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120 स्कूलों का हुआ चयन, साढ़े तीन करोड़ के बजट से बदलेगी सूरत

120 स्कूलों का हुआ चयन, साढ़े तीन करोड़ के बजट से बदलेगी सूरत

देहरादून। जनपद के खनन क्षेत्रों से लगे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट में जमा करीब साढ़े तीन करोड़ के बजट से इन स्कूलों की जल्द सूरत बदलने वाली है। इसमें मूलभूत सुविधाओं, शैक्षणिक सामग्री के साथ साज-सज्जा का काम प्राथमिकता से किया जाएगा। प्रथम चरण में 120 स्कूलों का चयन किया गया है। मार्च से चिह्नित स्कूलों की सूरत संवारने का कार्य शुरू हो जाएगा।

सरकार ने 2017 की खनन पॉलिसी में खनन क्षेत्र से लगे स्कूलों, अस्पतालों एवं गांव-कस्बों में जरूरी सुविधाएं जुटाने के लिए कुल रायल्टी की 25 फीसद धनराशि आवंटित करने का प्रावधान रखा है। यह रकम जिला स्तर पर गठित फाउंडेशन के खाते में जमा होगी। देहरादून में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के खाते में अब तक करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये जमा हो गए हैं। जिलाधिकारी के अधीन संचालित इस ट्रस्ट ने यह रकम सरकारी स्कूलों पर खर्च करने का निर्णय लिया है।

इसमें खनन क्षेत्र में पडऩे वाले आंगनबाड़ी केंद्र से लेकर इंटर कॉलेजों में फर्नीचर, पुस्तकें, पीने के पानी, पंखे, बोर्ड, बिजली, बाउंड्रीवॉल, रंगाई-पुताई से लेकर स्मार्ट क्लास जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर खर्च करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रथम चरण में ट्रस्ट ने 120 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाईस्कूल और इंटर कालेजों का चयन किया है। जबकि 100 से ज्यादा आंगनबाड़ी केंद्र भी इसमें शामिल किए गए हैं। इन सभी स्कूलों में क्या जरूरतें हैं, इसके प्रस्ताव मांगे गए हैं।

प्रस्ताव के अनुरूप ही धनराशि आवंटित की जा रही है। धनराशि आवंटित होने के बाद खरीदारी स्कूल स्तर पर गठित एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) और एसएमडीसी (स्कूल मैनेजमेंट डेवलपमेंट कमेटी) सामान की खरीदारी करेगी। खरीदे गए सामान की गुणवत्ता ब्लाक और जनपद स्तर पर गठित क्रय समिति करेगी। इसके अलावा खरीदे गए सामान का थर्ड पार्टी ऑडिट भी किया जाएगा, ताकि पैसे का सदुपयोग और गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता न किया जाए। सब कुछ ठीक रहा तो मार्च माह से योजना पर काम शुरू हो जाएगा।

इन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ 

ऋषिकेश के आइडीपीएल, रायवाला, लाल तप्पड़, रानीपोखरी, भनियावाला, डोईवाला, मारखमग्रांट, दूधली, थानो, भोपालपानी, रायपुर, सहस्रधारा, बालावाला, कैंट, आनारवाला, प्रेमनगर, पौंधा, शिमला बाईपास, झाझरा, सेलाकुई, विकासनगर, कालसी आदि इलाकों के स्कूलों को योजना का लाभ मिलेगा।

इनको मिलेगा लाभ 

  • 78 प्राथमिक विद्यालय
  • 23 उच्च प्राथमिक विद्यालय
  • 06 हाईस्कूल
  • 11 राजकीय इंटर कालेज
  • 100 आंगनबाड़ी केंद्र

बोले अधिकारी

एसए मुरूगेशन (जिलाधिकारी) का कहना है कि  ट्रस्ट में जमा रकम से स्कूलों में जरूरी सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इसमें शिक्षण सामग्री पर ज्यादा फोकस रखा गया है। प्रथम चरण में 220 स्कूल और आंगनबाड़ी इसमें शामिल किए गए हैं। इन पर दो करोड़ 80 लाख रुपये खर्च किया जाएगा।

आशा पैन्यूली (मुख्य शिक्षा अधिकारी) का कहना है कि योजना के तहत सभी सामग्री स्कूल स्तर पर खरीदी जाएगी। गुणवत्ता की जांच को कई समिति बनाई गई है। जिलाधिकारी के अथक प्रयासों से यह कार्य शुरू हो पाया है। जल्द इसके परिणाम दिखेंगे।

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