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असली जदयू मेरे साथ, नीतीश के साथ सरकारी जदयूः शरद

असली जदयू मेरे साथ, नीतीश के साथ सरकारी जदयूः शरद

पटना : जदयू में उस समय दरार और चौड़ी होती नजर आई जब पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने दावा किया कि असली पार्टी उनके साथ है। साथ ही भाजपा से हाथ मिलाने के नीतीश कुमार के फैसले को उन्होंने ‘‘जनता के जनादेश से छल’’ करार दिया। महागठबंधन से नीतीश के अलग होने के बाद अपने पहले बिहार दौरे पर आए शरद यादव ने गुरुवार को यहां हवाई अड्डे पर संवाददताओं से कहा, ‘‘उन 11 करोड़ लोगों का विश्वास टूटा है जिन्होंने बिहार में महागठबंधन सरकार बनाने के लिए जनादेश दिया था।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘पांच साल गठबंधन चलने की सहमति थी जिसे तोड़ दिया गया। मैं इससे आहत हुआ हूं। मैं गठबंधन के साथ बना हुआ हूं।’’ यादव ने कहा कि महागठबंधन और भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए अलग अलग घोषणापत्र पेश किए थे। उन्होंने कहा, ‘‘देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि दो प्रतिद्वन्द्वी समूहों के दो घोषणापत्र आपस में मिल गए।’’ महागठबंधन (जदयू—राजद—कांग्रेस) को मिले जनादेश को लेकर जनता से सीधे संवाद के लिए बिहार के अपने तीन दिवसीय दौरे पर आज यहां पहुंचे शरद ने कहा ’11 करोड़ लोगों का जो विश्वास था मैं मानता हूं कि उस पर आघात हुआ है। उस पर चोट पहुंची है।’’
उन्होंने कहा ‘‘जिस जनता ने गठबंधन बनाया था और जनता के साथ हमने करार किया था, वह इमान का करार था। वह टूटा है। आघात लगा है उसको और हमको भी इसकी बहुत तकलीफ है।’’ यह पूछे जाने पर कि उनकी यह यात्रा क्या पार्टी विरोधी नहीं है, यादव ने कहा कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना नहीं चाहते। 12 अगस्त तक के सड़क मार्ग से बिहार के विभिन्न जिलों के अपने इस दौरे के क्रम में शरद सारण जिला के सोनपुर पहुंचे। सोनपुर में एक समारोह में यादव ने कहा, ‘‘सरकारी जदयू नीतीश कुमार के साथ जबकि असली पार्टी मेरे साथ है। असली जदयू धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ मिल कर अगले आम चुनाव के बाद सरकार बनाएगी। यादव के साथ समारोह में सोनपुर के राजद विधायक रामानुज प्रसाद मंच पर थे।
‘‘आम लोगों की प्रतिक्रिया’’ जानने के लिए बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे यादव ने एक बयान में कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण नहीं है जब चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ लड़ने वाले , अलग अलग विचारधारा वाले दो दल केवल 20 माह बाद ही हाथ मिला लें।
उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया में त्यागी ने कहा ‘‘उनके द्वारा उपयोग की जा रही राजनीतिक भाषा पार्टी अध्यक्ष (नीतीश कुमार) और (बिहार की) सरकार के लिए बहुत ही आपत्तिजनक और असहज है। बेहतर होगा कि वह अपने विचारों को 19 अगस्त को होने जा रही पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में रखें। हम उनसे ऐसे बयान देने से बचने के लिए कहेंगे जो सीमा लांघते हों।’’ त्यागी ने कहा कि यादव अब अपना रास्ता चुनते प्रतीत होते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके कार्यक्रमों की व्यवस्था जदयू के नेताओं ने नहीं बल्कि लालू प्रसाद की अगुवाई वाले राजद ने की है।
यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी, त्यागी ने कहा कि अब तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है। जदयू प्रवक्ता ने यादव के महागठबंधन में बने रहने संबंधी बयान पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि महागठबंधन से पार्टी के रिश्ते तोड़ कर राजग से हाथ मिला लेने के बाद उनके जैसे बड़े नेता का यह कहना आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि बिहार में पार्टी के सभी विधायक, विधान पार्षद एवं जिला अध्यक्ष नीतीश कुमार के फैसले के साथ हैं और राज्य भर में यादव के दौरे की व्यवस्था राजद के नेताओं ने की है।

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