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दून में दिनदहाड़े बदमाशों ने लूटे बुजुर्ग से सवा लाख रुपये

दून में दिनदहाड़े बदमाशों ने लूटे बुजुर्ग से सवा लाख रुपये

देहरादून। अभी घंटाघर पर व्यापारी पिता-पुत्र के साथ और राजपुर रोड पर फाइनेंस कंपनी में हुई लूट मामले में पुलिस बदमाशों का सुराग लगाने में जुटी ही थी कि बेखौफ बदमाशों ने गुरुवार को एक और लूट की वारदात को अंजाम दे दिया। बदमाशों ने दिनदहाड़े चाट वाली गली में एक बुजुर्ग से सवा लाख रुपये लूट लिए।

पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में चार से पांच बदमाश नजर आ रहे हैं। पुलिस ने फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। उधर, एक के बाद एक तीन बड़ी वारदात से पुलिस की सक्रियता और कार्यप्रणाली पर फिर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के मुताबिक, नरेश कुमार आहूजा निवासी अंसारी मार्ग बीएसएनएल के रिटायर कर्मचारी हैं। गुरुवार दोपहर को उन्होंने घंटाघर स्थित पीएनबी शाखा से एक लाख 15 हजार रुपये निकाले। इसके बाद वह रुपये लेकर पैदल ही घर की ओर जा रहे थे।

करीब पौने एक बजे वह चाट वाली गली पहुंचे तो साइकिल सवार एक बदमाश ने उन्हें टक्कर मार दी। जिससे वह गिर गए। इसी बीच चार-पांच बदमाश उनके पास आए और उनमें से एक ने उनकी जेब में रखे रुपये निकाल लिए।

पीड़ित ने सोचा कि साइकिल सवार ने उनके पैसे लिए हैं, इसलिए वह उसके पीछे भागे, लेकिन वह कुछ दूरी पर अपनी साइकिल छोडकर चकराता रोड की तरफ भाग गया। शोर सुनकर वहां भीड़ जुट गई। इसी बीच भीड़ का फायदा उठाकर अन्य बदमाश भी वहां से फरार हो गए।

उधर, दिनदहाड़े बुजुर्ग से लूट की सूचना पर कोतवाली पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। उच्च अधिकारियों को सूचित कर कोतवाल शिशुपाल सिंह नेगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद एसपी सिटी प्रदीप राय भी मौके पर पहुंचे और बदमाशों के बारे में पीड़ित से बात कर घटना की जानकारी ली।

बैंक से ही पीछा कर रहे थे बदमाश बुजुर्ग के साथ हुई लूट की यह घटना आसपास के सीसीटीवी कैमरों में कै द हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि चार लोग बैंक से ही उनके पीछे लगे हुए थे। एक साइकिल सवार चाट वाली गली में इंतजार कर रहा है।

जैसे ही बुजुर्ग गली में पहुंचे साइकिल सवार बदमाश ने उन्हें जानबूझकर टक्कर मारी। इसके बाद अन्य बदमाश पास आए और उनकी जेब से पैसे निकाल लिए। फुटेज में चारों बदमाश वहां से भागते दिख रहे हैं। एसपी सिटी के मुताबिक, सीसीटीवी में संदिग्धों के चेहरे साफ नजर आ रहे हैं। उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

13 नवंबर को भी घंटाघर के पास हुई थी लूट 

बीते 13 नवंबर को भी घंटाघर के पास लूट की वारदात हुई थी। चार-पांच बदमाशों ने मेरठ निवासी सर्राफ पिता-पुत्र से 15 लाख के गहने लूट लिए थे। हालांकि, उस वारदात में बदमाशों ने पुलिसकर्मी बनकर वारदात को अंजाम दिया था, लेकिन घटना में चार से पांच बदमाश ही शामिल थे और वह भी काफी देर से पीड़ितों का पीछा कर रहे थे।

आखिर कहां हैं शहर की पुलिस 

दून में एक माह में लूट की तीन बड़ी वारदात सामने आ चुकी हैं। इन तीनों वारदात के बाद दून पुलिस की मुस्तैदी और कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। इससे साबित हो रहा है कि अपराधियों में दून पुलिस का को कोई खौफ नहीं रह गया है।

इसीलिए बदमाश बेखौफ होकर एक के बाद एक वारदात को अंजाम दे रहे हैं। दून में लूट की पहली वारदात 13 नवंबर को हुई थी। चार से पांच की संख्या में बदमाशों ने पुलिसकर्मी बनकर दिनदहाड़े और घंटाघर क्षेत्र में मेरठ निवासी सर्राफ पिता-पुत्र से 15 लाख के गहने लूट लिए।

पुलिस अभी लूट में शामिल इन बदमाशों की तलाश में जुटी ही थी कि 29 नवंबर को बेखौफ बदमाशों ने राजपुर रोड पर मीडो प्लाजा स्थित गोल्ड लोन कंपनी में दिनदहाड़े हथियारों के बल पर लूट को अंजाम दे दिया। इनकी तलाश में दून पुलिस जयपुर, हरियाणा में खाक छान रही है।

सवाल उठ रहे हैं कि जब दून में हाल ही में लूट की दो बड़ी वारदात हो चुकी थीं दून पुलिस सतर्कता क्यों नहीं बरत रही। आखिर, इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस की ओर से रोडमैप तैयार क्यों नहीं किया जा रहा है।

लूट के साथ ही दून में लगातार चोरी, टप्पेबाजी आदि की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में आम जनता के बीच भी खौफ है। पता नहीं, कब कौन किसी की जिंदगीभर की कमाई लूट ले।

फिर उठे सीपीयू के औचित्य पर सवाल 

लूट की लगातार बढ़ रही घटनाओं से एक बार फिर सिटी पेट्रोल यूनिट के औचित्य पर सवाल उठने लगे हैं। सीपीयू का गठन ही इस प्रकार के स्ट्रीट क्राइम को रोकने के लिए किया गया था, लेकिन वर्तमान में सीपीयू सिर्फ वाहनों के चालान करने तक सीमित रह गई है। चालान काटने के अलावा शायद ही कोई एक वारदात या घटना हो जो सीपीयू कर्मियों की मुस्तैदी से रुकी हो या खुली हो।

पुलिस को भातू गैंग पर शक 

घंटाघर पर बुजुर्ग के साथ हुई लूट का शक पुलिस को भातू गैंग पर है। पुलिस का कहना है कि यह जिस प्रकार की घटना है, जो अक्सर भातू गैंग के सदस्य करते हैं। कोतवाली एसएस नेगी ने बताया कि जल्द ही इस गैंग के सदस्यों की कुंडली खंगाली जाएंगी।

जल्द खुलासे का दावा

एसएसपी निवेदिता कुकरेती के अमुसार बजुर्ग के साथ हुई लूट की घटना के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हो गए हैं। फुटेज में कुछ संदिग्ध दिख रहे हैं। उनकी पहचान की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।

बेटे की शादी के लिए निकाली थी रकम

घंटाघर पर दिनदहाड़े बुजुर्ग से जो रकम लूटकर बदमाश फरार हो गए, वह रकम बुजुर्ग अपने बेटे की शादी के लिए बैंक से निकालकर ला रहे थे। बुजुर्ग ने बताया कि 22 जनवरी को उनके बेटे की शादी है और वे शादी की तैयारियों में लगे हैं। ऐसे में सवा लाख रुपये लूटे जाने से वे सदमे में हैं। वहीं, दून में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही है, जिससे आम आदमी खौफ के साये में जीने को मजबूर है।

चोर, लुटेरे और टप्पेबाजों ने दून का सुकून छीन लिया है। आए दिन यहां इस प्रकार की कोई न कोई घटना सामने आ रही है। जिससे अब महिलाएं, बुजुर्ग, कारोबारी सड़कों पर अकेले चलने से घबरा रहे हैं। आज बदमाशों ने बुजुर्ग से जो रकम लूटी है, वह बजुर्ग ने अपने बेटे की शादी के इंतजाम के लिए निकाली थी। जिंदगीभर की गाढ़ी कमाई एक झटके में लूट ली जाने का खौफ अब हर किसी को सताने लगा है और पुलिस महज झूठे आश्वासन दे रही है।

घटना होने के बाद तो पुलिस जल्द खुलासे के दावे करती है, लेकिन यह दावे उनके उस समय हवा हो जाते हैं, जब दूसरी घटना सामने आ जाती है। हालांकि, कुछ मामलों में पुलिस की सक्रियता काम भी आती है, लेकिन घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस की ओर से कोई ठोस रणनीति न बनाए जाने के कारण घटनाएं निरंतर बढ़ती जा रही हैं। बीते दस माह की ही बात करें तो दून में छोटी-बड़ी लूट की 23, चेन स्नेचिंग की 22 और चोरी की भी दर्जनों वारदात सामने आ चुकी हैं। कई मामलों में आरोपित पकड़े भी गए, लेकिन घटनाएं नहीं रुकी हैं।

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