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ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था लचर होने से लोग परेशान

ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था लचर होने से लोग परेशान

देहरादून : राजधानी के वार्ड नंबर 15 (रेसकोर्स उत्तर) में एक तरफ कलिंगा कॉलोनी व रेसकोर्स जैसे सुविधा संपन्न पॉश इलाके हैं। तो दूसरी तरफ चंदर नगर व वाल्मीकि बस्ती जैसे क्षेत्र भी हैं, जहां लोगों को आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही आराघर क्षेत्र भी वार्ड का भाग है। कनेक्टिविटी के लिहाज से यह वार्ड बेहतर स्थिति में हैं। हरिद्वार रोड पर यहां पहुंचने के लिए तीन बड़े मार्ग हैं। प्रिंस चौक व रेलवे स्टेशन की तरफ से भी इस वार्ड के विभिन्न हिस्सों में पहुंचा जा सकता है।

वर्ष 2013 के चुनाव में पार्षद पद पर कांग्रेस के देवेंद्र पाल सिंह ‘मोंटी’ विजयी होकर आए। वर्ष 2013 के चुनाव में इस वार्ड की कुल जनसंख्या 6827 थी। इस आबादी में 3507 पुरुष और 3320 महिलाएं शामिल थीं। नए परिसीमन में वार्ड में नंबर के अलावा कुछ क्षेत्रों में आंशिक परिवर्तन भी आया है।

पांच साल पूर्व के हालात

पांच साल पूर्व आबादी 6827 थी, जो आंकलन के मुताबिक वर्तमान में लगभग साढ़े आठ हजार हो चुकी है। स्ट्रीट लाइटें 70 फीसद क्षेत्र में थीं। सफाई व्यवस्था बड़े हिस्से में खराब थी व नालियां लचर हालत में थीं। सड़कों व गलियों की स्थिति भी ज्यादा ठीक नहीं थीं।

आज का मंजर

मौजूदा परिसीमन में इस वार्ड का नंबर 20 हो चुका है। पहले रेसकोर्स, चंदर नगर व आराघर इस वार्ड में पूरे थे, जबकि अब ये इलाके आंशिक रूप से वार्ड का भाग हैं। वार्ड में पिछले पांच साल में काफी बदलाव हुए हैं। 90 फीसद क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त हैं और कूड़ा उठान की गाड़ी व सफाई कर्मी अब नियमित आ रहे। हालांकि यह सुविधाएं रेसकोर्स, कलिंगा कॉलोनी व आराघर क्षेत्र में ही दुरुस्त हैं।

जबकि चंदर नगर व वाल्मीकि बस्ती में सफाई व्यवस्था चौपट है। इन इलाकों में नालियों की स्थिति भी खराब है। चंदर नगर में एक शौचालय है, जिसका रखरखाव लंबे समय नहीं किया जा रहा है। इसके चलते आसपास के लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

दिक्कतें बरकरार

स्ट्रीट लाइट: 90 फीसद क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें मौजूद हैं, 10 फीसद में नहीं।

कूड़ा उठान: बड़े हिस्से में डोर-टू डोर कलेक्शन बदहाल स्थिति में है।

स्वच्छता: मुख्य सड़कें व गलियां भी क्षेत्र विशेष में साफ दिखी।

ड्रेनेज: नालियों व डे्रनेज व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।

सौंदर्यीकरण: निगम ने कोई पार्क नहीं बनाया।

संक्रमण: मौसम के अनुसार नियमित फागिंग कराई जाती है।

सड़कों की स्थिति: कलिंगा कॉलोनी व रेसकोई की स्थिति बेहतर है, जबकि चंदर नगर क्षेत्र में यह सुविधा औसत है।

पार्षद की सफाई 

चंदर नगर क्षेत्र में अभी कई दिक्कतें बरकरार हैं। फिर भी यहां के हालात पहले से कहीं अधिक बेहतर हो गए हैं। यहां से गुजरने वाले नाले को करीब 60 फीसद तक ढक दिया गया है और 40 फीसद पर काम होना बाकी है। हालांकि इस काम में अतिरिक्त बजटीय सहयोग की भी जरूरत है।

पार्षद देवेंद्र पाल सिंह ‘मोंटी’ का कहना है कि अपने कार्यकाल में उन्होंने क्षमता से अधिक सड़क, नालियों व सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त किया गया। इस अवधि में अब तक नगर निगम की निधि से करीब 75 लाख रुपये व विधायक निधि को मिलाकर करीब तीन करोड़ रुपये के कार्य कराए जा चुके हैं। कलिंगा कॉलोनी की सीवर निस्तारण की व्यवस्था का इंतजाम भी पास में निर्माणाधीन एक आवासीय परियोजना में जोड़कर किया जा रहा है।

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