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कार्बेट की शान को पीएम ने रामगंगा की लहरों से दी नई पहचान

कार्बेट की शान को पीएम ने रामगंगा की लहरों से दी नई पहचान

कार्बेट की शान को पीएम ने रामगंगा की लहरों से दी नई पहचान

देहरादून, केदारनाथ के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में स्थित प्रसिद्ध कार्बेट नेशनल पार्क की ब्रांडिंग कर देश-दुनिया का ध्यान वन्यजीव संरक्षण के इस बेहतरीन मॉडल की तरफ खींचा है। उन्होंने डिस्कवरी चैनल के शो मैन वर्सेज वाइल्ड में बेयर ग्रिल्स के साथ सफारी कर न सिर्फ कार्बेट के तमाम पहलुओं पर चर्चा की, बल्कि इस पार्क की जीवनरेखा रामगंगा की लहरों पर सवार हो कार्बेट की शान को नई पहचान भी दी। सोमवार को भारत समेत 180 देशों में टीवी पर प्रसारित हुए इस कार्यक्रम के जरिये मोदी ने प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने उत्तराखंड हिमालय में साधना के लिए बिताए गए वक्त का उल्लेख भी किया।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। एक दौर में मोदी ने उत्तराखंड हिमालय में द्वादश ज्योर्तिलिंगों में से एक केदारनाथधाम के नजदीक गरुड़चट्टी स्थित गुफा में साधना की थी। उनकी बाबा केदार के प्रति अगाध श्रद्धा है। 2013 में आई आपदा में केदारपुरी के तबाह होने के बाद नई केदारपुरी का निर्माण उनके ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। लोस चुनाव की आपाधापी से निबटने के बाद उन्होंने केदारनाथ के पास एक गुफा में रात्रि विश्राम कर दुनियाभर में इस धाम की ब्रांडिंग की थी।

अब प्रधानमंत्री ने राज्य में स्थित देश के सबसे पुराने जिम कार्बेट नेशनल पार्क की ब्रांडिंग कर पूरी दुनिया का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया है। यह पार्क दुनियाभर में बाघ समेत दूसरे वन्यजीवों के संरक्षण के लिए एक आदर्श मॉडल है। 250 से ज्यादा बाघों वाले इस पार्क में प्रधानमंत्री ने इसी साल 14 फरवरी को डिस्कवरी चैनल के चर्चित कार्यक्रम मैन वर्सेज वाइल्ड में बेयर ग्रिल्स के साथ कार्बेट की सफारी। साथ ही रामगंगा की लहरों पर सवारी की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कार्बेट के इस सफर के दौरान शिकारी से बाघ संरक्षणवादी बने जिम कार्बेट का उल्लेख किया तो पार्क से जुड़े तमाम पहलुओं को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह भारत का बड़ा नेशनल पार्क है और वन्यजीव संरक्षण के लिए यहां शानदार प्रयास हुए हैं। उन्होंने कार्बेट की खूबसूरती को भी उकेरा और कहा कि यहां पहाड़, नदियां, तालाब, जंगल, वन्यजीव सबकुछ है। प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह बेहद खास स्थल है।

बेयर ग्रिल्स के पूछने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रकृति से भय नहीं हो सकता। प्रकृति और पर्यावरण तो हमारे जीवन में संस्कार का हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने उन दिनों को भी याद किया, जब उत्तराखंड हिमालय में साधना के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि उस साधना का असर ही उनकी ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सफर के दौरान उनकी हिमालय और नर्मदा की जिंदगी भी दोबारा याद आ गई।

..क्या फिर आना है कार्बेट

कार्बेट में इस शो की शूटिंग के दौरान भी प्रधानमंत्री अभिभूत नजर आए थे। उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक मोनिष मल्लिक ने तब के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पीएम से आग्रह किया था कि वह दोबारा कार्बेट आएं। रात्रि विश्राम कार्बेट में ही करें। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्या फिर कार्बेट आना है।

जय राज (प्रमुख मुख्य वन संरक्षक जयराज) का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम से पूरे पूरे विश्व में कार्बेट की ब्रांडिंग हुई है। कार्बेट में वन्यजीव संरक्षण की बेहतर पहल हुई है। राजनीति से अलग प्रकृति को लेकर प्रधानमंत्री की इस पहल से वह विश्व स्तर पर कार्बेट के एंबेसेडर भी हो गए हैं। प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम से कार्बेट को और बूस्ट मिलेगा।

मोनिष मल्लिक (प्रबंध निदेशक वन विकास निगम, तत्कालीन मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक) का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की विश्व में ख्याति है। वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति उनके प्रेम से पूरी दुनिया को यह संदेश भी गया है कि सभी लोग वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण को आगे आएं। प्रधानमंत्री के इस कार्यक्रम के बाद दुनियाभर से बड़ी संख्या में लोग कार्बेट आएंगे।

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