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कहीं ऑनलाइन गेमिंग या डेटिंग आपके बच्चे का ध्यान तो नहीं भटका रहें

कहीं ऑनलाइन गेमिंग या डेटिंग आपके बच्चे का ध्यान तो नहीं भटका रहें

बच्चों में इंटरनेट के प्रति बढ़ती लत पेरेंट्स के लिए एक बेहद ंिचंता का विषय बन गया है। इंटरनेट के माध्यम द्वारा हो रही खतरनाक गतिविधियाँ जैसे की ऑनलाइन शोषण, ड्रग अडिक्षन्स, आतंकवाद, इत्यादि बच्चों के भविष्य को नुकसान पहुँचा सकते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, पूरे विश्व में सबसे ज्यादा साईबर बुल्लिंग होने वाले देशों की लिस्ट में भारत तीसरे स्थान पर है। ऑनलाइन गेमिंग जैसे की हाल ही में हुए ब्लू व्हेल सुसाइड चौलेंज बच्चों की जान लेने का कारण भी बन सकता है। इन बढ़ते खतरों को देखते हुए, आरईवीई एन्टीवायरस ने अपना पेरेंटल कंट्रोल टूल भारत में लॉच किया है। आरईवीई एन्टीवायरस के सीईओ संजीत चटर्जी का कहना है कि च्च्पेरेंट्स के लिए अपने बच्चों को ऐसी खतरनाक अडिक्षन्स से बचना बेहद जरूरी है। बच्चों में व्यवहारिक बदलाव जैसे की अकेले रहना, देर रात घर आना, गुस्से में या डरे हुए रहना, इत्यादि को अनदेखा ना करें। पेरंेट्स टेक्नोलॉजिकल टूल्स जैसे की आरईवीई एन्टीवायरस पेरेंटल कंट्रोल टूल का इस्तेमाल कर के यह जाने की उनका बच्चा इंटरनेट पर क्या देख रहा है।

इन टूल्स की सहायता से आपे अपने बच्चों की ऑनलाईन गतिविधियों पर पूरी नजर रख सकते हैं और वो भी उन्हें बिना बताए।आरईवीई एन्टीवायरस पेरेंटल कंट्रोल टूल एक ऐसा अड्वॅन्स्ड टूल है जिसे आप अपने बच्चे के कंप्यूटर पर इन स्टॉल करके उनकी ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। आप अपने मोबाइल द्वारा किसी भीतर हकी वेबसाइट जैसे गेमिंग, अडल्ट, डेटिंग इत्यादि को उनके कंप्यूटर से ब्लॉक कर सकते हैं। आरईवीई एन्टीवायरस पेरेंटल कंट्रोल टूल से आप उनके कंप्यूटर पर इंटरनेट ब्राउज़ करने का टाइम भी सेट कर सकते हैं। इस टूल के ज़रिए अपने बच्चे की ऑनलाइन जानकारी प्राप्त करके पेरेंट्स उनको गलत रास्ते पर जाने से रोक सकते हैं।आज कल सोशियल मीडिया वेबसाइट्स जैसे फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, इत्यादि बच्चों का ध्यान भटका सकते हैं। अपने अनुभव और समझदारी से पेरेंट्स बच्चों को सही और गलत के बीच का फर्क समझा सकते हैं। आज ही आरईवीई एन्टीवायरस पेरेंटल कंट्रोल टूल का इस्तेमाल करके ये निश्चित करें की आपका बच्चा सही रास्ते पर हैं।

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