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क्या गुरुवार भारतीय क्रिकेट के लिए बनेगा एतिहासिक दिन?

क्या गुरुवार भारतीय क्रिकेट के लिए बनेगा एतिहासिक दिन?

नई दिल्ली। गुरुवार 20 जुलाई..ये दिन भारतीय क्रिकेट के लिए एक यादगार और एतिहासिक दिन बन सकता है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम विश्व कप के सेमीफाइनल में दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई टीम के सामने होगी। अगर भारत की बेटियां जीत दर्ज करने में सफल रहीं तो वे विश्व कप के फाइनल में दूसरी बार जगह बनाने में सफल रहेंगी। आइए जानते हैं कि क्या हैं आसार और क्यों भारतीय टीम भी है जीत की दावेदार..

– एक बार फिर सेमीफाइनल में

विश्व कप इतिहास में जितनी बार सेमीफाइनल के फॉर्मेट के साथ टूर्नामेंट आयोजित हुआ, उसमें भारतीय महिला क्रिकेट टीम चौथी बार सेमीफाइनल तक पहुंची है। 1997 के सेमीफाइनल में भारतीय टीम हारी थी, 2000 के सेमीफाइनल में भी भारतीय टीम को हार मिली लेकिन दक्षिण अफ्रीका में आयोजित हुए 2005 के विश्व कप सेमीफाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि फाइनल में भारत हार गया था।

– ऑस्ट्रेलिया से 12 साल पुराना बदला लेने की चाहत

आज से 12 साल पहले 2005 में भारतीय टीम मिताली राज की कप्तानी में ही विश्व कप खेलने उतरी थी। उस टूर्नामेंट के फाइनल में भारत को ऑस्ट्रेलिया ने 98 रनों से करारी शिकस्त दी थी। भारतीय टीम में आज कई खिलाड़ी बदल चुकी हैं लेकिन जोश पहले से भी ज्यादा है। भारतीय टीम अगर गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया को बाहर का रास्ता दिखाने में सफल रही तो उसकी ये अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी साबित होगी।

– इस बार क्यों उम्मीदें हैं ज्यादा?

लाजवाब कोच

गुरुवार को सामने नंबर.1 ऑस्ट्रेलियाई टीम है लेकिन फिर भी ज्यादातर लोगों का मानना है कि रैंकिंग में चौथे नंबर की भारतीय टीम जीत सकती है। इसकी वजह टीम के मौजूदा खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोच तुषार अरोथे भी हैं। टीम के कोच तुषार 2009 से टीम के साथ जुड़े हुए हैं और इस दौरान टीम ने काफी अच्छे नतीजे दिए हैं। तुषार टीम में बदलाव करने से नहीं घबराते और हाल में कई मौकों पर यही उनका सबसे बड़ा मास्टर स्ट्रोक साबित हुआ। एकता बिष्ट जैसी स्टार स्पिनर को बाहर बैठाकर उन्होंने अचानक राजेश्वरी गायकवाड़ को न्यूजीलैंड के खिलाफ अहम मैच में मौका दिया, सब उनके इस फैसले पर सवाल उठाने लगे थे लेकिन गायकवाड़ ने 15 रन देकर सर्वाधिक पांच विकेट ले डाले और भारत सेमीफाइनल में पहुंच गया। महिला क्रिकेट के विशेषज्ञ व लेखक सुनील कालरा कहते हैं, ‘कोच तुषार टीम में समय-समय पर बदलाव के साथ जोश फूंकते रहते हैं। पिच, स्थिति और विरोधी टीम को आधार बनाते हुए ऐसे बदलाव जरूरी भी हो जाते हैं।’

असमंजस में रहेगा ऑस्ट्रेलिया 

नंबर.1 ऑस्ट्रेलियाई टीम हर मायने में खास और बेहद मजबूत नजर आ रही है। कुछ ही दिन पहले 12 जुलाई वो वे भारतीय टीम को आठ विकेट से हरा भी चुकी हैं। हालांकि इसके बावजूद सेमीफाइनल में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को परेशान कर सकती है क्योंकि इस बीच टीम ने लगातार प्रयोग और बदलाव भी किए हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम इस मैच में भारतीय बल्लेबाजी क्रम में उलझा सकता है। किसको टारगेट करें ये उनके लिए बड़ा सवाल होगा क्योंकि मौजूदा भारतीय टीम में 9वें स्थान तक ऐसा खिलाड़ी मौजूद है जो बल्लेबाजी में सक्षम है। विशेषज्ञ सुनील कालरा के मुताबिक, ‘इस भारतीय टीम का बल्लेबाजी क्रम बेहद मजबूत है जिसमें अनुभव और युवा जोश का अच्छा-खासा मिश्रण है। मेरे हिसाब से ये टीम इस मैच में जीत की प्रबल दावेदार होगी।’

भारत में भी स्टार पावर

बेशक ऑस्ट्रेलियाई टीम शानदार लय में है और उसके पास एलिस पैरी और कप्तान मेग लेनिंग जैसी स्टार खिलाड़ी मौजूद हैं लेकिन भारतीय टीम भी अब इस मामले में पीछे नहीं है। दबाव दोनों तरफ से बराबर रहेगा क्योंकि भारत के पास भी मिताली राज, झूलन गोस्वामी और हरमनप्रीत कौर जैसी स्टार खिलाड़ी मौजूद हैं जो कभी भी मैच का पासा पलट सकती हैं। टूर्नामेंट की सबसे अनुभवी कप्तान मिताली राज अब तक सात मैचों में 356 रन बनाकर रन बनाने के मामले में तीसरे स्थान पर हैं बल्लेबाजों की आइसीसी रैंकिंग में भी लैनिंग के बाद दूसरे पायदान पर हैं। वहीं, गेंदबाजी में झूलन गोस्वामी जैसी स्टार पेसर मौजूद है जो हाल में वनडे रैंकिंग्स में शीर्ष स्थान पर भी रह चुकी हैं। अब तक टूर्नामेंट उनके लिए ज्यादा खास नहीं रहा है लेकिन बड़े मैचों में उनसे भी उम्मीद मुमकिन है। इनके अलावा पिछले मैच में 60 रन बनाने वाली धुआंधार ऑलराउंडर हरमनप्रीत कौर भी टीम की शान बढ़ाएंगी। स्पिन डिपार्टमेंट में एकता बिष्ट (अब तक छह मैचों में 9 विकेट) खेलें या फिर गायकवाड़, दोनों ही विरोधी बल्लेबाजों को परेशान करने में सक्षम हैं।

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