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गुलदार के लगातार बढ़ते हमलों को देखते हुए विभाग कर रहा गणना की तैयारी

गुलदार के लगातार बढ़ते हमलों को देखते हुए विभाग कर रहा गणना की तैयारी

नई टिहरी: पहाड़ में गुलदार और मानव के बीच संघर्ष कोई नई बात नहीं है। लेकिन पिछले कुछ सालों के दौरान गुलदार-मानव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। इसी वर्ष गुलदार ने प्रतापनगर के खोलगढ़ में एक बालक को अपना निवाला बना लिया, जबकि कुछ दिन पहले नई टिहरी केमसारी टीनशेड में एक बालिका को हमला कर घायल कर दिया। वन विभाग ने गुलदार के लगातार बढ़ते हमलों को देखते हुए इनकी गणना करने की तैयारी कर रहा है।

बाघों की गणना वन विभाग समय-समय पर करता रहता है। लेकिन अभी तक पहाड़ों में गुलदारों की गणना नहीं की जा सकी है। जिस कारण पहाड़ में गुलदारों की संख्या का पता नहीं लग पा रहा है। जबकि पहाड़ में हर जगह पर गुलदार सक्रिय हैं। इनकी संख्या का सही अनुमान न होने के कारण विभाग भी इन्हें लेकर कोई ठोस योजना नहीं बना पा रहा है।

वहीं गुलदार के अवैध शिकार की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में वन विभाग अब अगले वर्ष से गुलदारों की गणना करने की योजना तैयार कर रहा है। इसके लिए अभी बजट का प्रावधान भी नहीं किया गया है। ऐसे में विभागीय अधिकारी इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार करने में जुटे हैं।

टिहरी गढ़वाल के डीएफओ कोको रोसे ने बताया कि गुलदारों की गणना को लेकर बैठक में चर्चा हुई है। संभवत जल्द ही गुलदारों की गणना के संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। इससे गुलदार प्रभावित क्षेत्रों का सही डाटा भी विभाग के पास उपलब्ध होगा।

क्या होगा फायदा 

– गुलदारों पर बन सकेगी कार्ययोजना

– अवैध शिकार पर लगेगी रोक

– इंसानों पर होंगे खतरे कम

– ज्यादा गुलदार वाले क्षेत्र होंगे चिह्नित

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