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सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधा देने का अध्यादेश राजभवन भेजा

सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधा देने का अध्यादेश राजभवन भेजा

देहरादून,  पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधाएं देने के लिए मंत्रिमंडल से मंजूर अध्यादेश को सरकार ने राजभवन भेज दिया है। सरकार और समाज के प्रबुद्ध तबके की नजरें अब राजभवन पर टिक गई हैं। उधर, पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधाएं देने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता पद्मश्री अवधेश कौशल ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल कर दी है।

पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास समेत अन्य सुख-सुविधाओं के मामले में हाईकोर्ट सख्त रुख जताते हुए आदेश जारी कर चुका है। हाईकोर्ट की सख्ती को देखते हुए राज्य सरकार ने अध्यादेश के जरिये पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए सुविधाएं जुटाने की ठानी है।

हालांकि, राज्य की खराब आर्थिक स्थिति, गैर विकास मदों पर बढ़ते खर्च और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की चुनौती के बीच सरकार ने आखिरकार जनता की गाढ़ी कमाई से अच्छी माली हालत वाले सियासी रसूखदार पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधाएं देने के लिए अध्यादेश राजभवन भेज दिया है। इस अध्यादेश को बीती 13 अगस्त को राज्य मंत्रिमंडल ने गुपचुप तरीके से मंजूरी दी थी।

राजभवन से मंजूरी मिलने के बाद अध्यादेश अस्तित्व में आ जाएगा। यह दीगर बात है कि राज्य के तमाम बुद्धिजीवी, लोक संस्कृति के पुरोधा, कलाकार, राज्य आंदोलनकारी, पूर्व सैनिक समेत आम जनता पूर्व मुख्यमंत्रियों पर सुविधाएं लुटाए जाने के पक्ष में नहीं है।

हाईकोर्ट पूर्व मुख्यमंत्रियों को बाजार दर से सरकारी आवासों का किराया देने के आदेश जारी कर चुका है। अध्यादेश लागू होने के साथ ही इसे अदालत में चुनौती मिलना भी तय हो गया है। इस मामले में याचिकाकर्ता अवधेश कौशल ने बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल कर दी है। अब उक्त मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा तो उन्हें भी सुना जाएगा।

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