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दून को स्मार्ट बनाने के लिए सभी प्रमुख चौराहों व तिराहों पर लगेंगे स्मार्ट सिग्नल व कैमरे

दून को स्मार्ट बनाने के लिए सभी प्रमुख चौराहों व तिराहों पर लगेंगे स्मार्ट सिग्नल व कैमरे

देहरादून। स्मार्ट दून की तरफ मजबूत शुरुआत हो चुकी है। लंबे इंतजार के बाद दून को स्मार्ट बनाने के लिए 240.43 करोड़ रुपये के कार्यों की डीपीआर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय संचालन समिति से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। अब इन कार्यों के लिए जल्द टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।

बुधवार को सचिवालय में मुख्य सचिव उत्पल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सबसे पहले इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की डीपीआर का प्रस्तुतीकरण किया गया। देहरादून स्मार्ट सिटी लि. कंपनी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस सेंटर की स्थापना आइटी पार्क स्थित आइटीडीए भवन में की जाएगी। इसके तहत सभी प्रमुख चौराहों व तिराहों पर स्मार्ट सिग्नल लगाए जाएंगे। यातायात के घनत्व वाले ये सिग्नल स्वयं यह तय करेंगे कि जिस लेन पर सबसे अधिक वाहन हैं, वहां ग्रीन सिग्नल जारी कर देना है।

इसके अलावा इन पर लगे स्मार्ट कैमरे रेड लाइट जंप करने वाले, बिना हेलमेट पहनकर चलने वाले या ओवर स्पीड वाले चालकों व वाहनों की पहचान कर उसकी सूचना कंट्रोल सेंटर को दे देंगे। इसी कड़ी में स्मार्ट पोल भी लगाए जाएंगे, जिसमें मौसम की जानकारी देने व विभिन्न डिस्प्ले वाले सेंसर होंगे और मोबाइल के सिग्नल भी इसके जरिए संचालित किए जा सकेंगे।

साथ ही कूड़ा निस्तारण को कूड़ेदानों पर सेंसर लगाए जाएंगे और जब कूड़ादान 70 फीसद तक भर जाएंगे तो उसकी सूचना भी स्वयं प्राप्त हो जाएगी। ताकि उसे खाली करने की कार्रवाई की जा सके। इसकी शुरुआत दून में 80 भूमिगत कूड़ेदानों से की जा रही है। इन कार्यों के लिए दून को स्मार्ट करने वाले कई अन्य कार्य भी डीपीआर का हिस्सा हैं। ऐसे कार्यों की दर करीब 234.85 करोड़ रुपये है। बैठक में महापौर सुनील उनियाल गामा, आइटी सचिव आरके सुधांशु, पेयजल सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी, आइटीडीए निदेशक अमित सिन्हा, नगर आयुक्त विजय जोगदंडे आदि उपस्थित रहे।

निगरानी तंत्र बढ़ाने को लगेंगे 250 सीसीटीवी कैमरे

अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि शहर में निगरानी तंत्र बढ़ाने के लिए उच्च क्षमता वाले 250 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। खास बात यह भी कि दून में प्रवेश करने वाले जितने भी मार्ग हैं, उन पर भी कैमरे लगाए जाएंगे। ताकि शहर में प्रवेश करने या बाहर जाने वाले हर वाहन की पहचान की जा सके।

5.58 करोड़ से स्मार्ट बनेंगे तीन स्कूल

स्मार्ट सिटी के अंतर्गत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज राजपुर, राजकीय इंटर कॉलेज खुड़बुड़ा व बालिका जूनियर हाईस्कूल खुड़बुड़ा को स्मार्ट बनाया जाएगा। स्कूलों को स्मार्ट बनाने संबंधी 5.58 करोड़ रुपये की डीपीआर के प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि प्रमुख रूप से यहां आइटी संबंधी सविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा मुख्य सचिव ने इन स्कूलों में जिम व बहुद्देशीय क्रीड़ा हॉल बनाने के भी निर्देश दिए।

स्मार्ट सिटी में ये भी होंगे काम

  • सिटी वन एप बनाया जाएगा, जिसमें शहर से संबंधित सभी प्रमुख जानकारी व नगर निकाय की सेवाओं को शामिल किया जाएगा।
  • इमरजेंसी हेल्प डेस्क।
  • जनवरी माह में 24 स्थानों पर वाटर एटीएम लगाने की शुरुआत की जाएगी।

10 वार्डों के अंतर्गत होने हैं काम

स्मार्ट सिटी के तहत दून के 10 वार्डों को शामिल किया गया है। जिसमें छह वार्ड पूर्ण व चार आंशिक रूप से शामिल हैं। योजना में कुल 1400 करोड़ रुपये के कार्य किए जाने हैं। इस तरह 240 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों की डीपीआर को स्वीकृति मिलने को बड़ा कदम माना जा रहा है। योजना के अगले चरण में स्मार्ट रोड की डीपीआर पर भी प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।

स्मार्ट सिटी का खाका खीचेंगे सिंगापुर

देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए राज्य सरकार सिंगापुर की मदद लेगी। मंत्रिमंडल ने बुधवार को नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के साथ सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम विभाग (एमएसएमई) के करार किए जाने को मंजूरी दी। इसके लिए यूनिवर्सिटी को 2.5 लाख सिंगापुर डॉलर दिए जाएंगे। देहरादून को सिंगापुर की तर्ज पर स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किए जाने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर इस स्मार्ट सिटी के लिए अध्ययन कर खाका तैयार करेगी। केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी के लिए देहरादून का चयन किया है। पुराने और अनियोजित तरीके से विकसित हुए देहरादून को नियोजित शक्ल देने के लिए राज्य सरकार अपने स्तर पर भी मशक्कत कर रही है। हालांकि, इस कार्य में राज्य सरकार और मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के पसीने छूटे हुए हैं। राज्य सरकार ने इस कार्य में दुनिया के आधुनिकतम शहरों में शुमार सिंगापुर की मदद लेने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल की बैठक में यह भी तय किया गया कि नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर एक साल में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इस संबंध में राज्य के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम विभाग और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यूनिवर्सिटी एमएसएमई महकमे को कार्मिकों के हेल्थ चेकअप को लेकर भी सुझाव देगी।

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