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एनआइवीएच के छात्र-छात्राओं को आंदोलित करने वाले व्हाट्सएप ग्रुप की होगी जांच

एनआइवीएच के छात्र-छात्राओं को आंदोलित करने वाले व्हाट्सएप ग्रुप की होगी जांच

देहरादून: राष्ट्रीय दृष्टि बाधितार्थ संस्थान (एनआइवीएच) के निदेशक केवीएस राव ने कहा कि छात्र-छात्राओं को आंदोलित करने वाले व्हाट्सएप ग्रुप की जांच होगी। इसमें कौन लोग शामिल हैं, इसका जल्द खुलासा किया जाएगा। वहीं सुझाव व शिकायत निस्तारण के लिए कमेटी का गठन किया गया है। साथ ही छात्रों की 30 सूत्रीय मांग पत्र के निराकरण की डेडलाइन भी तय कर दी गई है।

गौरतलब है कि एनआइवीएच के एक शिक्षक पर छात्रों के यौन शोषण के आरोप लगे थे। इसके बाद शिक्षक को निलंबित कर दिया गया था। वहीं, संस्थान की निदेशक को हटाकर केवीएस राव को निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। प्रभार ग्रहण करने के बाद से ही नए निदेशक संस्थान में व्यवस्थाओं को ढर्रे पर लाने का प्रयास कर रहे हैं।

एनआइवीएच परिसर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए निदेशक केवीएस राव ने कहा कि संवादहीनता और समन्वय के अभाव में पूरा घटनाक्रम हुआ, मगर अब सब ठीक है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं ने संस्थान की गरिमा को बनाए रखने का संकल्प लेते हुए पूर्व की भांति पढ़ाई पर ध्यान देने की बात कही है।

निदेशक ने कहा कि छात्र-छात्राओं के पीछे कौन लोग आंदोलन को हवा दे रहे थे, इस बारे में कुछ साक्ष्य मिले हैं। खासकर व्हाट्सएप ग्रुप से छात्रों को उकसाने वालों की जांच कराई जा रही है। इस पर कार्रवाई क्या होगी, यह अभी तय नहीं है।

व्हाट्सएप ग्रुप में पूर्व छात्रों, दिव्यांगजनों से जुड़ी संस्थाओं के सदस्यों, स्टाफ को भी जांच के दायरे में रखा गया है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिसर के बाद अब क्लास रूम, छात्रावास, मेस आदि में भी सीसीटीवी कैमरों से नजर रहेगी। संस्थान में खेल मैदान की हालत बेहद खराब है इसे ठीक कराया जाएगा। शिक्षकों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं के बीच समन्वय बनाए रखने के लिए कमेटियां गठित की गई हैं। निदेशक और प्रिंसिपल क्लास से लेकर छात्रावास में सरप्राइज विजिट भी होगी।

विभागीय जांच से किया इन्कार  

संस्थान में यौन उत्पीड़न के आरोपित शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच कराने से निदेशक ने इन्कार किया। कहा कि इस मामले में पुलिस अपनी जांच कर रही है। बाकी कोर्ट से जो फैसला होगा, उसका इंतजार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्रालय की जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है। इस पर भी मंत्रालय निर्णय लेगा।

डॉक्टर और महिला गार्ड की तैनाती 

निदेशक ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए दो महिला गार्ड 31 अगस्त तक तैनात कर दी जाएंगी। इसके अलावा रात्रि में आपातकालीन चिकित्सा सेवा के लिए अंशकालिक डॉक्टर की 15 सितंबर से पहले तैनाती कर दी जाएगी। चिकित्सक परिसर में ही निवास करेंगी।

इन मांगों पर दी गई डेड लाइन 

– 15 सितंबर तक बन जाएंगे छात्र-छात्राओं के आइकार्ड

– छात्रावास में जनरेटर का प्रस्ताव एमईडी तैयार करेगी।

– कैंटीन में न्यूनतम दर पर गुणवत्तापरक सामग्री के लिए नए सिरे से टेंडर होंगे।

-स्कूल के लिए एक प्रोजेक्टर खरीदा जाएगा।

-स्कूल, हॉस्टल को लेकर आने वाले सुझाव और प्रस्तावों पर 31 अगस्त तक कार्रवाई की जाएगी।

-पॉकेट मनी महीने की हर 15 तारीख वितरित की जाएगी।

-गणित, विज्ञान और संस्कृत विषयों का प्रस्ताव अगले सत्र में सीबीएसइ को भेजा जाएगा।

-कर्मचारियों के व्यवहार में सुधार को 31 अगस्त को खुली बैठक रखी गई।

-30 सितंबर तक ब्वायज छात्रावास के लिए वार्डन नियुक्त किया जाएगा।

-छात्रावास की काउंसलर के अनुचित व्यवहार पर सेवाएं समाप्त कर दी है।

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