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किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान तीन की मौत

किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान तीन की मौत

देहरादून।  दून में किडनी खरीद-फरोख्त मामले की जांच में परतें खुलने लगी है। सूत्रों से पता चला है कि पूर्व में डॉ.अमित के हाथों किडनी प्रत्यारोपण करते वक्त तीन टर्की नागरिकों की मौत भी हो चुकी हैं। इस मामले में उसे पंचकूला की एक अदालत ने दोषी भी करार दिया है। पुलिस इस केस के बारे में और अधिक डिटेल जुटा रही है।

दरअसल, विशेषज्ञ डाक्टरों के अनुसार सामान्य तौर पर किडनी ट्रांसप्लांट में कम से कम छह से सात घंटे लगते हैं। लेकिन किडनीखोर डाक्टर अमित इस काम को मात्र तीन से चार घंटे में अंजाम दे देता था। इसकी पुष्टि गंगोत्री अस्पताल के स्टॉफ ने पुलिस पूछताछ में भी की है।

स्थानीय चिकित्सक भी रडार पर 

पुलिस का मानना है कि सर्जरी के लिए मुंबई से सप्ताह में एक बार आने वाले डॉ.अमित ने देहरादून में भी स्थानीय स्तर पर कुछ चिकित्सकों को हॉयर कर रखा था। यह चिकित्सक उसके चले जाने के बाद मरीजों की देखभाल करते थे।

पूछताछ के लिए डेढ़ दर्जन लोगों को उठाया 

किडनी किंग के अस्पताल में काम करने वाले स्टॉफ व उनके नजदीकियों में से कई को पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसमें डॉ.अमित के स्थानीय चिकित्सकों से संपर्क का भी पता चला है, जो उसके यहां आकर मरीजों की देखभाल करते थे।

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