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क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में पंजीकरण न कराने वाले अस्पतालों पर सख्ती शुरू, वेदांता हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर सील

क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में पंजीकरण न कराने वाले अस्पतालों पर सख्ती शुरू, वेदांता हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर सील

देहरादून। निजी चिकित्सकों की हड़ताल के बीच सरकार ने क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में पंजीकरण न कराने वाले अस्पतालों पर सख्ती शुरू कर दी है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर बिना पंजीकरण के चल रहे ईसी रोड स्थित दून वेदांता हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर को सील कर दिया। अस्पताल के आइसीयू में दो मरीज भर्ती थे, इसलिए आइसीयू को छोड़ दिया गया है। उधर, माता मंदिर रोड स्थित एक निजी क्लीनिक को भी सील किया गया है।

 

डीएम एसए मुरुगेशन और सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता के आदेश पर एसीएमओ डॉ. केके सिंह और अपर तहसीलदार भगवती प्रसाद जगूडी की अगुवाई में टीम शनिवार शाम को ईसी रोड स्थित दून वेदांता हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर पहुंची। यहां पर टीम को आइसीयू में दो मरीज भर्ती मिले। टीम ने अस्पताल के स्टाफ से पंजीकरण संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन कर्मचारी कोई कागज नहीं दिखा सके।
इसके बाद भी करीब एक घटे तक अस्पताल प्रबंधन से कोई मौके पर नहीं पहुंचा। टीम ने अस्पताल के आइसीयू को छोड़कर पूरे अस्पताल को सील कर दिया। टीम ने बताया कि अस्पताल को पहले भी एक्ट के तहत पंजीकरण कराने का नोटिस दिया गया था, लेकिन प्रबंधन ने अस्पताल का पंजीकरण नहीं कराया। इसलिए यह कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई के दौरान रायपुर सीएचसी के सीएमएस डॉ. आनंद शुक्ला, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. सुधीर पाडेय आदि मौजूद रहे। सीएमओ डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में पंजीकरण न कराने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) उत्तराखंड के सचिव डॉ. डीडी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से वार्ता के बाद उनके निर्देश पर उत्तराखंड हेल्थकेयर एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का मसौदा तैयार किया गया था। स्वास्थ्य सचिव नितेश कुमार झा ने इसमें कुछ संशोधन की जरूरत बताई थी। उनके निर्देशानुसार संशोधित प्रारूप काफी समय पहले उन्हें सौंप दिया गया था, लेकिन इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
निजी चिकित्सकों ने विरोध स्वरूप अपने अस्पताल एवं क्लीनिक बंद किए हैं। जब तक इस संबंध में सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। आइसीयू में दो मरीज, डाक्टर है नहीं टीम को दून वेदाता हास्पिटल के आइसीयू में दो मरीज भर्ती मिले। आइसीयू में मरीज भर्ती होने के बाद भी वहा कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। तीमारदारों से बात करने पर पता चला कि डाक्टर सुबह आए थे और बाकी का काम नर्सिग स्टाफ देख रहा है।
अस्पताल के ऊपर चल रहा हॉस्टल 
ईसी रोड स्थित दून वेदाता हास्पिटल की ऊपरी मंजिल में एक हॉस्टल भी चल रहा है। मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहा पूछताछ की। यहां विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रही लड़कियां रह रही हैं।
ऑपरेशन थियेटर टीम को संतोषजनक नहीं मिला। टीम को ओटी में केवल स्ट्रेचर मिला। जबकि उपकरण नहीं होने पर एतराज जताया गया, कर्मचारियों से पूछने पर वह भी सही जवाब नहीं दे पाए।

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