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प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर विपक्ष के अक्सर उठे सवाल, जानिए भारत को इससे क्या मिला

प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर विपक्ष के अक्सर उठे सवाल, जानिए भारत को इससे क्या मिला

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर विपक्ष अक्सर सवाल उठाता रहा है। कई बार विपक्ष ने उन पर तंज कसते हुए अटपटे चुटकुले भी कहे हैं। अगर आप जानना चाहते हैं कि पीएम मोदी की विदेश यात्राओं से भारत को क्या मिला तो आपको यह खबर जरूर पढ़नी चाहिए।

राज्यसभा में एक प्रश्न का जवाब देते हुए विदेश राज्यमंत्री और पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साल 2014 में प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद पीएम मोदी ने अनेक देशों की यात्राएं कीं। इस दौरान चार्टर्ड उड़ानों, विमानों के रखरखाव और हॉटलाइन सुविधाओं पर कुल 2021 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। जनरल वीके सिंह ने चोटी के उन 10 देशों की भी जानकारी दी, जहां से भारत को अधिकतम प्रत्यक्ष विदेशी निवेश या FDI प्राप्त हुए है।

2021 करोड़ को भी अगर अलग-अलग खर्चों में बांटा जाए तो 1583.18 करोड रुपये प्रधानमंत्री के विमान के रखरखाव में खर्च हुए। 429.25 करोड़ रुपये अब तक चार्टर्ड विमानों की उड़ान पर और कुल 9.11 करोड़ रुपये हॉटलाइन पर खर्च किए गए। इस दौरान पीएम मोदी ने 48 विदेश यात्राएं कीं, जिसमें उन्होंने कुल 55 देशों का दौरा किया।

जनरल वीके सिंह ने बताया कि जिन देशों का पीएम मोदी ने दौरा किया, वे देश भारत में निवेश करने वाले टॉप 10 देशों में हैं। उन्होंने बताया कि 2011 से 2014 तक जहां अमेरिका का भारत में निवेश 81 हजार 843.71 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, वहीं 2014-18 में यह बढ़कर 1 लाख 36 हजार 77.75 करोड़ मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।

कुल विदेशी निवेश या FDI की बात करें तो यह 2017 तक 43 हजार 478.27 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। साल 2014 में यह 30 हजार 930.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर था।

अब बात पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की विदेश यात्राओं की भी कर लेते हैं। यूपीए-2 के कार्यकाल यानि 2009-10 से 2013-14 के बीच मनमोहन सिंह की विदेश यात्राओं पर 1346 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसमें विदेश यात्राओं के दौरान चार्टर्ड उड़ानों, विमानों के रखरखाव और हॉटलाइन सुविधाओं पर खर्च शामिल है।

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