Share
उत्तराखंड की बेटी नैन्सी बिष्ट बनी एशियाई फ्लरबॉल चैंपियनशिप-2018 में सर्वाधिक स्कोर करने वाली भारतीय महिला खिलाड़ी

उत्तराखंड की बेटी नैन्सी बिष्ट बनी एशियाई फ्लरबॉल चैंपियनशिप-2018 में सर्वाधिक स्कोर करने वाली भारतीय महिला खिलाड़ी

त्यूणी। खेल के क्षेत्र में देहरादून जिले के जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर के ग्राम दिलोऊ की प्रतिभावान बेटी नैन्सी बिष्ट ने उत्तराखंड के साथ ही देश का नाम अंतरराष्ट्रीय फलक पर रोशन किया है। नैन्सी ने सिंगापुर में हुई एशियाई फ्लरबॉल चैंपियनशिप-2018 में भारतीय महिला टीम से खेलते हुए पहला गोल दाग कर इतिहास रचा। अपनी खेल प्रतिभा के दम पर नैन्सी ने चैंपियनशिप में सर्वाधिक स्कोर करने वाली भारतीय महिला खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया।

जौनसार-बावर के कालसी ब्लॉक स्थित अठगांव-चंदौऊ खत के ग्राम दिलोऊ निवासी कल सिंह बिष्ट केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में उप-महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी तीन संतानों में नैन्सी सबसे छोटी है, जबकि बड़ा बेटा यशपाल बिष्ट किसी नामी प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है और छोटा बेटा विवेक बिष्ट दिल्ली में स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। पत्नी सीमा बिष्ट गृहणी हैं।

नैन्सी की शुरुआती शिक्षा भी दिल्ली में ही हुई। वर्तमान में वह ग्वालियर (मध्य प्रदेश) से बीएससी कर रही है। बचपन से ही खेलों में रुचि रखने वाली नैन्सी 12वीं राष्ट्रीय फ्लरबॉल चैंपिंयनशिप-2017 में शानदार प्रदर्शन कर बेस्ट महिला खिलाड़ी का अवार्ड जीत चुकी है। इसी के बाद उसे सिंगापुर में आयोजित एशियाई फ्लरबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय महिला टीम में शामिल किया। यहां नैन्सी ने भारतीय टीम की ओर से पहला गोल दाग कर इतिहास रचा। वह चैंपियनशिप में सर्वाधिक स्कोर बनाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी भी बनी और सातवीं रैंक हासिल की।

बेटियां हर चुनौती स्वीकार करने को तैयार

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की मुहिम को सफल बनाने में जुटी नैन्सी का कहना है कि अगर बेटियों को मौका मिले तो वह कोई भी बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं। दधौऊ निवासी उत्तराखंड कबड्डी स्पोटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद सिंह चौहान कहते हैं कि एशियाई चैंपिंयनशिप नैन्सी क्षेत्र की अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

लोक संस्कृति से बच्चों का गहरा नाता 

नैन्सी के पिता केएस बिष्ट बताते हैं कि उनके परिवार का जौनसार की लोक संस्कृति से गहरा नाता है। वह लोक संस्कृति से जुड़े पौराणिक तीज-त्योहार मनाने साल में एक-दो बार परिवार के साथ अपने गांव दिलोऊ आते हैं। उनके तीनों बच्चे जौनसारी बोली-भाषा और क्षेत्र के परंपरागत रीति-रिवाजों को अच्छी तरह जानते हैं। खासकर नैन्सी को तो जौनसारी गीत बेहद पसंद हैं। वह समय मिलने पर विवाह समारोह और मेलों में शामिल होने के लिए गांव जाकर जौनसारी तांदी-नृत्य के साथ जश्न मनाती है।

सीएम ने किया नैन्सी को सम्मानित

एशियाई चैंपियनशिप में प्रदेश एवं देश का नाम अंतरराष्ट्रीय फलक पर रोशन करने वाली नैन्सी को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बीते 23 दिसबंर को कालसी में आयोजित यमुना शरदोत्सव, क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक महोत्सव में सम्मानित किया।

Leave a Comment