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दून मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र ने की खुदकुशी

दून मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र ने की खुदकुशी

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के पटेलनगर स्थित छात्रवास में देर रात एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र की खुदकुशी कर ली। हॉस्टल प्रबंधन की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। छात्र मूल रूप से गुरुग्राम, हरियाणा का रहने वाला था। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि छात्र के परिजनों को सूचना दे दी गई है। रविवार को उनके पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि छात्र ने वर्ष 2016 में दून मेडिकल कालेज में दाखिला लिया था। इसी साल मेडिकल कालेज को एमसीआइ की मान्यता मिली थी। ईयर बैक आने के कारण दिलीप अवसाद में चला गया। वह लगातार परेशान रहने लगा था।

पुलिस के अनुसार, छात्र की पहचान दिलीप कुमार निवासी म.नं. 5, गली नंबर आठ, शीतला कॉलोनी, गुरुग्राम, हरियाणा के रूप में हुई। वह यहां राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का छात्र था। दिलीप का रूममेट कुमार गौरव एक महीने से अपने घर हरिद्वार गया हुआ है। दिलीप अपने कमरे में इन दिनों अकेला ही रह रहा था। बताया जा रहा है कि दिलीप को शुक्रवार शाम से ही बाहर नहीं देखा गया। शनिवार शाम को दिलीप के पिता का उसके कमरे के बगल में रहने वाले छात्र को फोन आया।

उन्होंने बताया कि दिलीप का फोन नहीं लग रहा है। इसके बाद कई छात्र वहां एकत्रित हो गए और दिलीप के कमरे का दरवाजा खुलवाने का प्रयास करने लगे। उसके दोस्त उसका फोन मिलाते रहे, लेकिन उसका फोन नहीं उठा। काफी देर तक इंतजार करने पर भी दिलीप जब कमरे से ना तो बाहर आया और ना ही फोन से कोई रिस्पॉन्स मिला तो मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने पटेलनगर पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।

इसके बाद बाजार चौकी इंचार्ज गिरीश नेगी मौके पर पहुंचे और हॉस्टल के कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। भीतर दिलीप पंखे से बंधी सफ़ेद रंग की चादर से लटक रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि संभावना है कि छात्र ने शुक्रवार को भी किसी समय खुदकुशी कर ली हो। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट तौर पर कुछ कहा जा सकेगा। छात्र के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। वह तनाव में था और उसका 2017 से श्री महंत इंदिरेश अस्पताल से डिप्रेशन का इलाज भी चल रहा था।

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