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दहशत का सबब बनी मादा तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में हुई कैद

दहशत का सबब बनी मादा तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में हुई कैद

बागेश्वर: काफलीगैर क्षेत्र में दहशत का सबब बनी मादा तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गई है। फिलहाल, उसे जिला मुख्यालय ले जाया गया है। जहां से उसे गैर आबादी क्षेत्र में आजाद कर दिया जाएगाा। काफलीगैर क्षेत्र के ग्राम पंचायत बंजा से वयस्क मादा तेंदुआ वन विभाग की पकड़ में आ गई है। ग्रामीण क्षेत्र में तीन से चार तेंदुए होने की शिकायत लंबे समय से कर रहे थे। क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ने के बाद वन विभाग ने पिंजरा लगाया। पिंजरा लगाने के 72 घंटे के अंदर ही मादा तेंदुआ पकड़ में आ गई। उसे छतीना स्थित वन विभाग परिसर में ले जाया गया। जहां उसके स्वास्थ्य की जांच की गई।

डॉ. हिमांशु पाठक ने बताया कि मादा तेंदुआ की उम्र चार से साढ़े चार साल के बीच है। स्वास्थ्य जांच के बाद उसे परिसर में ही रखा गया है। जहां से उसे आधी रात को किसी दूरस्थ गैर आबादी क्षेत्र में आजाद कर दिया जाएगा। इस मौके पर रेंजर मोहन सिंह नयाल, वन दरोगा प्रयाद दत्त भट्ट, भूपाल राम, गणेश लाल, वन रक्षक अमित कनारी आदि ने सहयोग किया।

बकरी के शिकार के बाद लगाया पिंजरा

ग्राम पंचायत बंजा के नदीला तोक में ग्रामीण कई दिनों से तेंदुए के होने की शिकायत कर रहे थे। इसी बीच चार दिन पहले एक ग्रामीण के घर के भीतर से तेंदुए ने बकरी उठा ली। जिसके बाद नदीला तोक में पिंजरा लगाया गया। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि वृहस्पतिवार को पिंजरा लगाने के बाद शनिवार की तड़के चार बजे मादा तेंदुआ कैद हुई। सुबह पांच बजे वन विभाग को मामले की जानकारी मिली। जिसके बाद सुबह सात बजे उसे मौके से ले आया गया।

सेल्फी के लिए लगी भीड़

बंजा गांव में तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र होने लगी। इसके बाद लोग सेल्फी के लिए भारी संख्या में जुटने लगे।

डीएफओ आरके सिंह ने बताया कि पिंजरा लगाने के बाद मादा तेंदुआ पकड़ में आई है। जिसे सुरक्षित विभागीय परिसर में रखा गया है। रात के वक्त के उसे गैर आबादी क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।

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