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गुलदार के खात्मे के लिए वन अधिकारियों ने बनाई कारगर योजना

गुलदार के खात्मे के लिए वन अधिकारियों ने बनाई कारगर योजना

रायवाला, देहरादून: रायवाला क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने आदमखोर गुलदार के खात्मे को पार्क प्रशासन ने कमर कस ली है। वन चौकी की छत पर सो रहे मजदूर पर गुलदार के जानलेवा हमले के बाद से पार्क अधिकारी हरकत में आए है। आदमखोर गुलदार को मारने के लिए पहले उसे ट्रैंकुलाइज किया जाएगा। आदमखोर गुलदार झांसे में आ सके इसके लिए चार जगहों पर डमी इंसान खड़े किए गए हैं, इनके आसपास शूटर टीम तैनात है।

पार्क प्रशासन ने गुलदार को पकड़ने के लिए अपनी रणनीति में बदलाव किया। अब तक हाथी सवार टीम गुलदार की खोजबीन में लगी थी, लेकिन अब इनको हटाया गया है। गुलदार की आवाजाही वाली चार जगहों को चिह्नित कर डमी इंसान खड़े किए गए हैं। ताकि गुलदार इनके झांसे में आए और आसपास तैनात शूटर टीम मौका मिलते ही गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर सके।

हालांकि मंगलवार देर शाम तक इसमें सफलता नहीं मिल सकी, लेकिन वन अधिकारियों को अपनी रणनीति पर पूरा भरोसा है। रेंज अधिकारी विकास रावत के मुताबिक आदमखोर गुलदार के खात्मे के लिए कारगर योजना बनाई गई है। उसे ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा जाना है और मेडिकल परीक्षण आदमखोर की पुष्टि होने पर मार दिया जाएगा।
विदित है कि बीती 21 मई को गुलदार ने खांडगांव के पास फारेस्ट की डांडा बीट चौकी की छत पर सो रहे रामनगर निवासी मजदूर काला सिंह को अपना निवाला बनाया था। इससे पहले नौ मई को गौहरीमाफी के पास सत्यनारायण सेक्शन में राह चलती महिला सम्पति देवी को भी मार डाला था।

चार साल में अब तक 19 लोग गुलदार का निवाला बन चुके हैं। हमले की बढ़ती घटनाओं से पार्क प्रशासन चिंतित है। यही वजह है कि इस बार वन अधिकारी बेहद संजीदगी बरत रहे हैं। प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव ने आदमखोर गुलदार को मारने के आदेश जारी किए हैं।

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