Share
दून मेडिकल अस्पताल में हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा, फर्जी ढंग से फार्मेसिस्ट व अन्य पदों पर दी नियुक्ति

दून मेडिकल अस्पताल में हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा, फर्जी ढंग से फार्मेसिस्ट व अन्य पदों पर दी नियुक्ति

देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नियुक्ति के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। खुद को अस्पताल की नर्स बताने वाली एक महिला ने कुछ युवतियों को फर्जी ढंग से फार्मेसिस्ट व अन्य पदों पर नियुक्ति दे दी। उन्हें न केवल पहचान पत्र जारी किए, बल्कि पंजीकरण पंजिका पर हस्ताक्षर भी कराए।

मामला प्रकाश में आने के बाद अब अस्पताल प्रशासन भी सकते में है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्टाफ व सुरक्षा कर्मियों को संबंधित महिला की कोई भी जानकारी लगते ही तुरंत उन्हें सूचित करने को कहा है। उनका कहना है कि लिखित शिकायत मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

दरअसल, मीना पासवान, सुनीता भंट्ट समेत तीन युवतियां सोमवार को दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा से मिलीं। उन्होंने बताया कि एप्रन पहने व खुद को स्टाफ नर्स बताने वाली एक महिला ने उन्हें अस्पताल में फार्मेसिस्ट, टीबीएचवी व अन्य पदों पर नियुक्ति देने की बात कही थी।

आरोपित महिला ने कहा कि इसके लिए वह अपने स्तर पर उनका पंजीकरण करा देगी। इसके एवज में महिला ने इन युवतियों से 20-25 हजार रुपये भी लिए गए थे। इसके बाद युवतियों को पहचान पत्र जारी किया गया।

पहचान पत्र पर हस्ताक्षर फर्जी, मुहर भी नहीं 

चिकित्सा अधीक्षक ने इन युवतियों से महिला का फोटो मांगा है। जिसे अस्पताल के स्टाफ व सुरक्षा गार्ड को सर्कुलेट किया जाएगा। उनका कहना है कि पहचान पत्र पर उनका नाम दिया गया है। इस पर हस्ताक्षर फर्जी हैं और कोई मुहर भी नहीं लगी।

मेडिकल कॉलेज में नियोक्ता प्राचार्य हैं। उनका किसी भी तरह की नियुक्ति से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। जिन पदों पर नियुक्ति की बात की जा रही है, उनके लिए कोई विज्ञापन भी जारी नहीं किया गया। इन युवतियों को नौकरी का झांसा देकर महिला ने बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है। पीड़ित पक्ष को भी पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने को कहा गया है।

पहले भी पकड़ में आई महिला, चेतावनी देकर छोड़ा 

अस्पताल में कार्यरत अन्य स्टाफ का कहना है कि फर्जी नियुक्ति प्रकरण में जिस महिला का नाम सामने आ रहा है, पूर्व में भी उसे एक प्रकरण में पकड़ा गया था। तब उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। खास बात यह कि वह महिला सभी को अलग-अलग नाम बताती है।

उक्त तीन युवतियों को उसने अपना नाम श्रुति, दीपिका व नीलम बताया था। अब सवाल यह है कि महिला की गतिविधियां यदि पहले से ही संदिग्ध थीं तो अस्पताल प्रशासन ने इसे लेकर गंभीरता क्यों न बरती। ताज्जुब की बात यह कि महिला अस्पताल में पूरे अस्पताल में एप्रन पहने घूमती फिरती है। यहां तक की प्लास्टर रूम में भी उसे कई बार देखा गया है।

सीएमओ कार्यालय में भी सामने आया था ऐसा मामला 

कुछ समय पहले भी मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में फर्जी नियुक्तियों का भंडाफोड़ हुआ था। इस मामले में तत्कालीन सीएमओ डॉ. वाईएस थपलियाल पर भी आरोप लगे थे। यहां तक की कई युवक-युवतियों ने दून अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया था। हद ये कि मेडिकल कॉलेज सीएमओ के अधीन न होने के बावजूद भी उनके नाम से यहां तमाम फर्जी नियुक्तियां की गई थीं। बकायदा इसकी मेरिट सूची भी जारी की गई।

डॉ. थपलियाल ने इस मामले में पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। जिसकी जांच चल रही है। इस प्रकरण में भी दून अस्पताल की कथित नर्स का नाम सामने आया था।

Leave a Comment