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भारत की जीत में है उत्तराखंड की एक और बेटी का हाथ

भारत की जीत में है उत्तराखंड की एक और बेटी का हाथ

देहरादून।आ‌खिरकार भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पुरुष क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप 2017 में हार का बदला ले लिया। लेकिन पाक को धूल चटाने में एकता बिष्ट के साथ उत्तराखंड की इस बेटी का हाथ भी है…

आ‌खिरकार भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पुरुष क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप 2017 में हार का बदला ले लिया। लेकिन पाक को धूल चटाने में एकता बिष्ट के साथ उत्तराखंड की इस बेटी का हाथ भी है…

इग्लैंड में चल रहे वर्ल्ड कप 2017 में उत्तरकाशी की मानसी जोशी ने पाकिस्तान के दो विकेट चटका कर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को जीत के करीब पहुंचाया।

भारतीय टीम में मानसी का चयन पहली बार नवंबर 2016 में थाईलैंड में हुई एशिया कप टी-20 क्रिकेट के लिए हुआ था। इसके बाद मई 2017 में दक्षिण अफ्रीका में हुई चार देशों की वनडे सीरीज के लिए मानसी को भारतीय टीम में जगह मिली थी।

दाहिने हाथ की मीडियम तेज गेंदबाज है मानसी

मानसी के पिता भूपेंद्र ने बताया कि उनकी बेटी 11 जून को इंग्लैंड के लिए रवाना हो गई थी। उन्होंने बताया कि मानसी का चयन वर्ल्ड कप के लिए होने पर ब्रह्मखाल स्थित उनके गांव में लोग काफी उत्साहित हैं। वह दाहिने हाथ की मीडियम तेज गेंदबाज है।

अब तक खेले गए पांच अन्तर्राष्ट्रीय वनडे मैचों में छह और टी-20 में वह तीन विकेट चटका चुकी हैं। दो बार उन्हें वूमैन ऑफ द मैच भी चुना गया, जबकि घरेलू क्रिकेट में नॉर्थ जोन की ओर से खेलते हुए वह चार मैचों में नौ विकेट चटका चुकी हैं। भूपेंद्र जोशी ने बताया कि मानसी की पांचवीं तक की पढ़ाई सुमन ग्रामर पब्लिक स्कूल ब्रह्मखाल में हुई है, जबकि हाईस्कूल सरस्वती विद्या मंदिर रुड़की से किया है।

इसके बाद आगे की पढ़ाई देहरादून से की है। मानसी हरियाणा और नॉर्थ जोन के लिए घरेलू क्रिकेट खेलती है। क्रिकेट की बारीकियां उसे देहरादून में कोच वीएस रौतेला ने सिखाई है। आज भी वह देहरादून में वीस रौतेला से ही क्रिकेट की कोचिंग लेती हैं। पेशे से होटल व्यवसायी मानसी के पिता भूपेंद्र का ब्रह्मखाल में होटल है, जबकि मां शांति जोशी आंचल डेरी में सुपरवाइजर हैं। घर में मानसी के अलावा उनके दो छोटे भाई बहन हैं।

 

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