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मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने चारधाम यात्रा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की ली बैठक

मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने चारधाम यात्रा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की ली बैठक

उत्तराखण्ड : मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह विगत दिवस शनिवार को चारधाम यात्रा रूट में मुहैया सुविधाओं का विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण करते हुए गंगोत्री धाम पहुंचे। उन्होने चारधाम यात्रा व्यवस्था को लेकर देर रात वन विभाग निरीक्षण भवन में अधिकारियों की बैठक ली। हीना बायोमेट्रिक परिसर में स्वच्छता कर्मी तैनात न पाये जाने पर नाराजगी व्यक्त की। बायोमेट्रिक निरीक्षण के दौरान तक चार हजार यात्री पंजीकृत पाये गये। उन्होने चारधाम यात्रा रूट में समुचित व्यवस्था बनाये रखने के साथ सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।
मुख्य सचिव श्री सिंह उत्तरकाशी से निरीक्षण करते हुए गंगोत्री पहुंचे। हीना में बायोमेट्रिक परिसर निरीक्षण के दौरान वहां स्थापित शौचालय तथा परिसर में सुलभ के कर्मी उपस्थित न पाये जाने पर कडी नाराजगी जाहिर की। उन्होने सुलभ के अधिकारी को कडी चेतावनी देते हुए कहा कि सफाई को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नही होनी चाहिए। शिकायत आने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। कहा कि चारधाम यात्रा व्यवस्था एवं विशेषकर स्वच्छता को लेकर अधिकारी एवं अन्य लोगों से निरीक्षण कराये जायेगें। उन्होने जिलाधिकारी डॉ आशीष चैहान को लगातार मॉनीटिरिंग करने के निर्देश दिया।  हर्षिल में व्यवस्थाओं के जायजा लेते समय बस स्टेण्ड पर विगत वर्षों से खडी कार को हटवाने एवं परिसर को सुव्यवस्थित करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिया। उन्होने पंडा समाज से धाम में उपलब्ध व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। वहीं जिलाधिकारी उत्तरकाशी ने कहा कि स्नानघाट को स्वच्छ आईकान प्लेस के तहत निर्माण किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने निरीक्षण भवन में चारधाम यात्रा व्यवस्था से जुडे संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान पेयजल व्यवस्था की जानकारी लेते हुए कहा कि धाम में आने वाले यात्रियों को पेयजल की किसी भी प्रकार के समस्या नही होनी चाहिए, इस बात को गम्भीरता से लें। उन्होने गंगोत्री धाम में बोरवेल पंम्पिग लगाने को लेकर उपयुक्त स्थान का चयन एवं पानी की उपलब्धता का सर्वे कर तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिये। जल संस्थान को अवशेष एसटीपी कनेक्शन को शीघ्र जोडने के निर्देश दिये। उन्होने नदी तट में आये मलवा को हटवाने के लिए जिलाधिकारी को सिचाई, खनन, वन एवं वाडिया इंस्टीट्यूट के अधिकारियों की कमेटी गठित करवाने तथा सर्वे रिपोर्ट के अनुरूप अग्रिम कार्यवाही करते हुए वर्षा से पूर्व मलवा हटाकर तटीय क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिये। उन्होने कहा कि सड़क, रास्ते, गली, मंदिर चबूतरे आदि में केदारनाथ के तर्ज पर स्थानीय पत्थर कटवाकर लगाये। जिससे मजबूती के स्थानीय शिल्प को भी बढावा मिलेगा। उन्होने विद्युत आपूर्ति को बनाये रखने हेतु संबंधित अधिकारी को गम्भीरता से लेने के निर्देश दिये। जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि धाम परिसर में 100 सोलर लाईट स्थापित किये गये है। जबकि उरेडा से जनरेट विद्युत मंदिर परिसर आदि स्थानों में आपूर्ति की जा रही है। स्वास्थ्य सुविधा को लेकर उन्होने तैनात डाक्टर से जानकारी ली, कहा कि धाम यात्रा में आने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत नही होनी चाहिए प्राथमिकता के तहत अपनी सेवा देना सुनिश्चित करें।
उन्होने सुलभ शौचालय एवं जिला पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिये कि हीना एवं डबरानी में शौचालय की संख्या बढ़ाना सुनिश्चित करें। यात्रा जोरों पर होने से समस्या उत्पन्न हो सकती है। अभी से अतिरिक्त व्यवस्था बनाये रखना सुनिश्चित करेंगे। भीड़ भाड वाले स्थानों पर अतिरिक्त कर्मचारी तैनात करें। उन्होने कहा कि समुचित चारधाम यात्रा रूटों में स्वच्छता बनाये रखना उनकी प्राथमिकता है। स्वच्छता को लेकर किसी भी प्रकार की अनदेखी करने पर कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। रविवार को सुबह मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने गौमुख पैदल ट्रेक निरीक्षण हेतु प्रस्थान किया। इस अवसर पर डीएम डॉ आशीष चैहान, पुलिस अधीक्षक ददन पाल सहित विभागों के जिला स्तरीय व संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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