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शिवसेना ने एनआरसी के मुद्दे पर की कश्मीरी पंडितों की घर वापसी की मांग

शिवसेना ने एनआरसी के मुद्दे पर की कश्मीरी पंडितों की घर वापसी की मांग

मुंबई। शिवसेना ने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) के मुद्दे पर मोदी सरकार का समर्थन किया है। हालांकि एनडीए की सहयोगी पार्टी ने समर्थन के साथ-साथ केंद्र सरकार से एक मांग भी कर डाली। शिवसेना ने कश्मीरी पंडितों की घर वापसी की मांग की है।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय के जरिए कहा कि जिन्होंने देश की सुरक्षा को खतरे में डाला है उन्हें बाहर करना चाहिए और कश्मीर में घुसपैठियों का सफाया भी करना चाहिए। पार्टी ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 370 को रद्द करना भी उतना राष्ट्रवादी कार्य है जितना एनआरसी लिस्ट को लागू करना।

शिवसेना ने कहा ‘भाजपा असम से 40 लाख घुसपैठियों को बाहर निकलाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। अवैध प्रवासियों देश से बाहर निकालना देशभक्ति का काम है और हम इसके लिए केंद्र सरकार को बधाई देते हैं। अवैध निवासी चाहे वो बांग्लादेशी हो श्रीलंका या पाकिस्तान के हो या फिर म्यांमार के रोहिंग्या मुस्लिम। इन सभी को देश से बाहर निकाल देना चाहिए।’

शिवसेना ने आगे कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा सिर्फ 40 लाख घुसपैठियों को असम से बाहर निकालने का नहीं है। कश्मीर में हालात बद से बदतर हो रहे हैं। कश्मीर में पाकिस्तान से ज्यादा खतरा है जहां जल्द ही इमरान खान के नेतृत्व में आर्मी का शासन होगा।

शिवसेना ने कहा ’40 लाख अवैध विदेशी प्रवासियों ने असम की भूगोल, इतिहास और संस्कृति को प्रभावित किया है। कश्मीर में भी ऐसा ही हो रहा है। क्या केंद्र सरकार करीब डेढ़ लाख कश्मीरियों की घर वापसी करने का साहस दिखाएगी। कश्मीर पंडितों का मुद्दा सिर्फ हिंदुत्व के लिए नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और हिंदू संस्कृति के लिए भी महत्वपूर्ण है।’

एनआरसी ड्राफ्ट बनाने में कोई भेदभाव नहीं
एनआरसी पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का एनआरसी के ड्राफ्ट को तैयार करने में कोई हस्‍तक्षेप नहीं रहा है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरी प्रक्रिया चलाई जा रही है और आगे का काम भी कोर्ट की देखरेख में ही होगा। उन्होंने कहा कि एनआरसी ड्राफ्ट बनाने में कोई भेदभाव नहीं हुआ है और न आगे होगा। फाइनल लिस्ट से पहले और बाद में अपनी अपील देने का मौका मिलेगा। किसी के खिलाफ बलपूर्वक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। कुछ लोगों ने इस मामले पर डर फैलाने की कोशिश की और सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश भी कुछ वर्गों के द्वारा की जा रही है।

NRC की अंतिम लिस्‍ट का करें इंतजार
राजनाथ सिंह ने कहा कि एनआरसी मुद्दे पर सदन में काफी गंभीर चर्चा हुई है। देश हित और संप्रभुता के मुद्दे पर सदन हमेशा एकमत रहा है। मैं लोगों से कहना चाहूंगा कि एक बार इस मुद्दे पर स्थिति साफ होने दें। अभी ड्राफ्ट जारी हुआ है और वह अंतिम लिस्ट नहीं है। राजनाथ ने कहा कि समझौता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय में हुआ था।

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