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छह कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 11 राज्य मंत्री ने ली शपथ

छह कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 11 राज्य मंत्री ने ली शपथ

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार आज यानी बुधवार को लखनऊ के राजभवन में पूरा हो गया है। सीएम योगी के 23 नए योद्धाओं को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। योगी मंत्रिमंडल में छह कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 11 राज्य मंत्रियों ने शपथ ले ली है।

पहले कैबिनेट विस्तार 18 नए चेहरों को शामिल किया गया, जबकि पांच को प्रमोट करके कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसमें चार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को प्रमोट कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि एक राज्यमंत्री को प्रमोट कर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। कैबिनेट विस्तार जातिगत समीकरण भी साधने की पूरी कोशिश की गई है। योगी के 23 मंत्रियों में से छह ब्राह्मण, दो क्षत्रिय, दो  जाट, एक गुर्जर, तीन दलित, दो  कुर्मी, एक राजभर, एक  गडरिया, तीन वैश्य, एक शाक्य और एक मल्लाह हैं।

योगी सरकार के नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद राज्यपाल आनंदीबेन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नव नियुक्त मंत्रियों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। शपथ ग्रहण समारोह के बाद सभी नवनियुक्त मंत्रियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान जय श्री राम के नारे भी लगे। बताया जा रहा है कि शपथग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नए मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक शाम साढ़े चार बजे तक होगी। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत भी करेंगे।

कैबिनेट मंत्री : राजभवन में डॉ. महेंद्र सिंह, सुरश राणा, भूपेंद्र सिंह चौधरी, अनिल राजभर, रान नरेश अग्निहोत्री और कमल रानी वरुण ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है।

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) : नील कंठ तिवारी, कपिल देव अग्रवाल, सतीश द्विवेदी, अशोक कटारिया, श्रीराम चौहान और रवींद्र जायसवाल ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली है।

राज्य मंत्री : अनिल शर्मा, महेश गुप्ता, आनंद स्वरूप शुक्ल, विजय कश्यप, डॉ. गिरिराज सिंह धर्मेश, लाखन सिंह राजपूत, नीलिमा कटियार, चौधरी उदयभान सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, रमाशंकर सिंह पटेल और अजीत सिंह पाल ने शपथ ले ली है।

2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी का पहला कदम

योगी मंत्रिमंडल विस्तार में 2022 के विधानसभा चुनाव की चिंता साफ दिख रही है। अपने पहले विस्तार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण को भी साधने की पूरी कोशिश की है। जानकारों के अनुसार, अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह पूरा फेरबदल किया गया है। इस विस्तार में युवाओं को तवज्जो देने की पूरी कोशिश की गई है।

प्रदेश के सभी क्षेत्रों की हिस्सेदारी की कोशिश

योगी कैबिनेट ने अपने पहले विस्तार में प्रदेश के सभी क्षेत्रों की हिस्सेदारी देने की कोशिश की गई है। कैबिनेट विस्तार में पश्चिम यूपी के मुजफ्फरनगर से कपिलदेव अग्रवाल और चरथावल से विधायक विजय कश्यप, बुलंदशहर से अनिल शर्मा, आगरा कैंट से जीएस धर्मेश और फतेहपुर से विधायक चौधरी उदयभान सिंह, मैनपुरी से रामनरेश अग्निहोत्री को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। इसी तरह बुंदेलखंड से स्वतंत्र देव के इस्तीफे के बाद चित्रकूट से विधायक चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। कानपुर मंडल से नीलिमा कटियार व कमल रानी वरुण को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। बस्ती मंडल से सतीश द्विवेदी और वाराणसी मंडल से रवीन्द्र जायसवाल को शामिल किया गया है।

कमलरानी वरुण : दो बार पार्षद, दो बार सांसद

वर्तमान में घाटमपुर से विधायक कमलरानी वरुण भाजपा की उन्हीं कार्यकर्ताओं में से हैं, जिन्होंने राजनीति में जमीन से सफलता के आसमान तक का सफर तय किया है। वह 1989 और 1995 में सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र के वार्ड से पार्षद चुनी गई थीं। इसके बाद 1996 और फिर 1998 में घाटमपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद बनीं। यह लोकसभा खत्म हो गई और अब घाटमपुर अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में है।

योगी मंत्रिमंडल में फिर से वाराणसी ने बाजी मारी 

पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय सीट वाराणसी से लंबे समय से सक्रिय रहे भाजपा विधायकों को मंत्रिमंडल विस्‍तार में नई जिम्‍मेदारियां दी गई हैं। अब वाराणसी से योगी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या तीन हो गई है। इसमें शहर उत्तरी से दो बार विधायक रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता रवींद्र जायसवाल को राज्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है तो यहीं से राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे अनिल राजभर का प्रमोशन कर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। अनिल राजभर शिवपुर क्षेत्र से विधायक हैं और अभी तक सैनिक कल्याण, खाद्य, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, प्रांतीय रक्षक दल के मंत्री थे। भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर द्वारा मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद से उनका विभाग विकलांग और पिछड़ा वर्ग को भी देख रहे थे। वहीं, दूसरी ओर डॉ. नीलकंठ तिवारी को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में शपथ दिलाई गई है। शहर दक्षिणी से विधायक डॉ. तिवारी अभी तक विधि न्याय, युवा कल्याण, खेल एवं सूचना राज्य मंत्री थे।

शपथ से पहले पांच मंत्रियों के इस्तीफे मंजूर

वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल, सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल और भूतत्व एवं खनिकर्म राज्य मंत्री अर्चना पांडेय ने मंगलवार को अपना इस्तीफा सौंपा। धर्मपाल, अनुपमा और अर्चना को भाजपा मुख्यालय में प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने तलब किया था। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने तो दो दिन पहले ही एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत के चलते परिवहन मंत्री पद से अपना त्यागपत्र भेज दिया था। मंगलवार देर रात पांचों मंत्रियों के इस्तीफे मंजूर कर लिए गए। सांसद चुने जाने के बाद सत्यदेव पचौरी, प्रो. एसपी बघेल और प्रो. रीता बहुगुणा जोशी के इस्तीफे और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने से चार कैबिनेट मंत्री के पद पहले से ही रिक्त हैं।

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