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10 लाख रूपये से अधिक की धनराशि पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा

10 लाख रूपये से अधिक की धनराशि पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा

देहरादून 11 जुलाई, 2017

केन्द्रीय राज्य मंत्री विधि एवं न्याय, इलैक्ट्राॅनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी श्री पी.पी. चौधरी ने बीजापुर अतिथि गृह में जी.एस.टी के सम्बन्ध में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि जी.एस.टी से भारत में सकारात्‍मक आर्थिक क्रान्ति आयेगी। जी.एस.टी से एक प्रकार के किसी भी उत्पाद पर सभी जगहों पर एक ही मूल्य निर्धारित होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वस्तु एवं सेवा कर में अच्छा स्ट्रक्चर खड़ा होगा एवं सिस्टम में पारदर्शिता आयेगी। श्री चौधरी ने कहा कि सभी बिन्दुओं पर गम्भीरता से मंथन के बाद 01 जुलाई 2017 को सम्पूर्ण देश में जी.एस.टी लागू किया गया है। जो एक देश में एक कर प्रणाली के रूप में आर्थिक आजादी के रूप में कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा कि जी.एस.टी एक सतत् प्रक्रिया है। सरकार सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही है।

10 लाख रूपये से अधिक की धनराशि पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। दस लाख से कम धनराशि पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं है, लेकिन जो रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते हैं कर सकते हैं। उत्तराखण्ड में 85 प्रतिशत व्यापारी जी.एस.टी के तहत रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं।

केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि उत्तराखण्ड में ट्रेडर्स, बिजनेस एवं इंडस्ट्री के लिए 10 लाख रूपये से अधिक की धनराशि पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। दस लाख से कम धनराशि पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं है, लेकिन जो रजिस्ट्रेशन करवाना चाहते हैं कर सकते हैं। उत्तराखण्ड में 85 प्रतिशत व्यापारी जी.एस.टी के तहत रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जी.एस.टी के सफल क्रियान्वयन के लिए औद्योगिक एवं व्यपारिक संगठनों के साथ बैठक की गई एवं उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना गया। समस्याओं के निवारण के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।

केंद्र जीएसटी कमिशनरेट से आयुक्त कर श्री प्रदीप गोयल एवं राज्य के आयुक्त कर श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी ने जानकारी दी कि दोनों विभाग टीम के रूप में आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। जीएसटी के संदर्भ में सभी आवश्यक नोटिफिकेशन समय रहते जारी कर दिए गए हैं। प्रारंभिक अवधि में व्यापारियों के मार्गदर्शन का हर संभव प्रयास विभाग द्वारा किए जा रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर कॉमन सर्विस सेंटर को जीएसटी सेवा केंद्रों के रूप में सक्षम बना कर तैयार किया गया है एवं राज्य भर से लगभग 2022 जीएसटी मित्रों को प्रशिक्षित किया गया है। जीएसटी मित्र व्यापारियों का पंजीयन लेने, रिटर्न फाइलिंग, भुगतान एवं रिफण्ड संबंधी ऑनलाइन सुविधा हेतु सहायता करेंगे, एवं जीएसटी अधिनियम में प्रावधानित Tax Pactitioners के रूप में कार्य करेंगे। इस पहल से न केवल युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा व दूरस्थ क्षेत्रों तक व्यापारियों को सुविधा प्राप्त होगी। समस्त स्टेकहोल्डर का परीक्षण लगभग 8 माह पूर्व से ही युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिया गया था। जिसे हेतु राज्य के सभी दूरस्थ क्षेत्रों तक कार्यशाला आयोजित की जा रही है ताकि व्यापारी जागरुक रहे एवं उन्हें जीएसटी के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की परेशानी ना हो।

व्यापारियों की आसानी के लिए वैट के गत तीन वर्षों के वादों के स्वतः निस्तारण हेतु Deemed Scheme लायी गयी है। इसके अन्तर्गत वर्ष 2013-14 में 25537, 2014-15 में 87375 एवं 2015-16 में 105086 वाद (कुल 217998 वाद) स्वतः निस्तारित होंगे। जीएसटी में Entertainment Tax Deptt. के संविलयन की प्रक्रिया गतिमान है। उक्त संविलयन को दृश्टिगत रखते हुए राज्य सरकार द्वारा वाणिज्य कर विभाग में राज्य माल और सेवा कर निरीक्षक के पद अधिसूचित किये गये हैं। GSTN द्वारा जब तक e-way bill developugha किया जाता है तब तक राज्य द्वारा आयातित माल के सम्बन्ध में अपना online system develop किया जा रहा है, इसमें पुरानी फाॅर्म-16 वाली व्यवस्था नहीं होगी। नई कर प्रणाली में माल का परिवहन कैसे किया जाना है, कौन से आवश्यक दस्तावेज यथा Tax Invoice, Delivery Challan, Bill of Supply, माल परिवहन के साथ रखे जाने है इनसे व्यापारियों को अवगत करा दिया गया है। माईग्रेशन एवं जी.एस.टी. पंजीयन के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देशों को जारी करते हुए व्यापारियों को इनसे अवगत करा दिया गया है।

###### 20 जुलाई से नये विद्याार्थियों की कक्षायें प्रारम्भ करना सुनिश्चित- उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ0 धन सिंह रावत

देहरादून 11 जुलाई, 2017
माननीय उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ0 धन सिंह रावत जी राज्य में उच्च शिक्षा की प्रगति एवं गुणवत्ता की वृद्वि के लिए निरन्तर प्रयत्नशील हैं। आज उनके द्वारा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के वार्षिक शैक्षणिक कैलेण्डर सत्र 2017-18 का अवलोकन किया गया। उन्होने सख्त आदेश दिये है, कि सभी विश्वविद्यालय तथा उनसे सम्बद्व महाविद्यालय इन शैक्षणिक कैलेण्डरों का पूर्णतः पालन करना सुनिश्चित करें। निदेशक, उच्चशिक्षा से मिली जानकारी के अनुसार श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय टिहरी गढ़वाल के शैक्षणिक सत्र का प्रारम्भ -18 जुलाई, हे0न0ब0ग0 विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल 11 जुलाई, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी (ग्रीष्म कालीन सत्र) 01 मई, (शीत कालीन सत्र) 01 जनवरी दून विश्वविद्यालय (सर्टिफिकेट कार्यक्रम) 01 जुलाई तथा नये छात्रों के पठन-पाठन आरम्भ होने की तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गयी है इसी प्रकार कुमाऊ विश्वविद्यालय नैनीताल ने भी 20 जुलाई से नये विद्याार्थियों की कक्षायें प्रारम्भ करना सुनिश्चित किया है। उत्तराखण्ड आवासीय विश्वविद्यालय अल्मोड़ा का शैक्षणिक कैलेण्डर 22 जुलाई से प्रारम्भ होगा। इस प्रकार प्रायः राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षण कार्य जुलाई माह में प्रारम्भ हो जाएगा।

राज्य के सभी विश्वविद्यालयों ने अपने परिसर एवं सम्बद्व महाविद्यालयों के लिए कार्य दिवसों की सूचि भी बनाई है। श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड राज्य विश्वविद्यालय का सम्पूर्ण कार्य दिवस 205 एवं पठन पाठन 190, दून विश्वविद्यालय देहरादून का सम्पूर्ण कार्य दिवस 193 एवं पठन पाठन 184, कुमांऊ विश्वविद्यालय नैनीताल प्रथम एवं तृतीय सेमस्टर की अवधि 22 जुलाई से 25 नवम्बर कुल 90 दिन एवं परीक्षाऐ 04 दिसंबर से 23 दिसंबर कुल 20 दिन, इसी प्रकार द्वितीय एवं चतुर्थ सेमस्टर की अवधि 25 जनवरी, 2018 से 16 मई 2018 कुल 90 दिन एवं परीक्षा 24 मई 2018 से 09 जून 2018 कुल 15 दिन निर्धारित की है। उत्तराखण्ड आवासीय विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के द्वारा प्रथम एवं तृतीय सेमस्टर की परीक्षाओं की अवधि 15 नवम्बर से 15 दिसंबर, द्वितीय एवं चतुर्थ समेस्टर की अवधि 15 मई से 15 जून तक निर्धारित की गयी है। हे0न0ब0ग0 विश्वविद्यालय ने प्रथम एवं तृतीय की समयावधि 20 जुलाई 2017 से 20 दिसम्बर 2017 एवं द्वितीय एवं चतुर्थ समेस्टर 16 जनवरी 2018 से 31 मई 2018 निर्धारित की है।

ज्ञातव्य है कि माननीय उच्च शिक्षा मंत्री विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्वच्छ एवं गरिमापूर्ण शैक्षिक वातावरण के निर्माण करने की ओर लगातार प्रयत्नशील है और चाहते हैं कि विश्वविद्यालय एवं सम्बद्ध महाविद्यालय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कैलेण्डर का पालन करें। डाॅ0 रावत का यह भी विचार है कि राष्ट्रीय ध्वज फहरायें एवं प्रतिदिन राष्ट्रगान एवं राष्ट्रीय गीत का वाचन करें जिससे विद्यार्थियों के हृदय में देशप्रेम की भावना को बलवती होगी।
अन्य विषयों पर विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण बनाने हेतु कुलपतियों/प्राचार्यों, छात्र संगठनों के साथ उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा अनेक बार वार्ता कर सहमति बनाई गयी है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार प्रातः मसूरी बाईपास रोड पर हुई वाहन दुर्घटना में मृतको के प्रति गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं दुःख की इस घडी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से कामना की है।

गांव में मिलजुलकर कार्य करना ही सहकारिता- विधान सभा अध्यक्ष

ऋषिकेश 11 जुलाई।
अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अन्तर्गत संचालित हो रहे कार्यक्रम के तहत ऋषिकेश विधान सभा के श्यामपुर में किसान सेवा सहकारी समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए विधान सभा अध्यक्ष श्री प्रेम चन्द अग्रवाल जी ने कहा है कि सहकारिता एवं आन्दोलन है।
श्यामपुर किसान सेवा सहकारी समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित विधान सभा अध्यक्ष श्री प्रेम चन्द अग्रवाल ने कहा है कि गांव में मिलजुलकर कार्य करना ही सहकारिता है। उन्होंने कहा है कि प्राचीन समय में लोग परस्पर प्यार प्रेम से रहते थे और एक दूसरे के कार्य में सहयोग करते थे वास्तव में यही सहकारिता थी। यह बात अलग है कि अब सहकारित के लिए सरकारी स्तर पर समीतियों का गठन कर प्रयास किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा है कि सरकार के माध्यम से सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किये जा रहे हैं। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री डा0 धन सिंह रावत जी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर डा0 दया शंकर, रविन्द्र राणा जिला उपाध्यक्ष, विपिन पन्त, संजीव चैहान, पंकज भट्ट, जयन्त रावत, सरोज सिंह पुण्डीर, भगवती सेमवाल सहित आदि लोग मौजूद थे।

::::::राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा बैठक एवं जन सुनवाई

देहरादून 11 जुलाई 2017

ईसी रोड स्थित आयुक्त कैम्प कार्यालय में आयुक्त गढवाल विनोद शर्मा तथा पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था दीपम सेठ की संयुक्त अध्यक्षता में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा 13 व 14 जुलाई को आयोजित गल्र्स आई.टी.आई (आई.आर.डी.टी) आॅडिटोरियम में दो दिवसीय मुक्त शिविर (बैठक एवं जन सुनवाई) की तैयारियों की समीक्षा के सम्बन्ध में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गयी।
बैठक में आयुक्त गढवाल विनोद शर्मा ने अपर सचिव गोपाल सिंह मनराल व जिलाधिकारी देहरादून एस.ए मुरूगेसन को विभिन्न विभागों में लम्बित अनुसूचित जाति/जनजाति की शिकायतों से सम्बन्धित विभिन्न मामलों की समीक्षा करते हुए आयोग की बैठक हेतु उचित जवाबदेही तय करने को निर्देशित किया। उन्होेने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्यों व उनके स्टाफ को आगमन के समय रिसीव करने तथा बीजापुर गेस्ट हाउस में वरिष्ठता क्रम के अनुसार ठहरने की उचित व्यवस्था हेतु पृथक-2 लाईजन अधिकारी नियुक्त करते हुए सम्बन्धित को दूरभाष न0 साझा करने के निर्देश दिये।

पुलिस महानिरीक्षक दीपम सेठ ने उप महानिरीक्षक गढवाल पुष्पक ज्योति तथा पुलिस अधीक्षक मुख्यालय (मानवाधिकार आयोग प्रकोष्ठ) सुखबीर सिंह को सभी जनपदों में लम्बित शिकायत के मामलों की तत्काल समीक्षा करते हुए जवाबदेही तय करने तथा व्यक्तिगत मामलों में आयोग के समक्ष सम्बन्धित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
इसके पश्चात आयुक्त गढवाल तथा पुलिस महानिरीक्षक द्वारा कार्यक्रम स्थल आई.टी.आई(आई.आर.डी.टी) आॅडिटोरियम का स्थलीय निरीक्षण करते हुए डायस प्लान, सिटिंग प्लान, कैटरिंग व्यवस्था सम्बन्धित तैयारियों का जायजा लेते हुए आयोग के मा0 सदस्य, वरिष्ठ अधिकारियों तथा फरियादियों के लिए जलपान, पेयजल, शौचालय इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेसन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वीर सिंह बुदियाल, नगर मजिस्टेªट सी.एस मर्तोलिया, पुलिस अधीक्षक देहात सरिता डोभाल सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

समस्त कारागरों की समीक्षा

महानिरीक्षक कारागार डा0 पी0वी0के0 प्रसाद द्वारा कारागार मुख्यालय देहरादून में कारागार विभाग के अधीन समस्त कारागरों की समीक्षा की गयी। समीक्षा बैठक में समस्त जनपदों के कारागारों के वरिष्ठ अधीक्षक/अधीक्षक/कारापालों द्वारा प्रतिभाग किया गया। समीक्षा बैठक में विभिन्न सुरक्षा बिन्दुओं की महानिरीक्षक कारागार द्वारा समीक्षा की गयी। कारागारों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किये जाने, मुलाकात व्यवस्था को दुरस्त किये जाने, बन्दियों के मानवाधिकारों की सुरक्षा एवं उनके सुरक्षित रखरखाव के निर्देश महानिरीक्षक कारागार द्वारा दिये गये। कारागारों में सघन तलाशी हेतु डोर फ्रेम मैटल डिटेक्टर, हैण्ड हैल्ड मैटर डिटेक्टर लगाये जाने के भी निर्देश दिये गये।
इस अवसर पर महानिरीक्षक डाॅ0 पी0वी0के0 प्रसाद द्वारा कारागारों में निरूद्ध बन्दियों की सुचारू चिकित्सा व्यवस्था हेतु विभाग में नये क्रय किये गये एम्बुलेंस वाहनों हरी झण्डी देकर रवाना किया गया।

सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में जागरूक करने की आवश्यकता

देहरादून 11 जुलाई 2017 ,जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन की अध्यक्षता में विकासभवन सभागार में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में आम जनमानस को यातायात के नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करने की आवश्यकता है जिसके लिए सम्बन्धित विभागों द्वारा ठीक प्रकार से प्रचार-प्रसार किया जाये तथा जिन स्थानों पर ज्याद दुर्घटनाएं हो रही हैं उन स्थानों पर दुर्घटना रोकने हेतु सम्बन्धित विभागों द्वारा उचित प्रबन्धन कराने के निर्देश दिये, जिसके लिए जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को अगली बैठक अपने-2 विभागों से सम्बन्धित चिन्हित किये गये स्थानों के सम्बन्ध में पूर्ण विवरण के साथ बैठक में उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे, जिसमें उन्होने राष्ट्रीय राजमार्ग, लो.नि.वि, नगर निगम, नगर पंचायत आदि विभागों के अधिकारियों को उपस्थित होने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि ऐसे स्थानों पर पर्याप्त साईन बोर्ड लगाये जायें ताकि होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि स्कूलों के माध्यम से भी सड़क सुरक्षा के नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये तथा छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के बारे में जानकारी दी जाये।

उन्होने पुलिस अधीक्षक यातायात को निर्देश दिये हैं कि सड़क किनारे हो रहे अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये ताकि अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित न होने पाये। उन्होने यह भी निर्देश दिये हैं कि सड़क किनारे उपयोग न होने वाले विद्युत एवं टेलीफोन पोलों को हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होने यह भी निर्देश दिये हैं कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशानुसार छ नियमों का पालन कराना आवश्यक है जिसमें ओवर स्पीड/रेस ड्राविंग, वाहन चलाते समय मोबाईल का प्रयोग करना, रेड लाईट पर जम्प करना, ओवर लोडिंग, नशे की हालत में वाहन चलाना, माल वाहन में सवारी ले जाना के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए ऐसे करने वालों ड्राईविंग लाईसेंस निरस्त करने की कार्यवाही की जाये।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक यातायात ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी की सहभागिता की आवश्यकता है, जिसमें सभी आम जनमानस को यातायात नियमों का पालन करना आवश्यक है तभी सड़क दुर्घटनाओं को कम कर सकते हैं, इसके लिए उन्होने सभी शासकीय एवं गैर शासकीय विद्यालयों में सड़क दुर्घटना से सम्बन्धित विषय को सम्मिलित करने का सुझाव दिया, जिसके माध्यम से बच्चों को यातायात के नियमों के बारे में शुरू से ही जानकारी प्राप्त होकर यातायात के नियमों का पालन कर सकें। उन्होने बताया कि वर्ष 2014 से माह जून 2017 तक 1106 दुर्घटनाएं हुई हैं जिसमें 490 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है 922 व्यक्ति घायल हुए हैं। उन्होने यह भी अवगत कराया कि विगत 3 वर्षों में वर्ष 2014 से जून 2017 तक कोर्ट के माध्यम से 83,270 चालान किये गये हैं तथा 9,090 वाहन सीज किये गये तथा संयोजन चालान 2,29,027 तथा 1,76022 चालान चस्पा किये गये जिसमें कुल चालान 4,97,402 हुए, जिसके माध्यम से 3,27,79,400 रू0 की धनराशि वसूली गयी। के्रन वाहन इन्टासेप्टर वाहन के माध्यम से 1.01.2017 से 30.06.2017 तक के्रन वाहन के द्वारा 2,143 चालान किये गये जिसके माध्यम से 9,88000 रू0 की घनराशि वसूली गयी तथा इन्टासेप्टर वाहन द्वारा 7,247 वाहनों के चालान किये गये, जिसके माध्यम से 7,42,302 रू0 की धनराशि वसूली गयी।

बैठक में सी.ओ यातायात जया बलूनी द्वारा यातायात नियमों के सम्बन्ध में स्लाईड शौ के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जी.एस रावत, सहायक परिवहन अधिकारी अरविन्द पाण्डेय, नगर निगम, सिविल डिफेंस एवं स्वंय सहायता समूह के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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प्राथमिकता के आधार पर ग्राम पंचायतों में कार्य करना सुनिश्चित करें

देहरादून 11 जुलाई 2017 स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों में को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबन्धन कार्यों के सम्पादन हेतु जनपद स्तर पर गठित समिति की बैठक जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेसन की अध्यक्षता में विकासभवन सभागार में स्वजल परियोजना प्रबन्धन एवं रेखीय विभागों के साथ बैठक आयोजित की गयी, जिसमें जिलाधिकारी ने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबन्धन के तहत सभी विभाग युगपतिकरण के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर ग्राम पंचायतों में कार्य करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन स्तर पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबन्धन हेतु शुरूआत में जनपद केवल 54 ग्राम पंचायतों को चिन्हित किया गया है, जिसमें ग्राम पंचायतों की खुली बैठक के माध्यम से सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय के साथ अपने-2 विभागों की कार्य योजना की जानकारी देते हुए डी.पी.आर एवं प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होेेने कहा कि इसमें विकासखण्ड डोईवाला की 15 ग्राम पंचायतें, विकासखण्ड रायपुर की 21 ग्राम पंचायतें, विकासखण्ड सहसपुर की 6 ग्राम पंचायतें, विकासनगर की 4 ग्राम पंचायतें, कालसी की 3 ग्राम पंचायतें तथा चकराता की 5 ग्राम पंचायतें चयनित की गयी हैं। उन्होने सभी रेखीय विभाग जिसमें उद्यान, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास, कृषि विभाग, आदि रेखीय विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये।

इस अवस पर मुख्य विकास अधिकारी जी.एस रावत, जिला विकास अधिकारी प्रदीप पाण्डेय, जिला पंचायतीराज अधिकारी एम जफर खान, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए आर एस रावत, परियोजना प्रबन्धक स्वजल सुमन कुटियाल सहित सम्बन्धित रेखीय विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

देहरादून 11 जुलाई 2017

जिलाधिकारी एस ए मुरूगेसन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती द्वारा आगामी 13 व 14 जुलाई 2017 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्यों द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से सम्बन्धित विभिन्न मुद्दों तथा उनकी समस्याओं के निस्तारण करने के सम्बन्ध में की जाने वाली दो दिवसीय मुक्त शिविर (बैठक व सुनवाई) के आयोजन के मद्देनजर आयोजन स्थल ई.सी रोड स्थित महिला आईटीआई (आई.आर.डी.टी) आॅडिटोरियम का निरीक्षण करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में लो.नि.वि, पुलिस, समाज कल्याण, संस्कृति विभाग तथा सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को मौके पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

जिलाधिकारी ने प्रतिवेदनों की सुनवाई हेतु 3 कोर्ट बैंच बनाये जाने तथा प्रत्येक कोर्ट में कम्प्यूटर, प्रिन्टर, इन्टरनेट सुविधा व आपरेटर संचालक रखने तथा इस दौरान लैण्डलाईन टेलीफोन, अबाधित विद्युत आपूर्ति, जलापूर्ति, शौचालय व पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होेने कोर्ट में विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों, फरियादियों/शिकायतकर्ताओं, दर्शकों व पत्रकारों बैठने की समुचित व्यवस्था करने तथा शिविर के आयोजन से पूर्व विभिन्न विभागों की शिकायतों के सम्बन्ध में प्रतिवेदकों की सूची प्राप्त करने तथा सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को तैयारी के साथ शिविर में उपस्थित होने के लिए सूचित करने के निर्देश दिये। उन्होने राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के मा0 न्यायामूर्ति एवं महानुभावों के लिए उद्घाटन समारोह में पुष्प गुच्छ, दीप प्रज्वलन तथा उनको स्टाफ सहित सूक्ष्म जलपान इत्यादि हेतु 4 लाईजन अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिये। उन्होने नगर निगम को साफ-सफाई तथा कार्यक्रम स्थल को चूने द्वारा चिन्हीकरण करने तथा लो.नि.वि को फरियादियों के जलपान /बैठने हेतु टैन्ट की व्यवस्था करने के निर्देश दिये।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वीर सिंह बुदियाल ने अवगत कराया कि शिविर के उद्घाटन में उत्तराखण्ड मानवाधिकार आयोग, उत्तराखण्ड अनुसूचित जाति आयोग, राज्य महिला आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष /उपाध्यक्ष भी आमंत्रित होंगे, साथ ही साथ ख्याति प्राप्त गैर सरकारी संगठनों को शिविर में प्रतिभाग करने हेतु आमंत्रित किया जायेगा, इसके अतिरिक्त शिक्षा, चिकित्सा, श्रम, पुलिस , कारागार, खाद, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास व पुष्टाहार विभाग के मुख्यालय/ निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे तथा कार्यक्रम के पहले 13 जुलाई को आयोग द्वारा मुक्त सुनवाई की जायेगी व दूसरे दिन विभिन्न गैर सरकारी संगठनों, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों (प्रभारी सचिव तथा पुलिस महानिरीक्षक स्तर तथा उससे उच्च अधिकारियों ) के साथ बैठक आयोजित करने के पश्चात आयोेग द्वारा मीडिया को ब्रिफ किये जाने का कार्यक्रम निर्धारित है। उन्होने कहा कि 13 जुलाई को प्रातः 10 बजे स्वागत/उद्घाटन समारोह, प्रातः 11 बजे से आयोग के माननीय सदस्यों द्वारा सुनवाई प्रारम्भ की जायेगी तथा माननीय आयोग की 14 जुलाई को प्रातः 10 बजे से गैर सरकारी संगठनों के साथ, प्रातः 11ः30 से अपरान्ह 12ः30 बजे तक राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करने के पश्चात अपरान्ह 12ः30 बजे से मीडिया ब्रिफिंग करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
इस अवसर पर नगर मजिस्टेªट सी.एस मर्तोलिया, संयुक्त सचिव आई.आर.डी.टी मुकेश पाण्डेय, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य मनमोहन कुडियाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

##परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक
देहरादून 11 जुलाई 2017
प्रदेश के परिवहन, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, ग्रामीण तालाब विकास, सीमान्त क्षेत्र विकास, परिक्षेत्र विकास एवं प्रबन्धन, पिछड़ा क्षेत्र विकास मंत्री यशपाल आर्य की अध्यक्षता में विधान सभा स्थित अपन कक्ष में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक की।
उन्होंने माननीय उच्चतम न्यायालय के सड़क सुरक्षा हेतु दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक प्रस्ताव एवं तथा प्रदेश की यातायात व्यवस्था के अध्ययन एवं उसमें सुधार के मध्यनजर प्रस्ताव बनाने हेतु एक विशेषज्ञ संस्था नामित करने के निर्देश दिये, जिसमें वाहन दुर्घटना को रोकने हेतु आवश्यक सुझावों को प्रस्ताव में शामिल किया जाय। परिवहन मंत्री ने देहरादून, काशीपुर, रूद्रपुर, हल्द्वानी, हरिद्वार आदि प्रमुख शहरों की यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने एवं दुर्घटना नियंत्रण विषयक अध्ययन भी संस्था से कराने एवं कार्य योजना तैयार कराने के निर्देश दिये। योजना में ट्रैफिक व्यवस्था बस स्टैंड के पुनरूद्धार, मेट्रोरेल की योजना को भी कार्ययोजना में शामिल कराने के निर्देश दिये।
परिवहन मंत्री ने लोनिवि द्वारा चिन्हित ब्लैक स्पाॅट को ठीक कराने विषयक सुझाव भी कार्य योजना में शामिल कराने के निर्देश दिये।
उन्होंने परिवहन विभाग के राजस्व लक्ष्य 660 करोड़ को बढ़ाने की रणनीति के तहत कार्य करने के निर्देश दिये तथा समाज कल्याण एवं अन्य विभागों में लम्बित परिवहन के धन की शासन को शीघ्र जारी कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने परिवहन निगम की ग्रीन सेस में उपलब्ध धनराशि से सड़क के किनारे यात्री शेड निर्माण एवं डिपो में स्थापना विकास में खर्च करने के निर्देश दिये।
उन्होंने जनपद के राष्ट्रीय राजमार्गों एवं राज्य राजमार्गाें पर बाधा उत्पन्न करने वाले होल्डिंग को हटाये जाने का सख्ती से अनुपालन कराने के भी निर्देश दिये। उन्होंने वाहन दुर्घटना रोकने के लिए गुड स्मार्टियन गाइड लाईन का विस्तृत प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये। परिवहन मंत्री ने तकनीकी आफीसर्स बढ़ाने, इन्फोर्समेन्ट स्क्वायड बढ़ाने, मोटर बाइक एंबुलेंस आदि के पूर्व निर्देशों की प्रगति की भी समीक्षा की।

देहरादून 11 जुलाई

2017। अमरनाथ यात्रा के लिए गुजरात से आयी तीर्थयात्रियों से भरी बस पर सोमवार को रात्रि में आतंकियों द्वारा अंधाधुंध गोली बारी चलाई गयी। जिसमें सात यात्री मारे गये और कई यात्री घायल हो गये हैं। शिव सेना प्रदेश अध्यक्ष गौरव कुमार ने घाटी में अमरनाथ यात्रा बस पर हुये हमले की घोर निंदा की है। गौरव कुमार ने कहा कि पहले तो आतंकी केवल हमारी सेना को निशाना बनाते थै और अब वे सिधे आमजन के साथ-साथ तीर्थयात्रियों को भी अपना निशाना बना रहे हैं। अब तो पानी सर से ऊपर चढ़ता जा रहा है जबकि हमसब को यह पता है कि ये सब आतंकवादी घटनायें पाकिस्तान द्वारा प्रयोजित है तथा कई आतंकवादी कैंप पाक अधिकृत कश्मीर में चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनको तुरन्त नष्ट करने की कार्यवाही की जानी चाहिए।

आतंकी हमले में मारे गये लोगों को मैं श्रद्धांजलि देते हुए घायल लोंगों के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि इस कठिन समय में उनके परिवार वालों को ईश्वर शक्ति दें।

मसूरी के निकट सड़क हादसे पर गहरा दुःख जताया

देहरादून जुलाईः
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ने जनपद देहरादून के मसूरी के निकट लम्बीधार-किमाडी मोटर मार्ग पर हुए सड़क हादसे पर गहरा दुःख जताया है। श्री प्रीतम सिंह ने सड़क दुर्घटना में मृतक श्री विक्रम सिंह पुण्डीर, श्री मनोज पुण्डीर एवं श्री सुरेष के निधन पर गहरा षोक व्यक्त करते हुए षोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। श्री प्रीतम ंिसह ने कोरोनेषन चिकित्सालय पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर तीनों लोगों के निधन पर षोक प्रकट करते हुए उनके परिजनों को सांत्वना दी।
प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ने पर्वतीय क्षेत्र में लगातार हो रही इस प्रकार की सड़क दुर्घटनाओं को पहाड़ी मार्गों के लिए अभिषाप बताते हुए कहा कि पहाड़ों में होने वाले ऐसे हृदय विदारक हादसों को रोकने के उपाय होने चाहिए। श्री प्रीतम सिह ने मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र रावत से सड़क दुर्घटना मे मृतकों के आश्रितों को उचित मुआबजा दिये जाने तथा घायलों के उचित उपचार की भी मांग की है।
श्री प्रीतम सिंह ने मृतकों की आत्म षांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि इस दुःख की घडी में पूरा कांग्रेस परिवार उनके परिजनों के साथ है, हम सभी कांग्रेसजनों की प्रार्थना है कि ईष्वर मृत आत्माओं को षान्ति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की षक्ति देवें।

प्रदेष कांग्रेस अध्यक्ष श्री प्रीतम सिह जी के साथ कोरोनेषन चिकित्सालय पहुंचे प्रदेष कांग्रेस महामंत्री श्री विजय सारस्वत, पूर्व राज्यमंत्री संजय पालीवाल, मुख्य कार्यक्रम समन्वयक राजेन्द्र षाह, पूर्व प्रवक्ता अजय सिह, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द षर्मा, प्रदेष सचिव भरत षर्मा, गिरीष पुनेड़ा, जिलाध्यक्ष यामीन अंसारी, प्रमुख महेन्द्र राणा एवं राजीव जैन ने भी मृतकों के प्रति षोक प्रकट करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की

चमोली NEWS;

चमोली 11 जुलाई,2017
जिला आपदा कन्ट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार 10 जुलाई को 1,594 तीर्थयात्री बद्रीनाथ तथा 603 तीर्थयात्री हेमकुण्ड साहिब दर्शनार्थ पहुॅचे। 10 जुलाई तक 6,44,889 तीर्थयात्री बद्रीनाथ तथा 85,871 तीर्थयात्री हेमकुण्ड साहिब के दर्शन कर चुके है। 11 जुलाई को प्रातः 8ः00 बजे अलकनंन्दा नदी का जलस्तर 954.18 मी0, नन्दाकिनी का 868.05 मी0 तथा पिण्डर का 769.36 मी0 मापा गया। वही तहसील चमोली में 21 एमएम, कर्णप्रयाग में 34.9 एमएम, जोशीमठ 12.8 एमएम, पोखरी में 19 एमएम, गैरसैंण में 16 एमएम तथा थराली में 49 एमएम वर्षा रिकार्ड की गयी।

सोमवार रात्रि को जिले में हुई बारिश के चलते तहसील घाट के अन्तर्गत 02 भवन आंशिक एवं एक घराट पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है साथ ही एक आवासीय भवन के अन्दर मलवा आने से खाद्यान व कपड़े पूर्णतया नष्ट हुए है। ग्राम सेरा एवं कुण्डी में काश्तकारों की नाप भूमि कटाव के कारण क्षतिग्रस्त हुई है, क्षतिग्रस्त भूमि का आंकलन किया जा रहा है। वही ग्राम वाॅसवाडा एवं धुर्मा की 02 पुलिया क्षतिग्रस्त हुई है। घाट-भेंटी मोटर मार्ग पर ननगुला गधेरे में भारी मलवा आने से मैक्स वाहन यू0के0 11टी0ए0-1647 मलबे की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुआ है। वही नायब तहसीलदार गैरसैंण ने बताया कि गैरसैंण के कण्डारीखोड में एक पैदल पुलिया तथा जलजोरा क्षेत्र में दो पैदल पुलिया क्षतिग्रस्त हुई है तथा जुवाग्वाड जूनियर हाईस्कूल में मलवा आने से स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हुआ है।

भारी बारिश एवं नुकसान के संबध में पल-पल जानकारी लेते रहे

चमोली 11 जुलाई,2017
सोमवार रात्रि को जिले के कुछ स्थानों में भारी बारिश के चलते जिला स्तरीय आईआरएस के सभी नोडल अधिकारी जिला आपदा कन्ट्रोल रूम में एकत्रित हुए। आईआरएस के रिसपोंन्सिबिल आॅफिसर/जिलाधिकारी आशीष जोशी ने नोडल अधिकारियों के साथ स्थिति पर विचार विर्मश करते हुए तहसील स्तरीय आईआरएस के नोडल अधिकारियों से क्षेत्रों में हुई भारी बारिश एवं नुकसान के संबध में पल-पल जानकारी लेते रहे और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे। जिलाधिकारी के साथ पुलिस अधीक्षक/डिप्टी रिसपोंसिबिल आॅफिसर तृप्ति भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी/लाइजेनिंग आॅफिसर विनोद गोस्वामी, अपर जिलाधिकारी ईला गिरी, फाइनेंस डारेक्टर/सीटीओ वीरेन्द्र कुमार, प्लानिंग आफिसर/डीडीओ आनंद सिंह सोमवार रात्रि को 1ः00 बजे तक कन्ट्रोल रूम में क्षेत्रों में हुई बारिश व नदियों के जल स्तर के संबध में जानकारी लेते रहे।

विगत रात्रि को जिले के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की सूचना कन्ट्रोल रूम को मिली। जिस पर जिलाधिकारी ने आपदा कन्ट्रोल रूम से तहसील स्तरीय आईआरएस के नोडल अधिकारियों को अलर्ट रहने के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश दिये तथा लगातार हो रही बारिश एवं नुकसान के बारे में जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा करते रहे। घाट क्षेत्र में हुई भारी बारिश से घाट-भेंटी मोटर मार्ग पर एक वाहन मलवे की चपेट में आने की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी ने तहसील घाट के आईआरएस के नोडल अधिकारियों को यथाशीघ्र आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा क्षेत्र के लोगों को अलर्ट करने को कहा। गैरसैंण क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के दृष्टिगत भी आवश्यक अहतियात रखने के निर्देश दिये। सभी उप जिलाधिकारियों को नदियों के जल स्तर पर निगरानी रखने तथा आपदा प्रबन्धन संबधी समस्त सेवाओं को तत्पर रखे जाने के निर्देश देते रहे।

मौसम विभाग द्वारा जारी 48 घण्टे की भारी बारिश की चेतावनी तथा बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिगत अहतियात बरतते हुए जिलाधिकारी ने 11 एवं 12 जुलाई को जिले के सभी शासकीय/गैर शासकीय विद्यालयों में दो दिन का अवकाश घोषित किया तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी को सभी स्कूलों को बन्द रखने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने दैवीय आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता के दृष्टिगत जनपद की प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में आपदा प्रबन्धन दल गठन के लिए सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है। ग्राम स्तरीय आपदा प्रबन्धन दल में पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, एएनएम, आशा, आंगनबाडी कार्यकत्री, ग्राम प्रहरी व प्रधान द्वारा नामित ग्राम पंचायत के पाॅच प्रतिनिधियों को शामिल करने को कहा तथा सभी सदस्यों के दूरभाष नम्बर शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने गांव में पंचायत घरों के लिए नोडल अधिकारी नामित करते हुए पंचायत घरों को आपदा के दौरान राहत शिविर के रूप में इस्तेमाल करने के भी निर्देश सभी बीडीओ को दिये।

वही दूसरी ओर सोमवार रात्रि को जिले में 3 बजकर 8 मिनट पर जिले में भूकम्प के हल्के झटके महसूस किये गये। जिसकी तीव्रता रियेक्टर पैमाने पर 3.8 तथा केन्द्र बिन्दु चमोली जिले के सलना गांव के ठीक 70 किमी नीचे बताया गया। जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि भूकम्प से जिले में किसी भी प्रकार से कोई हानि नही हुई है।

जल संरक्षण के संबध में लोगों को जागरूक

चमोली 11 जुलाई,2017
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा 15 मई से 30 जून तक जिले भर में तैनात 40 जलदूतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के संबध में लोगों को जागरूक किया गया। जलदूतों के कार्यो की समीक्षा कार्यशाला मंगलवार को जिलाधिकारी आशीष जोशी की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित की गयी। जलदूतों से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के संबध में उनके व्यक्तिगत अनुभव, समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी ली गयी।

जिलाधिकारी ने कार्यशाला में जल संरक्षण के उपाय और उससे होने वाले लाभ के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जिस हिसाब से जनसंख्या बढ रही है आने वाले समय में लोगों को पानी की भारी किल्लत का समना करना पड सकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वाटर सेफ्टी प्लान तैयार करने की आवश्यकता है। आने वाले 5 वर्षो में कितने पानी की आवश्यकता होगी इस बारे में डिमांड एवं सप्लाई को देखकर प्लान तैयार कर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज हमें अपने प्राकृतिक जल स्रोतों, नौले धारों को संजोकर रखने तथा अधिक से अधिक चाल-खाल व तलाबों का निर्माण कर जल संचय करने की आवश्यकता है ताकि भावी पीढी को जल का अमूल्य तोहफा मिल सके। उन्होंने कहा कि हम सभी को पानी की बचत कर जल संचय में अपना योगदान देना चाहिए। कहा कि यह तभी संभव है जब हम अपने प्राकृतिक पेयजल स्रोत्रों का संरक्षण को लेकर गंभ्भीर होगे। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण गतिविधियों को तकनीकि से जोड़कर कम पानी से भी कृषि क्षेत्र में अच्छा उत्पादन किया जा सकता।

कार्यशाल में डीडीएम नाबार्ड आशीष भण्डारी ने जल सरंक्षण एवं इसके महत्व के बारे में विस्तार से बताया तथा जल के दुरूपयोग को रोकने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने हेतु तीन स्वयं सेवी संस्थाओं के 40 जलदूतों के माध्यम से 15 मई से 30 जून तक जागरूकता अभियान चलाया गया। जिले में आवंटित 500 ग्रामों के लक्ष्य के सापेक्ष 518 गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों एवं जल संरक्षण के उपाये बताये गये। जागरूकता अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय जन प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों को प्राकृतिक एवं वर्षा जल संरक्षण की जानकारियां दी गयी। उन्होंने कहा कि पानी की आपूर्ति, जल सरंक्षण एवं ग्रामीणों की समस्याओं की ब्लाकवार विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को दी जायेगी। जिससे कृषि, सिंचाई, पेयजल एवं जल संचय के संबध में विभागों के माध्यम से ठोस रणनीति के साथ दीर्घकालीन योजनाऐं बनायी जा सके। कृषि एवं भू-संरक्षण अधिकारी ने कार्यशाला में प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण की तकनीकि के बारे विस्तार से जानकारी दी। एनजीओं के प्रतिनिधियों ने जल संरक्षण के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों की समसस्याऐं, सुझाव देते हुए अपने विचार व्यक्त किये।

इस अवसर पर डीजीएम नाबार्ड वाईपी अग्रवाल, डीडीएम नाबार्ड आशीष भण्डारी, सीईई के टेक्निकल स्पोर्ट विशेषज्ञ सुमित वर्मा, यूजीबी के रीजनल मैनेजर केएम शर्मा, जिला सहकारी बैंक के डीजीएम मुखराम, कृषि एवं भू-संरक्षण अधिकारी डीपी सिंह सहित एनजीओ के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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