तेरह करोड़ जीएसटी शुल्क हड़पने में व्यापारी गिरफ्तार :ओडिशा

ओडिशा मे तेरह करोड़ जीएसटी शुल्क हड़पने में व्यापारी गिरफ्तार
ओडिशा द्रव्य एवं सेवा शुल्क (जीएसटी) विभाग ने बारह करोड़ 84 लाख रुपये शुल्क हड़पने के आरोप में टिटिलागढ़ के तीर्थंकर पटेल (43) को गिरफ्तार किया है। पटेल पर फर्जी बिल एवं शुल्क से संबंधित कागजात तैयार कर इतनी बड़ी रकम हड़पने का आरोप हैं।

राज्य के अतिरिक्त व्यापार एवं जीएसटी आयुक्त (एनफोर्समेंट विभाग मुख्य)  मनोरंजन आचार्य के अनुसार, बलांगीर जिला के टिटिलागढ़ के साई इंटरनेशनल माइंस एवं मिनरल का मालिक तीर्थंकर पटेल ने 2017 जुलाई से लौह एवं स्क्रैप कारोबार के लिए एक टीन नंबर (टैक्स आईडेंटीफिकेशन नंबर) पंजीकरण किया

था। बाद में स्क्रैप गोदाम खोलने की बात तीर्थंकर ने दर्शाया था। तीर्थंकर हीराकुद के अपने नौकर का परिचय पत्र संग्रह कर उसे स्क्रैप व्यवसायी दर्शाते हुए टीन नंबर बनवाया था। इसी तरह से पंजाब एवं

छत्तीसगढ़ के और दो अनजान लोगों के परिचय पत्र का प्रयोग कर टीन नंबर तैयार कर उन्हे भी स्क्रैप व्यवसायी बनाया था।

इस फर्जीवाड़ा में दिल्ली के मोहित गुप्ता नामक माफिया ने उसकी मदद की थी। जुलाई 2017 से 2019 मार्च तक तीर्थंकर उपरोक्त तीनों लोगों से 84 करोड़ 68 लाख रुपये का लौह स्क्रैप खरीदने का फर्जी बिल तैयार कर लिया। इतना ही नहीं तीर्थंकर ने स्क्रैप खरीदने के बाद सरकार को इसके लिए 12 करोड़ 84 लाख रुपये का शुल्क देने का एक फर्जी कागजात भी तैयार कर लिया। ना कोई माल खरीदा गया और ना ही शुल्क दिया गया और फर्जी कागजात तैयार हो गया। इसी तरह से फर्जीवाड़ा कर पंजाब के लुधियाना के

आनंद स्टील एवं एमएस इंटरनेशनल को 84 करोड़ 71 लाख रुपये का स्क्रैप बेचने के बावजूद फर्जी कागजात तैयार किया।

तीर्थंकर पंजाब के उक्त दोनों संस्थान को शुल्क देने का भी फर्जी कागजात तैयार कर लिया था। उक्त कागजात का प्रयोग कर संस्था अपने स्क्रैप को अन्य संस्था को हकीकत में बेच दिया। स्क्रैप खरीदने

के लिए 12 करोड़ 84 लाख रुपये के फर्जी कागजात दिखाए गए यानी तीर्थंकर ने शुल्क जमा करने को लेकर जो फर्जी कागजात तैयार किया था, उसे उक्त संस्था ने पंजाब सरकार को दिखाया।

तीर्थंकर ने बयान दिया है कि पंजाब की उक्त दोनों संस्थाएं इस तरह के फर्जी कागजात के बदले में उसे एक सप्ताह में 17 हजार रुपये दे रही थी। हालांकि 12 करोड़ 84 लाख रुपये का जो शुल्क हड़पा गया है उसमें से 50 फीसद रकम पंजाब संस्था ने उसे देने की बात प्राथमिक जांच में सामने आयी है। जीएसटी कानून

की धारा 69 के तहत गिरफ्तार तीर्थंकर को डॉक्टरी मुआयना के बाद टिटिलागढ़ एसडीजेएम अदालत में हाजिर किया गया।

उल्लेखनीय है कि जीएसटी की धारा 132 (ग) के तहत कोई सामान न लेकर बिल लाना या फिर धारा 132 (घ) के अनुसार सामान न भेजकर बिल देने वाले व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। इस क्षेत्र में शुल्क का परिमाण यदि 5 करोड़ रुपये से अधिक होता है तो फिर उसे गंभीर अपराध माना जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की जीएसटी घोटाला घटना पहले पंजाब में हुई थी और अब दूसरी घटना ओडिशा में सामने आयी है। तीर्थकर को पकड़ने वाली टीम में मनोरंजन आचार्य के अलावा संयुक्त व्यापार शुल्क व जीएसटी आयुक्त विश्वजीत पाल तथा अतिरिक्त व्यापार आयुक्त (राजस्व) अरुण विश्वाल शामिल थे।

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