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Ind vs NZ: हार्दिक पांड्या ने फिर किया ये कमाल, छुड़ा दिए न्यूज़ीलैंड के पसीने

Ind vs NZ: हार्दिक पांड्या ने फिर किया ये कमाल, छुड़ा दिए न्यूज़ीलैंड के पसीने

नई दिल्ली । भारत और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पांचवें वनडे मैच में हार्दिक पांड्या मे ताबड़तोज़ पारी खेली। इस मैच में जब ज़्यादातर भारतीय दिग्गज़ बल्लेबाज़ों ने अपने फैंस को निराश किया और टीम इंडिया को मुश्किल स्थिति में पहुंचाया वहीं पांड्या उन कुछ में बल्लेबाज़ रहे जिन्होंने टीम को मुश्किलों से उबारा। इस मैच में पांड्या अंबाती रायुडू के आउट होने के बाद बल्लेबाज़ी करने आए और उन्होंने आते ही धमाकेदार शॉट्स खेलने शुरू कर दिया। पांड्या ने भारतीय पारी में एक फिनिशर की भूमिका निभाते हुए 22 गेंदों में नाबाद 45 रन की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने दो चौके और पांच छक्के भी जड़े। पांड्या की इस बेहतरीन पारी के बाद भारतीय टीम 252 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच सकी।

एक ओवर में जड़े तीन छक्के

इस बेहतरीन पारी के दौरान पांड्या ने 47वें ओवर में टॉड एस्टल की तीन गेंदों पर लगातार तीन छक्के जड़े। इस ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने डिफेंस किया। इसके बाद पांड्या ने दूसरी, तीसरी और चौथी गेंद पर बैक टू बैक तीन छक्के जड़ दिए। आपको बता दें कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब पांड्या ने वनडे क्रिकेट में एक ओवर में लगातार तीन छक्के जड़े हों।

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इससे पहले 2017 में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भी पांड्या ने पाक्स्तान के खिलाफ लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के जड़े थे। हार्दिक पांड्या ने पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भारत की पारी के 23वें ओवर में शादाब खान की तीन गेंदों पर तीन दमदार छक्के लगाए और इस ओवर में 23 रन बटोरे थे। आपको याद दिला दे कि चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में जब भारतीय टीम लीग मैच में पाकिस्तान से भिडी थी उस मैच में भी हार्दिक पांड्या ने लगातार तीन छक्के जड़े थे। उस मैच में भारतीय पारी के 50वें ओवर में पांड्या ने ये कमाल किया था।

इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले वनडे मैच में स्पिनर एड्म जांपा की भी लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के जड़े थे।

पांड्या टेस्ट में भी जड़ चुके हैं लगातार तीन छक्के

हार्दिक ने श्रीलंका के खिलाफ 2017 में पल्लेखेले में खेले टेस्ट मैच में भी लगातार तीन गेंदों पर तीन छक्के जड़े थे। इस पारी के दौरान उन्होंने अपना पहला और एकमात्र अंतरराष्ट्रीय टेस्ट शतक भी जड़ा था। उस मैच में पांड्या ने भारतीय पारी के 116वें ओवर में मिलिंदा पुष्पकुमारा के एक ओवर में 26 रन बनाए। उन्होंने पहली दो गेंदों पर दो चौके जड़े और फिर अगली तीन गेंदों पर उन्होंने तीन छक्के लगाए और आखिरी गेंद पर वो कोई रन नहीं बना सके थे।

पांड्या की पारी ने पहुंचाया 250 के पार

इस मैच में भारतीय टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फैसला किया। भारत की शुरुआत खराब रही टीम इंडिया ने मात्र 18 रन पर ही चार विकेट खो दिए थे। इसके बाद अंबाती रायुडू और विजय शंकर ने भारतीय पारी को 98 रन की साझेदारी करते हुए संभाला। विजय शंकर 45 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन रायुडू टिके रहे और रन बनाते रहे। 90 रन के निजी स्कोर पर रायुडू भी आउट हो गए और तब भारत का स्कोर था 190 रन और छह विकेट गिर चुके थे। फिर पांड्या आए और उन्होंने आखिरी ओवरों नें तूफानी पारी खेली। इसी बीच केदार जाधव भी 34 रन बनाकर आउट हो गए। पांड्या ने 22 गेंदों में नाबाद 45 रन की पारी खेली और टीम इंडिया के स्कोर को 250 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

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