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विदेश राज्यमंत्री पर लगे यौन शोषण के आरोपों पर बोली मेनका गांधी-यौन शोषण के आरोपों को गंभीरता से लेकर होनी चाहिए कार्रवाई

विदेश राज्यमंत्री पर लगे यौन शोषण के आरोपों पर बोली मेनका गांधी-यौन शोषण के आरोपों को गंभीरता से लेकर होनी चाहिए कार्रवाई

नई दिल्ली । ‘मीटू’ कैंपेन के तहत विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर पर लगे यौन शोषण के आरोपों के बाद केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का बयान सामने आया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने मंगलवार को एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में कहा कि यौन शोषण के आरोपों को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि महिलाएं अक्सर बाहर बोलने से घबराती हैं। उन्होंने कहा ‘कई पुरुष जो ऊंचे ओहदे पर होते हैं अक्सर ऐसा करते हैं और मीडिया, राजनीति या कई कंपनियों में भी ऐसा होता है।’

मेनका ने आगे कहा कि महिलाएं अक्सर बाहर बोलने से डरती हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि लोग उनका मजाक उड़ाएंगे और उनके चरित्र पर शक करेंगे। लेकिन अब महिलाएं इसको लेकर बोल रही हैं तो उनके आरोपों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई होनी चाहिए।

गौरतलब है कि बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। जिसके बाद फिल्म जगत से लेकर मीडिया जगत तक की कई महिलाएं ‘हैशटैंग मी टू’ के साथ अपने साथ हुए यौन शोषण के भयावह घटना को शेयर करती नजर आईं हैं। इसी कैंपेन के दौरान महिला पत्रकार प्रिया रमानी ने एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप लगाया है।

महिला पत्रकार ने लिखा है कि मैंने पिछले साल ‘वोग’ पत्रिका में अपने साथ हुए यौन शोषण का स्मरण लिखा था और कहानी की शुरुआत एमजे अकबर के साथ हुई घटना से की थी। हालांकि प्रिया ने तब अपने लेख में एमजे अकबर का नाम नहीं लिखा था, लेकिन 2017 की स्टोरी का लिंक शेयर करते हुए उन्होंने अब एमजे अकबर के नाम का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि यह कहानी जिससे शुरू होती है, वो एमजे अकबर हैं। प्रिया ने कहा कि उस रात वो वहां से भाग गई थीं और फिर कभी उनके (एमजे अकबर) साथ अकेले कमरे में नहीं गईं। प्रिया रमानी ने एक के बाद एक कई ट्वीट्स किए और अपने साथ हुई घटना की आपबीती बताई। बता दें कि एमजे अकबर कई अखबारों और पत्रिकाओं के संपादक रह चुके हैं।

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