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मजदूरों की झोपड़ियों में लगी आग, 16 दिन के बच्चे की दर्दनाक मौत

मजदूरों की झोपड़ियों में लगी आग, 16 दिन के बच्चे की दर्दनाक मौत

हल्द्वानी: गौला नदी के बेरीपड़ाव खनन निकासी गेट पर स्थित मजदूरों की झोपड़ियों में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। जिस कारण दो झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। जबकि झोपड़ी में सोए एक 16 दिन के दूधमुहे बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। अग्निकांड में मजदूरों का सब कुछ जलकर राख हो गया।

शनिवार की दोपहर को बेरीपड़ाव खनन निकासी गेट पर स्थित मजदूर मनोज पाल व सुखमनिया की झोपड़ी में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। घटना के वक्त मनोज पाल गौला नदी में मजदूरी करने व उसकी पत्नी रूबी देवी पानी भरने के लिए गई थी। जबकि पड़ोसी सुखमनीया बकरियों को चराने के लिए जंगल गई थी। घर पर मनोज पाल के 16 दिन के बच्चे राजा समेत तीन बच्चे घर पर थे। जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक दोनों झोपड़ी जलकर राख हो गई और उसमें सोया हुआ 16 दिन का बच्चा राजा भी जल कर मर गया। पड़ोसियों ने अन्य दो बच्चों को बाहर निकालकर बचाया। आसपास के लोगों ने आग को फैलने से रोकने के लिए काफी प्रयास किए। करीब आधे घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की दो वाहनों ने आग पर काबू पाया। अग्नि कांड के बाद दोनों परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। इधर विधायक नवीन दुम्का ने मौके पहुंचकर पीड़ित परिजनों को सांत्वना देते हुए सहायता करने का आश्वासन दिया।

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