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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दो फरवरी को आएंगे दून, पार्टी पदाधिकारियों से चुनावी तैयारियों की करेंगे समीक्षा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दो फरवरी को आएंगे दून, पार्टी पदाधिकारियों से चुनावी तैयारियों की करेंगे समीक्षा

देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दो फरवरी को देहरादून में करीब चार घंटे पार्टीजनों के बीच बिताएंगे। इस दौरान वह टिहरी व हरिद्वार लोकसभा क्षेत्रों के संयुक्त त्रिशक्ति सम्मेलन (बूथ पालक, अध्यक्ष व बूथ लेवल एजेंट-2) को संबोधित करने के साथ ही पार्टी पदाधिकारियों से लोस चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

यह भी माना जा रहा कि वह राज्य सरकार के अब तक के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड भी बांच सकते हैं। शाह के दौरे को देखते हुए प्रदेश भाजपा नेतृत्व इसे सफल बनाने में जुट गया है।

शाह दो फरवरी को 11 बजे से तीन बजे तक देहरादून में रहेंगे। इस दौरान वह त्रिशक्ति सम्मेलन को संबोधित करने के साथ ही दोनों लोस क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे। वह पार्टी के प्रांतीय पदाधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पार्टी के विस्तारकों से भी मुलाकात कर लोस चुनाव की तैयारियों के बारे में जानकारी लेंगे।

उनके दौरे के मद्देनजर प्रदेश भाजपा मुख्यालय में बैठक हुई। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, पार्टी के हिमाचल प्रभारी तीरथ सिंह रावत, विधायक, प्रदेश महामंत्री, उपाध्यक्ष, जिला इकाइयों के अध्यक्ष, लोस क्षेत्रों के विस्तारकों ने शिरकत की।

बैठक में त्रिशक्ति सम्मेलन को सफल बनाने के साथ ही दोनों लोस क्षेत्रों में चुनावी तैयारियों आदि के बारे में जानकारी ली गई। बाद में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने बताया कि त्रिशक्ति सम्मेलन में 17500 कार्यकर्ता भाग लेंगे, जो गंगोत्री से लेकर झबरेड़ा तक 28 विधानसभा क्षेत्रों के होंगे। ये विस क्षेत्र टिहरी व हरिद्वार लोस क्षेत्रों के अंतर्गत आते हैं।

बताया कि सम्मेलन के संबंध में सांसदों, विधायकों, जिला व मंडल अध्यक्षों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। दूरस्थ क्षेत्रों के कार्यकर्ता एक दिन पहले दून पहुंच जाएंगे, ताकि दो फरवरी को वे तय समय पर सम्मेलन में भागीदारी कर सकें।

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