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जनपद में 33 फीसद बच्चे ड्रॉप आउट

जनपद में 33 फीसद बच्चे ड्रॉप आउट

जनपद में 33 फीसद बच्चे ड्रॉप आउट

चम्पावत : बाल विकास एवं शिक्षा विभाग एक सप्ताह में नामाकित बच्चों की संख्या सीएमओ कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें जिससे उनके विभाग में नामाकित बच्चों की संख्या रैडम चेकिंग के माध्यम से ज्ञात की जा सके। गुरुवार देर शाम बाल विकास, चिकित्सा, जल निगम, जल संस्थान, स्वजल विभागों के कार्यो की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी एसएन पांडे ने यह बात कही।

 

सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि आरबीएसके की पाच टीमों द्वारा बाल विकास विभाग एवं शिक्षा विभाग के चिकित्सा परीक्षण में नामाकित बच्चों में से 33 फीसद बच्चे ड्रॉप आउट पाए गए हैं। जिस पर डीएम ने बाल विकास, चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग को संयुक्त बैठक कर विभागों में नामाकित बच्चों की वास्तविक स्थिति ज्ञात करने और परियोजना निदेशक तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को रैंडम जाच के आदेश दिए। डीएम ने सीएमओ को सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों का आगामी सोमवार को एक घटे का प्रस्तुतीकरण करने और उसमें संचालित कार्यक्रम, प्रगति, प्रशिक्षण के साथ प्रचार-प्रसार मद का स्पष्ट उल्लेख करने के आदेश दिए। डीएम ने जिला योजना में 80.70 लाख अवमुक्त होने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ न करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल टेंडर आदि प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के निर्देश सीएमओ को दिए। बेस चिकित्सालय के लिए 2.76 करोड़ अवमुक्त होने के बाद भी भूमि चयन पूर्ण न होने पर जिलाधिकारी तत्काल भूमि चयन करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री मात्र वंदना योजना में चिकित्सा एवं बाल विकास विभाग के आकड़ों में बहुत अंतर होने पर डीएम बिफर पड़े और गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी हुए चिकित्सालयों और इस वर्ष पैदा हुए बालक व बालिकाओं का चिन्हीकरण कर रिपोर्ट 20 अगस्त तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

डीएम पांडे ने पेयजल लाइनों में आ रहे मिट्टी युक्त पानी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए फ्रेचवेल और फिल्टर उच्च कोटि का प्रयोग करने को कहा। बैठक में परियोजना निदेशक एचजी भट्ट, सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमएस डॉ. आरके जोशी, आयुर्वेदिक के डॉ. यूसी पाठक, होम्यापैथिक के ईई जल निगम बीके जोशी, जलसंस्थान बिलाल युनुस सहित बाल विकास, स्वजल के कार्मिक उपस्थित थे।

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