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मुसलमान हैं फिर भी अलग देश क्यों बना रहे कुर्द?

मुसलमान हैं फिर भी अलग देश क्यों बना रहे कुर्द?

इराक़ में कुर्दों ने अलग देश कुर्दिस्तान बनाने को लेकर जनमत संग्रह पर वोट किया है. ख़बर है कि इस जनमत संग्रह में भारी संख्या में कुर्द शामिल हुए हैं.

वोटों की गिनती अब भी जारी है. कहा जा है कि इस जनमत संग्रह का नतीजा अलग कुर्दिस्तान बनाने के पक्ष में आएगा.

हालांकि इस जनमत संग्रह का घर से लेकर बाहर तक विरोध हो रहा है. इराक़ की सरकार ने इसे अवैध बताया है तो दूसरी तरफ़ अमरीका और संयुक्त राष्ट्र ने भी इसका समर्थन नहीं किया है.

कुर्दों का कहना है कि जनमत संग्रह उनके पक्ष में रहा तो उन्हें अलग देश बनाने को लेकर एक राह मिलेगी. हालांकि इराक़ी प्रधानमंत्री ने इसे असंवैधानिक क़रार दिया है.

पड़ोसी देश तुर्की और ईरान को डर है कि इससे उनके यहां भी कुर्दों को अलगाव के लिए प्रेरणा मिलेगी. दोनों देश इस जनमत संग्रह का मुखर होकर विरोध कर रहे हैं और पूरे घटनाक्रम को लेकर काफ़ी सतर्क हैं.

अमरीकी विदेश मंत्रालय इसे लेकर काफ़ी निराश है. अमरीका ने कहा है कि इस तरह के किसी भी क़दम से इराक़ में स्थिरता लाने की कोशिश को धक्का लगेगा. वहां चुनाव आयोग के मुताबिक़ इस जनमत संग्रह में 72 फ़ीसदी मतदान हुआ है. भारी संख्या में मतदान के बाद कुर्दों ने जश्न भी मनाया है.

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