गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने के आदेश जारी

वीरोंखाल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम देवकुंडाई में बीती रात मासूम को निवाला बनाने वाले गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ग्रामीणों ने मासूम के शव को चौक पर रखकर वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया था। साथ ही गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग की। ग्रामीणों की मांग के बाद प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) की ओर से गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए गए।

बताते चलें कि रविवार देर शाम देवकुंडई गांव में गुलदार ने नौ वर्षीय अनिकेत को उस वक्त निवाला बना लिया था, जब वह मां के साथ गोशाला की ओर गया था। मां गोशाला में दूध दुह रही थी, जबकि अनिकेत गोशाला के बाहर ही खड़ा था।

ग्रामीणों ने गांव से करीब सौ मीटर दूर अनिकेत का शव बरामद किया। सूचना पर देर रात गढ़वाल वन प्रभाग से वनकर्मियों की टीम गांव में पहुंची। जहां उन्हें ग्रामीणों ने खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में पिछले लंबे समय से गुलदार सक्रिय है। बावजूद इसके महकमे की ओर से गुलदार को पकडऩे के लिए कोई कवायद नहीं की गई।

बताते चलें कि बीती पांच अक्टूबर को गुलदार ने चार वर्षीय राघव पर झपट्टा मारने का प्रयास किया था। हमले में राघव की बहन राखी बुरी तरह घायल हो गई थी। राखी का उपचार दिल्ली में हुआ।

इधर, वन विभाग के अधिकारी गांव में पहुंचे। जहां उन्हें ग्रामीणों की खरी खोटी सुननी पड़ी। ग्रामीण एक स्वर में गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि शव का पोस्टमार्टम तब तक नहीं होने दिया जाएगा, जब तक कि गुलदार को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश जारी नहीं हो जाते।

ग्रामीण प्रधान यशपाल सिंह ने बताया कि गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से वार्ता कर ग्रामीणों की मांग पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए।

बताया कि डीएफओ की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) ने गुलदार को नष्ट करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इधर, डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत ने बताया कि गांव में शिकारी की तैनाती कर दी गई है। बताया कि गुलदार की गतिविधि पर नजर रखी जाएगी और आदमखोर गुलदार की पहचान होने के बाद उसे मार दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *