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सरकार ने आपदा प्रबंधन के लिए 1148 करोड़ का बजट किया स्वीकृत

सरकार ने आपदा प्रबंधन के लिए 1148 करोड़ का बजट किया स्वीकृत

देहरादून: सरकार ने आपदा प्रबंधन के लिए 1148 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। यह बजट आपदा के दौरान राहत बचाव के आधुनिक उपकरण, ट्रेनिंग और संसाधन जुटाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। मौसम की आधी-अधूरी भविष्यवाणी की बजाए अब नए यंत्रों से सटीक और सही सूचनाएं दी जा सकेंगी।

इस बार सरकार ने आपदा पूर्व तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए बजट पेश किया है। इसके तहत पूर्व में स्थापित चार ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन मुनस्यारी, त्यूणी, गैरसैंण और घनसाली के अलावा 107 नए स्टेशन स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। राज्य में हाईड्रोमेट नेटवर्क मजबूत करने के लिए ब्लॉक स्तर पर यंत्र लगाए जाएंगे, ताकि आपदा से पहले सटीक भविष्यवाणी हो सके। इसके अलावा 16 स्नोगेज, 28 ऑटोमेटिक रेनगेज और ऑर्डिनरी रेनगेज उपकरण भी स्थापित होंगे। इन उपकरणों के बाद मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, बर्फीली हवाएं या दूसरी तरह की आपदाओं के बारे में सटीक जानकारी दे पाएगा। इसके अलावा बजट में 2020 तक राज्य में महिला मंगल दलों, युवक मंगल दलों को खोज एवं बचाव का प्रारंभिक प्रशिक्षण ब्लॉक और जिला स्तर पर दिया जाएगा।

वज्रपात पर भी आपदा मोचन निधि से राहत

आपदा प्रबंधन को लेकर सरकार ने वज्रपात को भी स्थानीय आपदा में अधिसूचित कर दिया है। अब इसके तहत होने वाले नुकसान की भरपाई भी राज्य आपदा मोचन निधि के मानकों के अनुसार की जाएगी। अभी तक इस मद में सहायता न देकर राज्य विवेकाधीन कोष या फिर दूसरे मद से आपदाग्रस्त को सहायता दी जाती थी।

निदेशक (डीएमसीसी) पीयूष रौतेला का कहना है कि बजट से राज्य में आपदा प्रबंधन में लाभ मिलेगा। कई नए उपकरण लगने से सटीक जानकारी मिल जाएंगी। ट्रेनिंग और तकनीक के लिए भी बजट में प्रावधान है।

निदेशक (राज्य मौसम विज्ञान केंद्र) विक्रम सिंह का कहना है कि पहली बार बजट में मौसम के पूर्व अनुमान को लगाए जाने वाले उपकरणों को प्राथमिकता दी गई है। 107 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन से सही और सटीक सूचनाएं मिलेंगी।

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