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प्रतिबंध होने के बावजूद कचरा फैलाने और थूकने में देहरादून सबसे आगे

प्रतिबंध होने के बावजूद कचरा फैलाने और थूकने में देहरादून सबसे आगे

देहरादून। इसे जागरूकता का अभाव कहें या परिवेश की स्वच्छता को लेकर उदासीनता। बात चाहे जो हो, मगर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में धड़ल्ले से पॉलीथिन का इस्तेमाल हो रहा है। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकने और थूकने पर प्रतिबंध के बावजूद इसे लेकर बेपरवाही का आलम है। गढ़वाल मंडल के सात जिलों के 49 नगर निकायों में प्लास्टिक और एंटी लिटरिंग एंड एंटी स्पिटिंग एक्ट के तहत अब तक हुई जुर्माने की कार्रवाई इसकी तस्दीक करती है।

पॉलीथिन-प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रुड़की में सर्वाधिक जुर्माना वसूला गया, जबकि सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फैलाने और थूकने पर देहरादून में सबसे अधिक। पॉलीथिन के कारण उत्पन्न पर्यावरणीय खतरों को देखते हुए सरकार ने उत्तराखंड में पॉलीथिन-प्लास्टिक को बैन किया हुआ है। इसके अलावा सड़कों, सार्वजनिक स्थलों व खुले स्थानों में कूड़ा फेंकने और थूकने पर रोक लगाने के उद्देश्य से एंटी लिटरिंग एंड एंटी स्पिटिंग एक्ट-2016 (सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकना और थूकना प्रतिषेध कानून) भी प्रदेश में लागू है। बावजूद इसके प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में ही इन कानूनों को लेकर जागरूकता का अभाव देखने में आ रहा है। गढ़वाल मंडल के 49 नगर निकायों की तस्वीर को ही देखें तो वहां पॉलीथिन- प्लास्टिक और सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा डालने व थूकने पर लगातार जुर्माने की कार्रवाई तो इसी तरफ इशारा कर रही है।
शहरी विकास विभाग की रिपोर्ट पर गौर करें तो गढ़वाल के इन नगर निकायों में अब तक पॉलीथिन-प्लास्टिक के इस्तेमाल पर 2899635 रुपये और सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा डालने व थूकने पर 859480 रुपये बतौर जुर्माना वसूला गया। निकायवार देखें तो रुड़की नगर निगम क्षेत्र में पॉलीथिन-प्लास्टिक के मामले में सर्वाधिक 531680 रुपये का जुर्माना वसूला गया। दूसरे व तीसरे नंबर पर देहरादून व हरिद्वार हैं। इन निगमों में क्रमश: 487300 रुपये व 444250 रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।
वहीं, सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा डालने व थूकने के मामले में देहरादून में सर्वाधिक 281080 रुपये बतौर जुर्माना वसूला जा चुका है। नगर निगम हरिद्वार दूसरे स्थान पर है, जहां 70000 रुपये जुर्माना वसूला गया। टिहरी नगर पालिका क्षेत्र में 53400 रुपये बतौर जुर्माने के वसूले गए हैं।
14 निकायों में नहीं एक भी मामला एंटी लिटरिंग एंड एंटी स्पिटिंग एक्ट के मामले में गढ़वाल मंडल के 14 निकाय ऐसे भी हैं, जहां अभी तक कोई जुर्माना नहीं हुआ है। इन निकायों में नगर पालिका जोशीमठ, हरबर्टपुर, लक्सर, शिवालिकनगर, चिन्यालीसौड़ व दुगड्डा, नगर पंचायत बदरीनाथ, पीपलकोटी, झबरेड़ा, लंढौरा, भगवानपुर, पुरोला, ऊखीमठ और स्वर्गाश्रम जौंक शामिल हैं।

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