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सीएम त्रिवेंद्र रावत ने लगाई मुहर, भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं की सत्ता में होगी हिस्सेदारी

सीएम त्रिवेंद्र रावत ने लगाई मुहर, भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं की सत्ता में होगी हिस्सेदारी

देहरादून। लोकसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं को सत्ता में हिस्सेदारी देने का क्रम आगे बढ़ाया है। इस कड़ी में 2268 कार्यकर्ताओं को जिला व ब्लॉक स्तर पर गठित 20 सूत्रीय क्रियान्वयन समिति में उपाध्यक्ष और सदस्यों के रूप में जिम्मेदारी देने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुहर लगा दी।

जिला स्तरीय समिति में हर जिले में एक उपाध्यक्ष व 20 सदस्य नियुक्त किए जा रहे हैं। इसी प्रकार ब्लॉक स्तर पर गठित होने वाली समिति में भी प्रदेश के सभी 95 ब्लाक में एक-एक उपाध्यक्ष और 20-20 सदस्यों की तैनाती की जा रही है। इस संबंध में अगले एक-दो दिन में शासन स्तर से आदेश जारी कर दिए जाने की संभावना है।

प्रदेश में सत्ता संभालने के लगभग 21 महीने बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में सरकार ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को दायित्वों से नवाजना शुरू किया है।

बीते माह सरकार ने 14 नेताओं को विभिन्न आयोगों, निगमों और प्राधिकरणों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पदों पर तैनात किया। इनमें तीन को कैबिनेट और शेष को राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया गया। अब इस कड़ी में जिला व ब्लॉक स्तर पर 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समितियां गठित कर इनमें उपाध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्त की जा रही है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक जिला व ब्लॉक स्तरीय समितियों में नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपना अनुमोदन दे दिया है और जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिए जाएंगे। हालांकि इन समितियों में नियुक्त पार्टी कार्यकर्ताओं को मंत्री पद का दर्जा नहीं मिलेगा।

सूत्रों ने बताया कि जिला स्तर पर नियुक्त किए जा रहे उपाध्यक्षों में बागेश्वर में देवकी नंदन जोशी, रुद्रप्रयाग में शकुंतला जगवान, देहरादून में दीवान सिंह रावत, उत्तरकाशी में रामानंद भट्ट, पिथौरागढ़ में किशन खड़ायत, चंपावत में सुभाष थपलियाल, ऊधमसिंह नगर में राम मल्होत्रा, चमोली में सुधा बिष्ट, नैनीताल में देवेंद्र सिंह ढेला, टिहरी में दिनेश डोभाल, अल्मोड़ा में मदन सिंह मेहरा, पौड़ी में दिनेश सिंह रावत और हरिद्वार में डॉ. विजेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा हर जिले में गठित 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति में 20-20 सदस्यों की भी तैनाती की जा रही है। माना जा रहा है कि इस सूची के बाद सरकार जिलों में गठित होने वाली अन्य समितियों में भी कार्यकर्ताओं को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्य के पदों पर नियुक्त करेगी। सरकार के इस कदम ने कार्यकर्ताओं का लंबा इंतजार समाप्त किया है। साथ ही लोकसभा चुनावों में उनकी सक्रियता को बढ़ाने का टॉनिक भी दिया है।

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