Share
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलते ही करीब ढाई हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलते ही करीब ढाई हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

उत्तरकाशी: यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही धामों में पसरा सन्नाटा टूट गया। साथ ही यात्रा के बेहतर चलने की उम्मीद लगाए बैठे स्थानीय व्यवसायियों के चेहरे भी खिल उठे हैं। पहले दिन करीब ढाई हजार श्रद्धालुओं ने दोनों धाम में दर्शन किए। गंगोत्री में कई देव डोलियां ने भी गंगा स्नान किया।

वर्ष 2013 में आई आपदा से चारधाम यात्रा बुरी तरह चरमरा गई थी। करीब तीन साल तक तो यात्रा घिसट-घिसट कर चलती रही। लेकिन, बीते वर्ष की यात्रा ने उम्मीदें जगाईं। बीते वर्ष 410170 यात्रियों ने मां गंगा और 392847 यात्रियों ने मां यमुना के दर्शन किए।

इस बार उम्मीद है यात्रियों की संख्या में और बढ़ोत्तरी होगी। खासकर 25 अप्रैल से लेकर 30 जून तक गंगा व यमुना घाटी के होटल पैक होने से आने वाले दिनों में बेहतर यात्रा के संकेत मिल रहे हैं। साथ ही इस बार चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं के चाक-चौबंद होने से यात्री भी काफी खुश हैं।

गंगोत्री धाम के कपाटोद्घाटन पर अनुसूचित जाति आयोग की राष्ट्रीय सदस्य स्वराज विद्वान ने यात्रियों को शुभकामनाएं दीं और सुखद एवं सुरक्षित चारधाम यात्रा का संदेश पूरे देश में फैलाने की उनसे अपील की। इस मौके पर गंगोत्री धाम में विधायक गोपाल ङ्क्षसह रावत, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, ब्लाक प्रमुख चंदन सिंह पंवार, डीएम डॉ. आशीष चौहान, एसपी ददन पाल, एसडीएम देवेंद्र ङ्क्षसह नेगी, श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष मुकेश सेमवाल, सचिव सुरेश सेमवाल, तीर्थ पुरोहित भागेश्वर सेमवाल, राजेश सेमवाल व रजनीकांत सेमवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

वहीं, यमुनोत्री धाम में कपाटोद्घाटन पर विधायक केदार सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा, उपजिलाधिकारी पूरण सिंह राणा, यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन सिंह राणा, सचिव कृतेश्वर उनियाल, पूर्व उपाध्यक्ष पवन उनियाल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

22 अप्रैल तक होंगे गंगा के पाषाण दर्शन  

गंगोत्री धाम में स्थित मां गंगा की पाषाण मूर्ति के दर्शन श्रद्धालु 22 अप्रैल गंगा सप्तमी तक कर सकते हैं। गंगा सप्तमी को मां गंगा का जन्मदिन माना जाता है। इस दिन मां गंगा की पाषाण मूर्ति को आभूषणों से सजाया जाता है।

इसके बाद पाषाण मूर्ति नए कलेवर में नजर आती है। श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि इस बार गंगा सप्तमी रविवार 22 अप्रैल को पड़ रही है।

भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी

अक्षय तृतीय के पावन पर्व पर गंगा स्नान का विशेष महत्व माना गया है। इसी निमित्त बुधवार को गंगोत्री धाम पहुंचे श्रद्धालुओं ने भागीरथी (गंगा) नदी में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद सभी ने पूजा-अर्चना कर मां गंगा के दर्शन किए।

Leave a Comment