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चिकित्सकों के पद बढ़ाने के बजाय घटाकर कर दिए कम।

चिकित्सकों के पद बढ़ाने के बजाय घटाकर कर दिए कम।

रुड़की : सिविल अस्पताल रुड़की में शासन ने चिकित्सकों के पद बढ़ाने के बजाय कम कर दिए हैं। पहले ही सृजित पदों से आधे डॉक्टर ही तैनात है। अस्पताल के लिए पहले 19 चिकित्सकों के पद स्वीकृत थे, लेकिन इन पदों की संख्या घटाकर अब 16 कर दी गई है। जबकि लगातार मांग उठ रही है कि सिविल अस्पताल में सृजित पदों के सापेक्ष डॉक्टरों की तैनाती के अलावा कुछ अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद सृजित किए जाएं।

सिविल अस्पताल रुड़की प्रदेश के बड़े अस्पतालों में शामिल है। जिसमें प्रतिदिन शहर और आसपास से करीब 300 से 400 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल के वार्ड में 106 बिस्तर का है। मरीजों की संख्या को देखते हुए यहां सीएमएस सहित 19 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। इन स्वीकृत पदों के सापेक्ष 13 चिकित्सक अस्पताल में मौजूद हैं। इनमें चार संविदा चिकित्सक है। अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से ट्रामा सेंटर के लिए तैनात चार संविदा चिकित्सक भी अस्पताल में ही मरीजों का उपचार करते हैं। ट्रामा सेंटर अभी शुरू नहीं हो पाया है। इसके बाद भी मरीजों को ठीक प्रकार से उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिसको देखते हुए लगातार चिकित्सकों के पद बढ़ाने की मांग की जा रही है। लेकिन शासन ने चिकित्सकों के पद बढ़ाने के बजाय, चिकित्सकों के तीन पद घटा दिए। जिसमें दंत सर्जन, मनोरोग विशेषज्ञ और ईएमओ के पद कम कर दिया है। हालांकि दंत सर्जन, मनोरोग विशेषज्ञ वर्तमान में अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

वर्तमान में स्वीकृत पद

पद नाम स्वीकृत पद कार्यरत पद

सीएमएस एक —

सर्जन ग्रेड-1 एक —

एनस्थेटिस्ट एक एक संविदा

पैथोलॉजिस्ट एक एक

फिजिशियन एक एक संविदा

रेडियोलॉजिस्ट एक एक

ईएनटी सर्जन एक —

काíडयोलॉजिस्ट एक —

आर्थोपेडिक एक एक

नेत्र सर्जन एक दो

बाल रोग विशेषज्ञ एक एक

ईएमओ दो दो

स्त्रीरोग विशेषज्ञ दो एक

जीडीएमओ एक एक

दंत चिकित्सक —- एक

मनोरोग विशेषज्ञ — एक संविदा

सिविल अस्पताल में पहले सीएमएस सहित 19 चिकित्सकों के पद स्वीकृत थे। अब यह चिकित्सकों के पद 16 कर दिए गए हैं। वर्तमान में स्वीकृत पद के सापेक्ष अस्पताल में 14 चिकित्सक तैनात हैं। इसमें संविदा चिकित्सक में भी शामिल हैं। ट्रामा सेंटर अभी शुरू नहीं हो पाया है। इसलिए ट्रामा सेंटर के पांच संविदा चिकित्सक भी अस्पताल की ओपीडी आदि देख रहे हैं।–डॉ. एके मिश्रा, कार्यवाहक सीएमएस, सिविल अस्पताल रुड़की

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