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संभागीय खाद्यान्न नियंत्रक ने सरकारी गोदाम से समस्त कर्मचारियों को हटाने के किए आदेश जारी

संभागीय खाद्यान्न नियंत्रक ने सरकारी गोदाम से समस्त कर्मचारियों को हटाने के किए आदेश जारी

देहरादून। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सरकारी गोदाम से खाद्यान्न गबन मामले में गोदाम के करीब सभी कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है। इसमें खाद्यान्न ठिकाने में लगाने में प्रभारी ही नहीं, बल्कि चौकीदार की भी भूमिका संदिग्ध पाई गई है। संभागीय खाद्यान्न नियंत्रक ने गोदाम में तैनात समस्त कर्मचारियों को हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस कड़ी में नए कर्मचारियों की तैनाती की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

दैनिक जागरण के 15 नवंबर के अंक में ‘सरकारी गोदाम में गेहूं-चावल के हजारों बोरे गायब’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में किए गए खुलासे ने गोदाम की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। खबर का संज्ञान लेकर मामले की उच्च स्तरीय जांच को समिति बनाई गई। अब समिति की रिपोर्ट में गड़बड़ी किए जाने की पुष्टि हुई है।

जांच में खाद्यान्न को ठिकाने लगाने में प्रभारी व दो विपणन निरीक्षक अमित कुमार व इशरत की भूमिका पहले ही संदिग्ध बताई जा चुकी है, जिसके बाद तीनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है। अब यह भी सामने आया है कि इस खेल में निरीक्षक सहायक, ठेकेदार व चौकीदार की भी भूमिका संदेह के घेरे में है। इससे विभागीय अधिकारी भी हैरान हैं।

उधर, जांच रिपोर्ट मिलते ही आरएफसी चंद्र सिंह धर्मशक्तू ने अब उपनल के माध्यम से तैनात निरीक्षक सहायक व चौकीदार समेत अन्य कर्मचारियों को हटाने को उपनल मुख्यालय को पत्र भेज दिया है। इसी के साथ गोदाम में नए कर्मचारियों की तैनाती भी शुरू हो चुकी है। बता दें कि जांच में गोदाम से 8484 गेहूं व 2408 चावल के बोरे गायब मिले थे।

गोदाम में गड़बड़ी के मामले

  • 07 अगस्त : राशन विक्रेताओं ने गोदाम के कांटे में गड़बड़ी पकड़ी।
  • 15 दिसंबर : गोदाम से हजारों गेहूं-चावल के बोरे गायब।
  • 12 दिसंबर : गोदाम से राशन विक्रेताओं ने फर्जी तरीके से चार लाख की कीमत का खाद्यान्न उठाया।

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