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कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीबीआइ के निदेशक को फोर्स लीव पर भेजे जाने के खिलाफ की याचिका दाखिल

कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीबीआइ के निदेशक को फोर्स लीव पर भेजे जाने के खिलाफ की याचिका दाखिल

नई दिल्‍ली। कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे केंद्रीय जांच ब्‍यूरो (सीबीआइ) के निदेशक आलोक वर्मा को फोर्स लीव पर भेजे जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। खड़गे ने अपनी याचिका में इस कदम को असंवैधानिक, मनमाना, दंडनीय और अधिकार क्षेत्र के बाहर बताया है।

खड़गे ने कहा, ‘देखिए, यह सीबीआइ एक्‍ट का उल्‍लंघन है। सीवीसी ने भी आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजकर नियम तोड़ा है। इसलिए यह स्वायत्त निकाय को लेकर सीधे-सीधे नियमों का उल्‍लंघन है, जिसमें पीएमओ का सीधा हस्‍तक्षेप है। यही वजह है कि मैंने सीवीसी के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। अब देखिए, क्‍या होता है।’

सीबीआइ में अफसरों की बीच की लड़ाई खुलकर सामने आ चुकी है। देश की सर्वोच्‍च जांच संस्‍था जो अहम मामलों की जांच करती है, वह खुद आज जांच की अग्निपरीक्षा से गुजर रही है। इस पूरे मामले में सरकार से लेकर विपक्ष में घमासान मचा हुआ है। अब लड़ाई सड़क तक पहुंच गई है। सीबीआइ में छिड़े घमासान को लेकर विपक्षी दल भी मोदी सरकार पर हमलावर हैं। कांग्रेस ने पिछले दिनों देशभर में सीबीआइ मुख्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, दिल्ली में सीबीआइ मुख्यालय के बाहर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कांग्रेसी नेताओं के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। राहुल गांधी ने इस दौरान सांकेतिक गिरफ्तारी भी दी।

आलोक कुमार वर्मा से अधिकार वापस लेकर उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने ताजा विवाद पर केंद्र सरकार को नोटिस भेजते हुए कहा है कि सीवीसी आलोक वर्मा के खिलाफ दो हफ्तों में जांच पूरी करे। सीबीआई मामले में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज के निगरानी में इस मामले की जांच होगी।

गौरतलब है कि सीबीआइ डायरेक्टर आलोक वर्मा ने एजेंसी के स्पेशल डायरेक्टर पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने आलोक वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। आरोप-प्रत्यारोप की दोनों वरिष्ठ अफसरों की कलह सार्वजनिक हो गई और मामला बढ़ता देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों अफसरों को तलब भी किया था, लेकिन बताया जाता है कि इस बारे में कोई हल नहीं निकला। जिसके बाद सरकार का कहना है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने के लिए दोनों अफसरों को छुट्टी पर भेज दिया गया है।

इधर, शनिवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सीबीआइ के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना घूसकांड में गिरफ्तार कथित बिचौलिए मनोज प्रसाद की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया है।

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