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पाकिस्तानी पीएम इमरान ख़ान की जावेद अख्तर ने उड़ाईंग धज्जी

पाकिस्तानी पीएम इमरान ख़ान की जावेद अख्तर ने उड़ाईंग धज्जी

पाकिस्तानी पीएम Imran Khan की Javed Akhtar ने उड़ाईं धज्जियां, Modi सरकार को लेकर किया था ऐसा ट्वीट
नई दिल्ली, जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद से ही पाकिस्तान बुरी तरह बौखलाया हुआ है और इसी बौखलाहट में पाकिस्तान के सियासी दल और नेता तमाम उल्टी-सीधी बयानबाज़ी कर रहे हैं। पाकिस्तान के पीएम इमरान ख़ान ने एक ऐसा ही ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार पर देश का ताना-बाना छिन्न-भिन्न करने का आरोप लगाया था, जिसका वेटरन फ़िल्म राइटर जावेद अख़्तर ने ऐसा जवाब दिया कि ट्विटर पर उन्हें ख़ूब वाह-वाही मिल रही है। वहीं जावेद के इस जवाब को ऋषि कपूर ने सपोर्ट किया है।

पाक पीएम इमरान ख़ान ने अपने ट्वीट में मोदी सरकार को हिंदूवादी विचारधारा का पोषक बताते हुए लिखा था कि मोदी सरकार पाकिस्तान के लिए तो ख़तरा है ही, साथ भारत में अल्पसंख्यकों और नेहरू-गांधी के ताने-बाने के लिए भी एक ख़तरा है। आरएसएस-बीजेपी के संस्थापकों की नाज़ी विचारधारा और नरसंहार के ज़रिए नैतिक सफ़ाई के बीच संबंध समझने के लिए बस गूगल कीजिए।

पाक पीएम के इस छटपटाहट भरे ट्वीट का जावेद अख़्तर ने माकूल और मुकम्मल जवाब दिया। जावेद ह्यूमर का इस्तेमाल करते हुए लिखा- प्रिय इमरान ख़ान, मुझे नेहरू-गांधी के भारत को लेकर आपको फ़िक्रमंद देखकर वाकई बहुत अच्छा लगा है। वैसे, यह नेहरू-गांधी का वही फैब्रिक है, जिसे आपके क़ायदे-आज़म ने 1947 में तार-तार किया था। आपको याद है?

इसके बाद जावेद अख़्तर ने भारतीय अल्पसंख्यकों को लेकर इमरान ख़ान की चिंता पर तंज कसते हुए लिखा- इमरान साहब, मैं कृतघ्न होऊंगा, अगर मैं भारतीय अल्पसंख्यकों के लिए आपकी चिंता के लिए आपका आभार ज़ाहिर नहीं करता। मेरे लिए यह बात कल्पना से भी परे है कि आप अपने देश के हिंदू, ईसाई, अहमदिया, मुहाजिर और बलोच लोगों की काफ़ी परवाह करते हैं और उनके प्रति आपका रवैया सुरक्षात्मक रहता है।

जावेद अख़्तर के इस दिलचस्प जवाब ने इंटरनेट पर तमाम लोगों के दिल जीत लिये हैं। कई लोगों ने जावेद अख़्तर की निष्पक्ष राय रखने के अंदाज़ की तारीफ़ की है। वेटरन एक्टर ऋषि कपूर ने भी जावेद अख़्तर के इस जवाब को रीट्वीट करके हुए YO लिखा है।

हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें जावेद अख़्तर का यह जवाब ढोंग लगता है, मगर अधिकांश लोग इसको सराह रहे हैं। तमाम लोगों ने लिखा है कि भले ही हमारी विचारधारा भिन्न हो, मगर जब बात देश की आती है तो हमारी सोच एक ही है।

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