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माता-पिता ने आजादी नहीं दी तो घर से भागी छात्राएं

माता-पिता ने आजादी नहीं दी तो घर से भागी छात्राएं

देहरादून : दून से लापता छात्राएं पुलिस को दिल्ली के कापसहेड़ा बार्डर क्षेत्र से मिल गई हैं। शनिवार दोपहर पुलिस ने परिजनों के सामने जब छात्राओं से पूछताछ की तो दोनों ने बताया कि उन्हें आजादी चाहिए थी। लेट नाइट पार्टी में जाने से घर वाले मना करते थे। वह अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थीं। पुलिस ने बताया कि दोनों ने दिल्ली में नौकरी की भी तलाश कर ली थी।

बता दें कि वसंत विहार के बड़ोवाला और कैंट कोतवाली क्षेत्र के पीतांबरपुर से दो छात्राएं 16 फरवरी को स्कूल के लिए निकलीं मगर, वापस घर नहीं पहुंचीं। उसी दिन एक छात्रा की स्कूटी आर्केडिया ग्रांट चाय बागान के पास से बरामद कर ली गई थी।

यहां एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें छात्रा ने खुदकुशी करने की बात लिखी थी, लेकिन पास स्थित कुएं से शव बरामद न होने से पुलिस भी मानने लगी थी कि छात्राओं ने गुमराह करने के लिए यह नाटक किया है। एसएसआइ सुनील पंवार ने बताया कि इस दौरान दोनों छात्राओं के एक परिचित युवक का मोबाइल नंबर मिला।

दिल्ली के रहने इस शख्स से पूछताछ की गई तो पता चला कि दोनों छात्राएं कापसहेड़ा बार्डर क्षेत्र की गली नंबर तीन में किराये के मकान में रह रही हैं। शनिवार को दोनों को वहां से बरामद कर लिया गया। पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि घर में सभी सुविधाएं थीं, लेकिन घूमने-फिरने की आजादी नहीं थी।

माता-पिता उन्हें दोस्तों की बर्थडे पार्टी से लेकर लेट नाइट पार्टी में नहीं जाने देते थे। इस पर उन्हें लगा कि यदि वह अपने पैरों पर खड़ी हो जाएंगी तो उन्हें किसी का डर नहीं होगा। लिहाजा दोनों ने नौकरी करने की ठान ली और घर छोड़ दिल्ली आ गईं। पुलिस ने इस दौरान दोनों के करीब 16 दोस्तों को थाने लाकर पूछताछ भी की थी। दोनों लड़कियों के मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

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