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क्रिकेट के नए नियम विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों पर काफी भारी पड़ सकते हैं

क्रिकेट के नए नियम विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों पर काफी भारी पड़ सकते हैं

दुबई । क्रिकेट खेलने के नियम गुरुवार यानी 1 अक्टूबर से बदल जाएंगे। हालांकि, वनडे सीरीज खेल रही भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमों को सीरीज खत्म होने तक इन नियमों से छूट मिलेगी। फिलहाल दोनों टीमों के खिलाड़ी मैदान पर गुस्सा दिखा सकते हैं, लेकिन नए नियमों के लागू होने से ऐसा करना बहुत भारी पड़ सकता है।आइसीसी के नए नियमों के मुताबिक अगर खिलाड़ियों ने गुस्सा दिखाया तो अंपायर उन्हें फुटबॉल के रेफरी की तरह सीधे मैदान से बाहर कर सकते हैं। ऐसा हुआ तो टीमों को फुटबॉल की तरह 10 खिलाड़ियों से ही काम चलाना पड़ेगा। क्रिकेट में केवल 10 खिलाड़ियों का होना किसी भी टीम को काफी भारी पड़ सकता है।

ये नियम 28 सितंबर के बाद से शुरू हो रही क्रिकेट सीरीज में लागू होंगे। नए नियमों में बैट की मोटाई कम होने वाली है। इसके अलावा डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) को लेकर भी नए नियम बन गए हैं। इन नियमों में गेंद और बल्ले के बीच संतुलन साधने की कोशिश की गई है।

दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज और पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज नए नियमों के हिसाब से ही खेली जाएगी। आइसीसी के जनरल मैनेजर ज्यॉफ एलार्डिस ने कहा है कि उन्होंने अंपायरों को नियम समझाने के लिए उनके साथ बैठक की है।

बल्ले को लेकर ये बदलाव

एलार्डिस ने कहा कि बल्ले की लंबाई और चौड़ाई नहीं बदली है, लेकिन उसके किनारे 40 मिमी से मोटे नहीं होने चाहिए और गहराई अधिकतम 67 मिमी होनी चाहिए। अंपायरों को बल्ले नापने के लिए नया गेज दिया जाएगा।

हिंसक व्यवहार में ये बदलाव

अंपायरों को मारने की धमकी, अंपायरों से शारीरिक रूप से उलझना, किसी खिलाड़ी से हाथापाई करना या हिंसा करना लेवल 4 के अंतर्गत आएगा। इसके तहत खिलाड़ी को उस मैच से बाहर किया जा सकता है।

डीआरएस में ये बदलाव

अब डीआरएस असफल रहने पर भी नुकसान नहीं होगा। यह अंपायर कॉल पर निर्भर होगा। टेस्ट मैचों में 80 ओवर के बाद टॉप-अप रिव्यू नहीं मिलेंगे यानी एक पारी में केवल दो असफल रिव्यू मिलेंगे। इसके साथ ही टी-20 में भी डीआरएस लागू होगा।

डेड बॉल नियम में ये बदलाव

गेंदबाज गेंद डालने की तैयारी में रहता है यदि उसी वक्त नॉन स्ट्राइक का बल्लेबाज क्रीज के बाहर निकल गया तो उसे रन आउट किया जा सकेगा। इस बदलाव के कारण अब नॉन स्ट्राइकर ज्यादा समय तक क्रीज में रहेगा।

गेंद रोकने पर आउट होने में ये बदलाव

अब ‘हैंडल्ड द बॉल’ नियम को हटाकर उसी तरीके से आउट होने वाले बल्लेबाज को ‘ऑब्सट्रक्टिंग द फील्ड’ नियम के तहत आउट दिया जाएगा।

रनआउट और स्टंपिंग में ये बदलाव

रनआउट होने के तरीके में भी बदलाव आया है। अगर बल्लेबाज ने एक बार क्रीज छू ली है और वह स्टंप्स या गिल्लियां बिखरते समय हवा में भी है तो भी वह आउट नहीं माना जाएगा। यही नियम स्टंपिंग में भी लागू होगा।

कैच आउट में हुआ ये बदलाव

अगर सीमारेखा पर तैनात फील्डर ने हवा में कैच लिया है तो उस समय गेंद सीमारेखा के भीतर होनी चाहिए, वरना वह बाउंड्री मानी जाएगी। अब बल्लेबाज के हेलमेट पर गेंद लगने पर भी वह कैच आउट, रन आउट और स्टंप आउट माना जाएगा।

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