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टूरिस्ट या बिजनेस वीजा पर दून आने वाले नाइजीरियन पर पुलिस रखेगी नजर

टूरिस्ट या बिजनेस वीजा पर दून आने वाले नाइजीरियन पर पुलिस रखेगी नजर

देहरादून : टूरिस्ट या बिजनेस वीजा पर दून आने वाले नाइजीरियन अब उत्तराखंड पुलिस के रडार पर रहेंगे। एसटीएफ से लेकर स्थानीय पुलिस तक इनकी गतिविधियों पर नजर रखेगी।

साइबर तकनीक में माहिर नाइजीरियन नागरिक बीते छह महीने के दौरान आधा दर्जन लोगों को तीन करोड़ रुपये से अधिक की चपत में लगा चुके हैं। दरअसल, देश में दाखिल होने के बाद नाइजीरियन नागरिक राजधानी समेत उन बड़े शहरों को चुनते हैं, जहां बड़ी संख्या में धनाढ्य वर्ग रहता है।

इसके बाद वह पढ़े-लिखे स्थानीय युवकों को मोटी रकम कमाने का लालच देकर अपने साथ मिला लेते हैं। ऐसा वह इसलिए करते हैं कि जरूरत पडऩे पर ठगी का शिकार बनाए जा रहे लोगों से हिंदी में भी बातचीत हो सके और उन्हें विश्वास दिलाया जा सके कि वह ठगी नहीं कर रहे हैं। अब तक गिरफ्तार हुए तीन नाइजीरियन नागरिकों के साथ तीन भारतीय भी गिरफ्तार हुए हैं, जो नाइजीरियन गैंग का हिस्सा थे।

खुफिया एजेंसियों की मानें तो देहरादून में स्थायी तौर पर एक भी नाइजीरियन नागरिक नहीं रहता है। मगर टूरिस्ट और बिजनेस वीजा पर हर साल बड़ी संख्या में नाइजीरियन यहां आते हैं और कुछ दिन रहकर चले जाते हैं। इन लोगों की गतिविधियों पर फिलहाल तो नजर नहीं रखी जाती, लेकिन अब उनके दून आने और यहां की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, ताकि साइबर फ्रॉड के शिकार हो रहे लोगों को बचाया जा सका।

दिल्ली-एनसीआर में बस चुकी है बस्ती

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में नाइजीरियन बड़ी संख्या में स्थायी रूप से निवास करते हैं। हाल के दिनों पकड़े गए तीनों नाइजीरियन महीनों से दिल्ली व एनसीआर में ही रह रहे थे। गंभीर तो यह कि इनमें से कई के पास भारतीय पहचान पत्र से लेकर स्थानीय बैंकों में खाते और सिम कार्ड तक मौजूद होते हैं।

एसएसपी (एसटीएफ) रिधिम अग्रवाल का कहना है कि नाइजीरियन नागरिकों से पूछताछ में सामने आया है कि वह टूरिस्ट या बिजनेस वीजा पर यहां आते हैं। इस बारे में और भी जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर उन्हें मदद कहां से मिली।

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