उत्तराखण्ड

नागरिकता कानून के समर्थन में उतरे अभिनेता हेमंत पांडे

सिने अभिनेता हेमंत पांडे नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में खुलकर उतर आए हैं। उन्होंने लोगों से अराजक तत्वों व घुसपैठियों को रोकने के लिए बने इस कानून को समझने की अपील करते हुए कहा कि करोड़ों भारतीयों द्वारा चुनी गई सरकार ने संसद में पारित कर यह कानून बनाया है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह संसद में साफ कर चुके हैं कि इस कानून से किसी भारतीय मुसलमान का नुकसान नहीं होगा, यह कानून देशहित में है तो हमें इस पर भरोसा करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म, जाति की राजनीति करने वाले टैक्स पेयर की मेहनत की कमाई से बनी सरकारी संपत्ति को आग लगा रहे हैं, या नुकसान पहुंचा रहे हैं, बेहद निंदनीय है।

सिने अभिनेता हेमंत ने सोशल मीडिया में वीडियो जारी कर कहा है कि यह कानून संस्कृति, कला, पढ़ाई,  देशभक्ति, संस्कार की जड़ों से जुड़े रहने को प्रेरित करता है। इस कानून से अराजक तत्वों व घुसपैठियों को रोका जा रहा है तो पूरे देश को पीएम मोदी के साथ खड़ा होना चाहिए। कहा कि 70 साल तक देश में एक पार्टी ने सरकार चलाई है, मौजूदा सरकार हंसी मजाक में सत्ता में नहीं आई है। आज दुनिया में भारत का गौरव बढ़ रहा है। इस कानून के विरोध की आड़ में अराजकता, तोडफ़ोड़ व सरकारी संपत्ति को नुकसान करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध जायज है। लोकतंत्र में सरकार को वोट से ही हटाया जा सकता है। मगर मामले मेें नमक व घी डालकर भड़काने वालों से सावधान रहना चाहिए।

कानून घुसपैठियों पर करेगा वार : कुलस्ते

रुद्रपुर : नागरिकता संशोधन कानून पर केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गन ङ्क्षसह कुलस्ते ने शुक्रवार को कहा कि कानून से किसी को डरने की जरूरत नहीं। घुसपैठियों से देश को खतरा है। उन्हें चिह्नित किया जाएगा। बंग्लाभाषी निश्चिंत रहें। वह प्रभावित नहीं होंगे। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि एनआरसी मुद्दे पर बंग्लाभाषी व ङ्क्षसधी समाज को ङ्क्षचता करने की जरूरत नहीं है। एनआरसी का मकसद किसी भी देशवासी को परेशान करना नहीं है। देश में एक गलत राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है। सीएए व एनआरसी से देश को फायदा होने वाला है। उन्होंने कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र मंडला (मध्य प्रदेश) में भी बड़ी संख्या में ङ्क्षसधी समाज है। राज्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी से टैक्स चोरी में कमी आई है। आर्थिक मंदी वैश्विक है। इसमें भारत की स्थिति अन्य देशों से बेहतर है।

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