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गौरा देवी कन्याधन योजना के तहत मिले मात्र पांच हजार

गौरा देवी कन्याधन योजना के तहत मिले मात्र पांच हजार

गौरा देवी कन्याधन योजना के तहत मिले मात्र पांच हजार

चम्पावत : एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ का संदेश दे रही तो वहीं दूसरी ओर प्रदेश सरकार छात्राओं के साथ भेदभाव करने का आरोप लगा रही है। सोमवार को छात्राओं व अभिभावकों ने एडीएम को ज्ञापन सौंप योजना के तहत मात्र पांच हजार रुपये दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जबकि योजना के तहत छात्राओं को 51 हजार रुपये दिए जाते हैं।

शिक्षक अभिभावक संघ के पूर्व अध्यक्ष शेखर चंद्र भट्ट ने बताया कि उनकी पुत्री प्रभा भट्ट ने 2018 में इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। गौरा देवी कन्या धन योजना के तहत पुत्री को मात्र पांच हजार रुपये दिए गए। जबकि उससे पहले व उसके बाद की छात्राओं को 51 हजार की धनराशि दी गई।

उन्होंने प्रशासन से गुजारिश की 2018 में उत्तीर्ण छात्राओं के साथ इस प्रकार का भेदभाव न किया जाए। इससे बालिकाओं को मानसिक आघात पहुंचा है। जिससे वह आगे की पढ़ाई सही तरीके से नहीं कर पा रही है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से 2018 में उत्तीर्ण करने वाली सभी छात्राओं को पूर्ण योजना का लाभ दिलाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में बद्री दत्त जोशी, अमर सिंह, सुंदर सिंह, विमला गिरि, मनीषा बोहरा, अनीता बोहरा, अनीता बोहरा, कविता जोशी, योगेश सिंह महर, मनीषा रावत, रेनू, रेवाधर पॉलीवाल, हेमा साहू, रमेश जोशी आदि मौजूद रहे।

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