राजनीतिक

स्कूल पर भिड़े 2 सीएम, केजरीवाल ने कहा – अरे आप तो बुरा मान गए

नई दिल्ली, दिल्ली में राज कर रही आम आदमी पार्टी यहां शिक्षा और हेल्थ में सुधार के मुद्दे पर दुनियाभर में फैला रही है। एजुकेशन और हेल्थ माडल का देश के कई राज्यों में प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इसी की नतीजा है कि अमेरिका में भी इस माडल की तारीफ हो चुकी है। अब इसी माडल को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के बीच ट्विटर वार हो गया है। दोनों मुख्यमंत्री एक दूसरे को उसी पर जवाब दे रहे हैं।

ट्विटर पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने केजरीवाल से पूछा है कि उन्होंने 7 साल में अपने यहां कितने स्कूल बनाए। इस सवाल का जवाब देते हुए आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी उन्हें एक दूसरे के स्कूल देखने को कहा है। उन्होंने इसी ट्वीट में लिखा है कि उन्हें लगता है कि सरमा बुरा मान गए, साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उनका मकसद कोई कमियां निकालना नहीं था।

ऐसे हुई ट्विटर वार की शुरुआत

इस पूरे विवाद की शुरुआत एक खबर से हुई। इस खबर में कहा गया था कि असम में खराब रिजल्ट की वजह से 34 स्कूलों में तालाबंदी कर दी गई गई है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इसे रीट्वीट करते हुए लिखा कि स्कूल बंद करना समाधान नहीं है। हमें तो अभी पूरे देश में ढेरों नए स्कूल खोलने की जरूरत है। स्कूल बंद करने की बजाय स्कूल को सुधार कर पढ़ाई ठीक कीजिए।

दिल्ली में कितने नए स्कूल बनाए

असम के सीएम ने गुरुवार शाम केजरीवाल पर पलटवार करते हुए जवाब दिया। उन्होंने लिखा, ”प्रिय अरविंद केजरीवाल जी। हमेशा की तरह आपने फिर बिना होमवर्क किए बिना ही टिप्पणी की है। जब मैं असम का शिक्षा मंत्री था तब से अब तक, नोट कर लीजिए, असम सरकार ने 8610 नए स्कूल बनाए हैं। पिछले 7 साल में दिल्ली सरकार ने कितने नए स्कूल बनाए हैं?”

इस पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने जवाब दिया, उन्होंने लिखा – मैं असम आऊं, आप दिल्ली आएं। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि वह असम आकर स्कूल देखेंगे और सरमा दिल्ली आकर देख लें। इसके बाद उन्होंने एक अन्य ट्वीट किया, इसमें लिखा कि अरे, लगता है आप बुरा मान गए। मेरा मकसद आपकी कमियां निकालने का नहीं था। हम सब एक देश हैं। हमें एक दूसरे से सीखना है। तभी तो भारत नंबर वन देश बनेगा। मैं आता हूं ना असम। बताइए कब आऊं? आप शिक्षा के क्षेत्र में अपने अच्छे काम दिखाना। आप दिल्ली आइये, मैं आपको दिल्ली के काम दिखाता हूं। इसके बाद सिलसिला बंद हुआ।

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