ट्रेट जय भारत सिंह, उप जिलाधिकारी हरिद्वार मनीष कुमार, उप जिलाधिकारी भगवानपुर अनिल गब्र्याल, उप जिलाधिकारी लक्सर कौस्तुभ मिश्रा, डी.डी.ओ. पुष्पेन्द्र चैहान, आपदा प्रबन्धन अधिकारी मीरा कैन्तुरा एवं सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

7 जून 2017 मुुख्य विकास अधिकारी बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में विकासभवन सभागार में सघन अतिसार नियंत्रण पखवाड़ा के आयोजन से पूर्व विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित किये जाने हेतु बैठक आयोजित की गयी। उन्होने कहा कि 12 से 24 जून 2017 तक डायरिया /अतिसार पखवाड़ा मनाया जा रहा है तथा उन्होने विभिन्न विभागों की भूमिका एवं दायित्व तय किये।
मुख्य विकास अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ टी.सी पंत तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास को आंगनबाड़ी केन्द्रों, पी.एच.सी, सी.एच.सी स्तर पर तथा आशा/एएनएम/एनएम/स्वाथ्य कर्मी के पास ओआरएस पैकेट, जिंक टैबलेट, हैण्डवाश, चूना छिड़काव तथा क्लोनीकरण की उपलब्धता तथा वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होने पी.एच.सी, सी.एच.सी, आंगनवाड़ी केन्द्रो तथा चुनिंदा सार्वजनिक स्थलों के साथ-2 जिला पंचायतीराज विभाग को ग्राम पंचायत स्तर पर भी बच्चों को स्वच्छता बरतने, प्रतिदिन स्नान करने, साफ सुथरे कपड़े पहनने, खाने से पूर्व हाथ साबुन से अच्छी तरह धौने, बरसात के दिनों में पानी उबालकर पीने, नाखुन व बाल साफ व छोटे रखने तथा ताजा भोजन खाने जैसी बातों का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये। उन्होने मलीन बस्तियों, घनी आबादी तथा जलमग्न सम्भावित प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिये।

केंद्रीय लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2016 के नतीजों ने एक बार फिर से, भारत के अग्रणी सिविल सेवा परीक्षा प्रशिक्षण संस्थान, चाणक्य आईएएस एकेडमी की श्रेष्ठता सिद्ध कर दी है। देश में शीर्ष पर रहे प्रथम 10 प्रत्याशियों में चार चाणक्य एकेडमी के छात्र रहे हैं। पूरे देश में अनेक स्थानों पर चाणक्य एकेडमी के केंद्र मौजूद हैं, और इस प्रतिष्ठित परीक्षा में एकेडमी के छात्रों ने बड़ी संख्या में सफलता अर्जित की है।

चाणक्य आईएएस एकेडमी के 434 से अधिक छात्र इस परीक्षा में चुने गये हैं। इनमें छः छात्र उत्तराखंड से हैं। तीन छात्र तो अकेले देहरादून से ही हैं। उत्तराखंड के शीर्ष पांच सफल प्रत्याशियों की बात करें, तो अल्मोड़ा की सौम्या गुरुनानी को भारत में 148 रैंक मिला है, रुडकी के रोहन कुमार को 294 और देहरादून की हिमाद्रि कौशिक को 304 रैंक मिला है। देहरादून के ही रितेश भट्ट को 361 रैंक और यहीं के मनीष जोशी को 1094 रैंक हासिल हुआ।

उल्लेखनीय है कि टॉप लिस्ट में दूसरा, चैथा, पांचवां, छठा और 12वां स्थान चाणक्य एकेडमी के छात्रों का रहा है। टॉप 10 में शामिल चार सफल चाणक्य प्रत्याशियों के नाम हैं- अनमोल शेर सिंह बेदी (रैंक 2), सौम्या पांडेय (रैंक 4), अभिलाश मिश्रा (रैंक 5) एवं कोथामासु दिनेश कुमार (रैंक 6)।

चाणक्य आईएएस एकेडमी के संस्थापक एवं चेयरमैन श्री ए0के0 मिश्रा उर्फ ‘सक्सेस गुरु’ ने बताया, ‘हमारा संस्थान पूरे देश से प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान करता है। ऐसे उम्दा छात्र जो आर्थिक कारणों से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, हम उनकी क्षमताओं को परख कर उनके रास्ते की आर्थिक बाधाओं को दूर करते हैं। ऐसा कोई भी छात्र जो सिविल सेवाओं में जाना चाहता है, लेकिन धन के अभाव में ऐसा नहीं सोच पा रहा है, उसे हम फीस में यथोचित छूट देंगे। यहां तक कि विकलांग छात्रों को हम अपने सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी) प्लान के तहत भी आर्थिक सहयोग प्रदान करने का निर्णय ले चुके हैं।’

चाणक्य आईएएस एकेडमी के तीन प्रोग्राम हैं- अपग्रेड फाउंडेशन कोर्स, यूएफसी (1 वर्ष)- स्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों अथवा कामकाजी पेशेवर युवाओं के लिए। यूएफसी (2 वर्ष)- ग्रेजुएशन कर रहे छात्रों के लिए, और यूएफसी (3 वर्ष)- बारहवीं कर चुके छात्रों के लिए जो अब स्नातक कोर्स करना चाहते हैं।

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