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बस आपरेटरों की हड़ताल से लोग परेशान, रोडवेज की बसों में मच रही मारामारी

बस आपरेटरों की हड़ताल से लोग परेशान, रोडवेज की बसों में मच रही मारामारी

नैनीताल: बस आपरेटरों की हड़ताल से पहले ही लोग फजीहत झेल रहे थे, अब टैक्सी संचालक भी हड़ताल पर चले गए। इससे आमलोगों के साथ ही स्कूली बच्चों को भी फजीहत झेलनी पड़ रही है। वहीं, रोडवेज की बसों में मारामारी मच रही है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार स्पीड गवर्नर लगाने के खिलाफ गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में निजी बस संचालक हड़ताल पर हैं। हड़ताल में अभी तक टैक्सी संचालक शामिल नहीं थे। अब उनके भी हड़ताल में कूदने से आम लोगों की फजीहत बढ़ गई है।

सरोवर नगरी नैनीताल में टैक्सियों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सुबह से ही टेक्सी संचालन ठप होने से स्कूली बच्चों को पैदल दूरी नापनी पड़ी।

शहर में करीब आठ सौ टैक्सियों का संचालन होता है। शहर के सेंट जोजफ कॉलेज, एलपीएस, सेंट मेरी समेत अन्य पब्लिक स्कूलों के बच्चे टैक्सियों में आवागमन करते हैं। टैक्सियों की हड़ताल की वजह से पर्यटकों को भी दिक्कतें हो रही हैं।

टैक्सी ट्रैवल्स एसोशिएशन के अध्यक्ष नीरज जोशी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार स्पीड गवर्नर लगाने, टेक्सी परमिट लोगो मे नैनीताल प्रतिबंधित लिखा हटाने व अन्य मांगों को लेकर हड़ताल की गई है।

रोडवेज की बसो में मारामारी 

हल्द्वानी में केमू की हड़ताल को 12 वें दिन टैक्सी संचालकों ने भी समर्थन देते हुए संचालन बंद कर दिया। जिससे पहाड़ की सवारियों की दिक्कतें और बढ़ गई। ऐसे में यात्रियों को सिर्फ रोडवेज के सहारे रहना पड़ा।

किराया वृद्धि, तीन साल के बच्चे को सवारी में न गिने जाने, पुलिस द्वारा चेकिंग के नाम पर उत्पीड़न बंद करने जैसी मांगों को लेकर केमू संचालक 20 जुलाई से हड़ताल पर हैं।

मंगलवार को टैक्सी-मैक्सी महासंघ ने केमू की मांगों को जायज मानते हुए संचालन बंद कर दिया। इस वजह से सुबह से यात्रियों को परेशान होना पड़ा। दिल्ली, गाजियाबाद आदि जगहों से रोडवेज स्टेशन पहुंचे लोग बेबस दिखे।

रोडवेज ने लगाई आठ अतिरिक्त बस  

परिवहन निगम ने यात्रियों की बढ़ती संख्या देख आठ बसें अतिरिक्त लगाई। उसके बावजूद सवारियों का लोड बढ़ता रहा। नैनीताल की सबसे ज्यादा सवारी रोडवेज बैठाती है। इस वजह से सवारियों के बीच सीट पाने को होड़ लगी रही।

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